Gold Silver Price Today : साल 2025 की शुरूआत से ही सोने व चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही थी। अब नए साल 2026 के पहले महीने में चांदी और सोना अपने ऑलटाइम हाई से नीचे गिर गए हैं। दोनों कीमती धातुओं के रेट आम आदमी के बजट से बाहर चल रहे थे, लेकिन अब बड़ी गिरावट आने से खरीदारी बढ़ गई है। इस गिरावट के बाद सोनार की दुकानों पर भीड़ नजर आने लगी है। आईये जाने हैं अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?
आसमान से गिरा, खजूर में अटका’ सोने और चांदी की कीमतों में अचानक आई इस गिरावट पर सही बैठती है। दरअसल, पिछले कई दिनों से दोनों कीमती धातुओं के रेट आसमान छू रहे थे। लेकिन जनवरी 29 आधी रात को ऐसा करेक्शन आया कि सोने-चांदी के रेट 7वें आसमान से नीचे आ गिरे। सोने-चांदी में गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। वहीं खरीदारों में खुशी का माहौल है।
सोने-चांदी में तीसरी बार क्रेश –
दोनों कीमती धातुओं में लगातार तीन बार क्रेश देखने को मिला है। सबसे पहले 29 जनवरी शाम चांदी एक झटके में 65 हजार रुपये टूटी और कुछ ही घंटों में फिर से संभलकर 4 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। इसके बाद अगले दिन 30 जनवरी को चांदी (Silver Rate Down) 3,32,000 रुपये तक सस्ती हुई और यह शाम होते-होते 2,91,000 रुपये प्रति किलोग्राम गिर गई। 31 जनवरी, शनिवार को बाजार बंद रहा और आज 2 फरवरी को चांदी में बड़ी गिरावट आई। MCX पर फ्यूचर वाली चांदी 2,65,000 रुपये किलो पर क्लोज हुई।
इसके साथ ही सोने में भी तगड़ी गिरावट आई है। 29 जनवरी को सोना (Gold Rate) 1,80,000 रुपये प्रति दस ग्राम के ऑलटाइम हाई से सस्ता होकर 1,60,000 रुपये आ गया। 30 जनवरी को सोना 21 हजार रुपये घटकर 1,49,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। आज फरवरी को गोल्ड 6 हजार से ज्यादा टूटकर 1,43,000 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ है।
सोने की खरीदारी में तेजी –
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट (Gold-Silver Crash) आने से अब ज्वैलर्स की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ नजर आने लगी है। आम लोगों को सोने की कीमतें कम होने का बेसब्री से इंतजार था। बीते एक साल से गोल्ड के रेट लोगों के बजट से बाहर चल रहे थे। अब लगातार तीन दिन बड़ी गिरावट आने के बाद खरीदारी तेजी से एक्टिव हो गए हैं। वहीं निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। अब निवेशकों में यह कंफ्यूजन बना हुआ है कि मार्केट फ्लकचुएट कर रहा है और इस समय उन्हें क्या करना चाहिए।
सबको याद आई 1980 वाली गिरावट
बताया जा रहा है कि इससे पहले सन् 1980 में सोने व चांदी की कीमतों (Chandi ki Kiamt) में बड़ी गिरावट आई थी। उस समय चांदी 50 डॉलर प्रति औंस से सीधी 11 डॉलर प्रति औंस पर आ गई थी। उसके बाद अब जनवरी 2026 की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है। वहीं चांदी 27% से ज्यादा फिसली और इंट्रा-डे में तो इसमें 36% तक की गिरावट देखी गई। सोने और चांदी के रेट गिरने से बाजार में भूचाल आ गया है।
निवेशकों को एक्सपर्ट ने दी राय –
चांदी (Silver Rate) की ऐतिहासिक वोलैटिलिटी को देखते हुए कुछ एक्सपर्ट एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध तरीके से पैसा लगाने की सलाह दे रहे हैं। इससे एंट्री का जोखिम कम किया जा सकता है, जबकि सोलर, electronics और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स से जुड़ी इसकी स्ट्रक्चरल डिमांड में हिस्सेदारी भी बनी रहती है। कुछ एक्सपर्ट्स इस गिरावट को ट्रेंड रिवर्सल नहीं, बल्कि एक हेल्दी कंसोलिडेशन मानते हैं। हालांकि उनका कहना है कि ऊंची कीमतों के चलते भारत में फिजिकल डिमांड पर असर पड़ा है। इसलिए निकट अवधि में सोना और चांदी दोनों में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निवेशकों के लिए जरूरी संकेत –
सोने में लॉन्ग टर्म निवेशकों (gold long term investment) के लिए मौके बन सकते हैं, लेकिन चांदी में जोखिम फिलहाल ज्यादा दिख रहा है। मौजूदा माहौल में जल्दबाजी से निवेश करना नुकसान का सौदा हो सकता है। ऐसे में समझदारी से खरीद, मुनाफावसूली और सही एसेट एलोकेशन पर ध्यान देना ज्यादा सही रहेगा।
क्या सोना-चांदी खरीदने का यह सही मौका है?
इस सवाल पर एक्सपर्ट ने अलग-अलग राजय दी है। सोने और चांदी की कीमतों (Gold Silver Rate) को लेकर बाजार जानकारों का नजरिया भी अलग-अलग है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने के लॉन्ग टर्म फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं। उनके मुताबिक, आने वाले 2 सालों में सोने में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, मीडियम टर्म में यह और ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकता है।
