Haryana News : हरियाणा में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब हरियाणा में रेलवे भूमि को खाली करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। ऐसे में अब लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनती नजर आ रही है। आइए जानते हैं रेलवे के इस नए अपडेट के बारे में।
रेलवे ने मंडी अटेली में रेलवे की भूमि पर कब्जा (Occupation of railway land) हटाने को लेकर नोटिस जारी किया है। भूमि खाली करने को नोटिस भेज दिये गए हैं। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से रेलवे (railway News) के इस अपडेट के बारे में बताने जा रहे हैं। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में।
11 दुकानदारों को मिला नोटिस
रेलवे लाइन के पास स्थित 11 दुकानदारों को रेलवे विभाग की ओर से तीन दिन के भीतर दुकानें (Railway land encroachment) खाली करने का नोटिस जारी कर दिये है। नोटिस में रेलवे विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि संबंधित दुकानों का निर्माण रेलवे भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। इस संबंध में न्यायालय द्वारा 20 सितंबर 2023 को रेलवे (Mandi Ateli shops) के पक्ष में फैसला सुना दिया गया है। इसमें दुकानदारों को दुकानें हटाने के लिए अपडेट जारी कर दिये थे। इसके बावजूद अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। इसकी वजह से अब तीन दिन की अंतिम मोहलत प्रदान कर दी गई है।
नोटिस में जारी किया अलर्ट
नोटिस में अलर्ट जारी कर दिया गया है कि निर्धारित समय में दुकानें नहीं हटाने पर रेलवे प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाने वाली है। नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों (eviction notice) में रोष और असमंजस की स्थिति बनती नजर आ रही है। दुकानदारों का मानना है कि वे सालों से इन दुकानों का किराया नगरपालिका को दे दिया है।
किराया वसूली पर उठ रहे हैं सवाल
दुकानदारों ने नगरपालिका द्वारा जारी किराया जमा करने के नोटिस भी जारी कर दिये हैं। उनका तर्क है कि जब वे नियमित रूप से नगरपालिका को किराया देते हैं, तो ऐसे में नगरपालिका ही इन दुकानों (shopkeepers protest) की स्वामी मानी जानी चाहिए। दुकानदारों को ये भी कहा जा रहा है कि अगर भूमि रेलवे की है, तो फिर इतने सालों तक नगरपालिका उनसे किराये की वसूली कर रहे हैं।
एक्सपर्ट्स ने दी जानकारी
एक्सपर्ट्स ने बताया है कि फिलहाल में इन दुकानों का किराया नगरपालिका (municipality rent) को प्राप्त नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया है कि रेलवे विभाग के अधिकारियों ने उनको अवगत कराया है कि ये भूमि रेलवे की है और इस संबंध में न्यायालय का फैसला भी रेलवे के पक्ष में भी लिया गया है। फैसला पक्ष में तो वे न्यायालय के आदेश के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही में रेलवे विभाग (Railway Department) के अधिकारियों का मानना है कि संबंधित भूमि रेलवे की है और कोर्ट द्वारा अतिक्रमण हटाने का आदेश पहले ही जारी किये जा चुके हैं। अब आदेश के अनुपालन के लिए ही दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिया गया है।
नगरपालिका सचिव ने भी उठाये सवाल
नगरपालिका सचिव ने ये भी सवाल उठाया कि जब दुकान बनाकर अतिक्रमण किया जा रहा था तो उस समय के रेलवे अधिकारियों ने क्यों कार्रवाई नहीं की है। इसके बाद फिलहाल दुकानदार दो विभागों नगरपालिका (municipality News) और रेलवे के बीच फंसे हुए हैं। एक ओर नगरपालिका किराया वसूलने की बात सामने आ रही है। तो फिर दूसरी ओर रेलवे अतिक्रमण हटाने पर अड़ गया है। आने वाले तीन दिन इस मामले में बेहद अहम माने जा रहे हैं। इसकी वजह ये है कि इसी अवधि में तय होगा कि दुकानें (Shops in Mandi Ateli) हटेंगी या मामला फिर किसी नए विवाद की ओर बढ़ाया जाएगा।
