new expressways : देशभर में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब सरकार एक और नए एक्सप्रेसवे का निर्माण कराने जा रही है। ये नया एक्सप्रेसवे हरियाणा दिल्ली समेत 3 अन्य राज्यों से गुजरने वाला है। इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 670 किलोमीटर होगी। आइए जानते हैं इस बारे में।
हरियाणा दिल्ली समेत 3 अन्य राज्यों से अब एक नया एक्सप्रेसवे गुजरने वाला है। ये नया एक्सप्रेसवे 670 किलोमीटर लंबा होगा। एक्सप्रेसवे का निर्माण होने की वजह से यात्रियों को यात्रा करने में काफी आसानी होगी। इसके साथ ही में रोजगार के भी नए नए मौके मिलने वाले हैं। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस नए एक्सप्रेसवे (new expressways) के बारे में बताने जा रहे हैं। खबर में जानिये इस बारे में पूरी डिटेल।
रफ्तार को बढ़ाने के लिए उठाया कदम
देश में प्रगति को रफ्तार देने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि अब सरकार इसी सोच के साथ केंद्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू करने वाली है। सरकार अब जल्द ही दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का निर्माण कराने जा रही है। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ दिल्ली को पंजाब और जम्मू-कश्मीर से तेजी से कनेक्ट होगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार के लिए भी इसे बड़ा गेम-चेंजर माना जा रहा है।
एक्सप्रेसवे की ये है खासियत
बता दें कि इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये उन रूट्स पर दबाव कम करेगी, जहां अभी ट्रैफिक, जाम और यात्रा का समय बहुत ज्यादा है। फिलहाल दिल्ली से अमृतसर जाने में लगभग 8 घंटे तक का समय लग जाता है। इसके साथ ही में दिल्ली से कटरा (वैष्णो देवी का गेटवे) तक यात्रा कई बार 14 घंटे तक खिंच जाती है। नये एक्सप्रेसवे (new expressways) के तैयार हो जाने के बाद दावा किया जा रहा है कि दिल्ली से अमृतसर का सफर सिर्फ 4 घंटे में और दिल्ली से कटरा करीब 6 घंटे में पूरा किया जा सकता है। इसका मतलब है कि आधे से भी कम समय में लोग एक राज्य से दूसरे राज्य और तीर्थ यात्राओं के लिए भी आसानी से पहुंच पाएंगे।
इस दिन मिल गई थी प्रोजेक्ट को मंजूरी
PM नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2022 को इस प्रोजेक्ट का मंजूरी प्रदान कर दी थी। ये प्रोजेक्ट भारतमाला परियोजना के तहत बनाया जाने वाला है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य देश के प्रमुख हाईवे कॉरिडोर को मजबूत करना और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाना है।
पहले चरण में होगा ये काम
दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे (Delhi-Katra Expressway) का पहला चरण यानी हरियाणा वाला हिस्सा अब शुरू किया जा चुका है। ये हिस्सा लगभग 135 किलोमीटर का है। इसके चालू होने का ये मतलब है कि लोगों को अब एक्सप्रेसवे की सुविधा का ग्राउंड पर लाभ दिखना शुरू हो गया है। हरियाणा स्ट्रेच कई जिलों और इलाकों से गुजरता है, इससे इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी काफी ज्यादा बेहतर हो जाता है। खासतौर पर जिन कस्बों और ग्रामीण (Delhi-Katra Expressway News) इलाकों में पहले सीधी तेज सड़क सुविधा कम थी, वहां अब आने-जाने की गति में सुधार दर्ज किया जाएगा। भविष्य में आसपास उद्योग, ढाबे, ट्रक स्टॉप और सर्विस एरिया जैसी गतिविधियां भी बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है।
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का होगा निर्माण
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (Delhi-Amritsar-Katra Expressway) की लंबाई 670 किलोमीटर होने वाली है। ये दिल्ली, पंजाब और जम्मू-कश्मीर, तीन बड़े क्षेत्रों को कनेक्ट कर देता है। इसका रूट इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये कई शहरों से होकर गुजरे, हालांकि एक्सप्रेसवे होने की वजह से यात्रा बिना किसी रुकावट के पूरी की जा सकेगी। बताया जा रहा है कि ये एक्सप्रेसवे दिल्ली के बहादुरगढ़ बॉर्डर के पास जसौर खेड़ी से शुरू होने वाला है और आगे चलकर पंजाब के इलाकों से गुजरते हुए अमृतसर तक पहुंच जाएगा और दूसरा हिस्सा जम्मू-कश्मीर में कटरा तक जाने वाला है।
एक्सप्रेसवे से बचेगा इतना समय
इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा लाभ ये होगा कि इसकी वजह से टाइम में बचत होगी और दूरी में भी कमी देखी जाएगी। फिलहाल दिल्ली से अमृतसर पहुंचने में अभी लगभग 8 घंटे तक का समय लग जाता है। एक्सप्रेसवे (Expressway News) का निर्माण होने के बाद ये समय कम होकर 4 घंटे का हो जाएगा। इसी तरह दिल्ली से कटरा पहुंचने में अभी करीब 14 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे का निर्माण होने के बाद ये समय घटकर 6 घंटे तक आ सकता है। दिल्ली से अमृतसर की दूरी इस रूट से लगभग 405 किलोमीटर बताई जा रही है। दिल्ली से कटरा की दूरी लगभग 670 किमी तक की होने वाली है। हालांकि फिलहाल ये करीब 727 किमी तक की थी।
धार्मिक पर्यटन को होगा बंपर लाभ
इस एक्सप्रेसवे को सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट नहीं माना जा रहा, बल्कि ये एक धार्मिक पर्यटन के लिए भी बड़ा बदलाव लेकर आ सकता है। दिल्ली और आसपास के राज्यों से हर साल लाखों लोग अमृतसर और वैष्णो देवी तक जाते हैं। हालांकि लंबी दूरी, ट्रैफिक और थकान की वजह से यात्रा कठिन हो जाती है। नया एक्सप्रेसवे (New Expressway Update) कई प्रमुख धार्मिक स्थानों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने वाला है। अमृतसर, वैष्णो देवी (कटरा) और पंजाब के कुछ अन्य धार्मिक स्थान जैसे सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खडूर साहिब, तरणतारन आदि को इसमें शामिल किया गया है।
तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को लेकर लिया फैसला
वैष्णो देवी हिंदुओं के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। कटरा इसके लिए प्रवेश द्वार माना जाता है। एक्सप्रेसवे (Expressway Latest News) के निर्माण होने की वजह से दिल्ली कटरा का सफर लगभग 6 घंटे में ही होने की संभावना लगाई जा रही है। इसकी वजह से तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ सकती है और कटरा व आसपास के क्षेत्रों में होटल, टैक्सी, दुकानें, स्थानीय सेवाएं और रोजगार बढ़ने की उम्मीद बन रही है।
यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
एक्सप्रेसवे (Expressway News) पर सिर्फ तेज गाड़ी चलाना ही जरूरी नहीं होता है। इसके साथ ही में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा उतनी ही अहम हो जाती है। इस वजह से इस प्रोजेक्ट में कई सुविधाओं की बात कही जा रही है। इसकी वजह से हाईवे यात्रा आरामदायक और सुरक्षित किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर रिफ्रेशमेंट सुविधाएं, ट्रॉमा सेंटर, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, ट्रैफिक पुलिस सपोर्ट, बस बे और ट्रक स्टॉप जैसी व्यवस्थाएं देने की योजना प्रदान की जा रही है। इन सुविधाओं का सबसे बड़ा लाभ हो रहा है। अगर लंबी यात्रा के दौरान कोई इमरजेंसी हो जाए तो मदद जल्दी मिल सकती है।
38,905 करोड़ में तैयार होगा एक्सप्रेसवे
बता दें कि ये परियोजना बहुत बड़े बजट की होगी। इसके लिए अनुमानित लागत लगभग 38,905 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसमें सड़क निर्माण के साथ-साथ भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) और अन्य जरूरी कार्य को भी शामिल किया गया है। इतना बड़ा बजट इस बात की ओर भी जानकारी दे रही है कि ये सिर्फ एक सामान्य हाईवे नहीं, बल्कि बड़े स्तर का नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर बनकर सामने आ रहा है। इस एक्सप्रेसवे को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI New Project) के द्वारा बनाया जा रहा है।
दो चरणों में होगी परियोजना का निर्माण
पहला चरण: इस परियोजना के लिए पहले चरण में दिल्ली, नकोदर, गुरदासपुर स्ट्रेच को ग्रीनफील्ड परियोजना (greenfield project) को बताया जा रहा है। कई हिस्सों में नई जमीन पर नया कॉरिडोर बनाने की तैयारी की जा रही है। इसकी लंबाई लगभग 397 किलोमीटर है। इसे 12 पैकेज में बांटा गया है।
दूसरा चरण: इस परियोजना के लिए दूसरे चरण में गुरदासपुर से कटरा तक का हिस्सा ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों तरह का बताया जा रहा है। इसका मतलब है कि कुछ जगह नए कॉरिडोर (new corridors) का निर्माण किया जाएगा और कुछ जगह पुराने और मौजूदा रूट को अपग्रेड करके इस्तेमाल किया जा सकता है। इस प्रोजेक्ट की लंबाई लगभग 99 किलोमीटर है और इसे 5 पैकेज में बांटा गया है।
