Haryana News :हरियाणा में आगामी दिनों में कहीं सफर पर जाने की सोच रहे हैं तो पहले ये खबर पढ़ लें। आपको आपकी मंजिल तक जाने में परेशानी हो सकती है। हरियाणा रोडवेज की कर्मचारी यूनियनों की ओर से 12 फरवरी को चक्का जाम रह सकता है। कर्मचारी यूनियनों की कई मांगे हैं।
हरियाणा में रोडवेज की कर्मचारी यूनियन की ओर से बड़ा एलान किया गया है। कर्मचारियों की ओर से एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोला जा रहा है। कर्मचारियों की ओर से बसों का चक्का जाम किया जाने का एलान किया गया है।
बैठक की गई आयोजित
रोडवेज कर्मचारी यूनियनों की ओर से समय-समय पर बैठक आयोजित की जाती है। अब कर्मचारियों की ओर से सरकारी की कुछ नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोला जा रहा है। इसको लेकर कर्मचारियों की ओर से बैठक की गई है। कर्मचारी यूनियनों ने यह बैठक चरखी दादरी डिपो की वर्कशॉप में की है। इस बैठक में प्रदेशभर से यूनियन नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सर्वसम्मति से लिया गया फैसला
कर्मचारी यूनियनों की ओर से सर्वसम्मति से 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का फैसला लिया गया है। ऐसे में यूनियनों की ओर से प्रदेश में रोडवेज का चक्का पूरी तरह जाम रखने का फैसला लिया गया है।
सरकार की नीतियों की आलोचना की
सरकार की ओर से रोडवेज को लेकर कुछ नीतियों पर बैठक में आलोचना की गई। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद ने की। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर जानबूझकर रोडवेज के बेड़े को खत्म कर प्राइवेट ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाने की कोशिश का आरोप लगाया।
यह भी लगाया आरोप
यूनियन नेता की ओर से रोडवेज का निजीकरण करने के प्रयासों का आरोप लगाया गया है। सरकार रोडवेज (Haryana Roadways) का निजीकरण करके न केवल कर्मचारियों के भविष्य को अंधकार में डाल रही है, बल्कि आम जनता से सस्ती परिवहन सेवा भी छीनना चाहती है। उन्होंने सरकार पर वायदा खिलाफी का भी आरोप लगाया।
किलोमीटर स्कीम का भी दिखाई नाराजगी
कर्मचारी यूनियनों की ओर से अपनी मांगों को रखा गया। इसमें कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन (OPS) योजना बहाली, किलोमीटर स्कीम और निजीकरण की नीतियों पर तत्काल रोक लगाने की बात कही। उन्होंने रोडवेज बेड़े में 10 हजार नई सरकारी बसों को शामिल करने की मांग रखी। साथ में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना और खाली पड़े पदों पर स्थायी भर्ती, चालकों, परिचालकों और लिपिकों के वेतनमान में कमियों को दूर करने की मांग की। कर्मचारी काफी टाइम से यह मांग कर रहे हैं।
की जाएगी गेट मीटिंग
बैठक (Roadways Meeting) में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जयकुमार दहिया और पवन शर्मा ने समेत अन्य ने आह्वान किया कि 12 फरवरी की हड़ताल को ऐतिहासिक बनाया जाए। हर डिपो और सब-डिपो पर गेट मीटिंग आयोजित की जाए। सरकार ने मांग नहीं मानी तो कड़े फैसले लिए जा सकते हैं, वहीं बैठक में काफी अन्य यूनियन पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
