Expressway News : उत्तर प्रदेश में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर एक नया एक्सप्रेसवे बनाया जाने वाला है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया (land acquisition process) भी शुरू हो गई है। बता दें कि 1 दर्जन गांवों में जमीन खरीद बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। आइए जानते हैं यूपी में बनने वाले इस नए एक्सप्रेसवे के बारे में पूरी जानकारी।
यूपी में अब एक नया एक्सप्रेसवे बनाया जाने वाला है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक्सप्रेसवे (Expressway News) का निर्माण होने की वजह से राज्य के लोगों को काफी लाभ होगा। साथ ही में रोजगार के भी नए नए मौके मिलने वाले हैं। खबर के माध्यम से जानिये यूपी में बनने वाले इस नए एक्सप्रेसवे के बारे में।
जमीन अधिग्रहण की शुरू हुई प्रक्रिया
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर अब जमीनों अधिग्रहण की प्रक्रिया की शुरुआत की दी गई है। 519 किमी लंबाई में बनने वाला ये एक्सप्रेसवे यूपी, (expressway in UP) बिहार और बंगाल को कनेक्ट किया जाएगा। आठ किलोमीटर का हिस्सा गोरखपुर में पड़ने वाला है। इसके लिए 12 गांवों में 69.57 हेक्टेयर भूमि की खरीद-बिक्री पर प्रशासन के द्वारा रोक लगा दी गई है।
इतने गांवों की भूमि को किया जाएगा शामिल
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को यूपी में कुशीनगर के हाटा, कसया, तमकुहीराज तहसील होते हुए जाने वाला है। सर्वे कराकर एलाइनमेंट का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसी क्रम में गोरखपुर (Gorakhpur expressway) में आठ किलोमीटर लंबाई में कुल 12 गांवों की जमीनों को शामिल किया गया है। जगदीशपुर जंगल कौड़िया बाईपास के करमहा से गोरखपुर से सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से शुरू होने वाली है। इसको देखते हुए जमीनों की रजिस्ट्री नही की जा रही है। इसके लिए निबंधन कार्यालय (expressway News) में भी 577 गाटा नंबर की जमीनों की सूची उपलब्ध कराई जा रही है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रजिस्ट्री की अनुमति प्रदान कर दी गई है।
एक्सपर्ट ने दी जानकारी-
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी हिमांशु वर्मा ने तहसील सदर के उप निबंधक प्रथम एवं द्वितीय को पत्र जारी करके संबंधित गाटा की रजिस्ट्री पर रोक लगाने (UP New expressway) को लेकर अपडेट जारी कर दिया गया है। इस पत्र में बताया गया है कि एक्सप्रेसवे के भूमि अर्जन की प्रक्रिया पूरी होने तक जमीन क्रय-विक्रय नहीं होने वाला है।
एक्सप्रेसवे का निर्माण होने से पहले अधिग्रहित होगी जमीन-
बता दें कि इसमें निजी कृषि भूमि, सरकारी चकमार्ग, नाली, रास्ता, नवीन परती के साथ ही नदी के कुछ हिस्सों को भी शामिल किया गया है। बत दें कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए पहले जमीनों का अधिग्रहण (Land acquisition For expressway) किया जाने वाला है। उसके बाद एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में एक्सपर्ट ने बताया है कि भूमि अधिग्रहण के लिए राजस्व गांवों के गाटा नंबर सहित रकबा की सूची मिल गई है। इसकी रजिस्ट्री (Land registry) पर रोक लगा दी गई है।
एलाइनमेंट के तहत इतने गांव की अधिग्रहित होगी भूमि-
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट के तहत आए 12 राजस्व गांवों में संबंधित गाटा संख्या की जमीनों (UP News) की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल जमीन का क्रय-विकय नहीं हो रहे हैं। भूमि अर्जन में निर्धारित प्रक्रिया के लिए मुआवजा जारी कर दिया गया है।
इन गांवों की भूमि का होगा अधिग्रहण-
करमहा तप्पा पतरा में 5.4402 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण (Land acquisition) किया जाएगा।
महराजी तप्पा पतरा में 7.9063 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित होगी।
सोनवे गोनाराहा में 4.6814 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
अगया तप्पा पतरा में 8.4705 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
मटिहनिया सुमाली में 4.3276 हेक्टेयर भूमि का अवंटन (Land acquisition for new expressway) किया जाएगा।
उस्का में 2.2417 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित होगी।
नैयापार खुर्द में 5.4738 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा।
भरपुरवा में 7.1609 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
महुअवां खुर्द में 4.01510 हेक्टेयर (UP News) भूमि अधिग्रहित होगी।
राउतपार तप्पा केवटली में 10.55711 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित होगी।
हेमछापर में 5.01312 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
