Delhi-NCR – दिल्ली-एनसीआर में नई सिटी के विकास के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने किसानों की भूमि (farmers land) के लिए दरें भी फाइनल कर दी हैं। प्रस्तावित रेटों और तेजी से हो रही खरीद-फरोख्त से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश और विकास की संभावनाएं बढ़ गई हैं…इससे जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की जमीन पर विकसित होने वाले नए नोएडा के लिए किसानों से सीधे जमीन खरीदने (Buying land directly from farmers) की दरों का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार किसानों से 5,600 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन लेने का निर्णय किया गया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है और हरी झंडी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कहां विकसित होगा नया नोएडा-
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद (Dadri-Noida-Ghaziabad) विशेष निवेश क्षेत्र के रूप में नए नोएडा को विकसित किया जाना है। प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, जमीन की दरें तय होने के साथ ही नए नोएडा में तेजी से बढ़ रही जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक (Ban on buying and selling of land) लगाने के लिए रजिस्ट्री से जुड़ी एक नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इस व्यवस्था के प्रारूप पर मुख्यमंत्री ने नोएडा प्राधिकरण से रिपोर्ट मांगी है।
मास्टर प्लान को कैबिनेट (cabinet) से मंजूरी मिलने के बाद नए नोएडा क्षेत्र में शामिल गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री अचानक तेज हो गई थी। पहले प्राधिकरण रजिस्ट्री पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी में था, लेकिन शासन और सरकार (government) इसके पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में अब प्राधिकरण संतुलन बनाए रखने के लिए नई व्यवस्था तैयार कर रहा है।
मंजूरी के बाद सार्वजनिक होगी जानकारी-
अधिकारियों के अनुसार, जमीन की दरों को शासन से मंजूरी मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी। यदि कोई किसान अपनी जमीन बेचना चाहता है, तो वह प्राधिकरण में आवेदन कर सकेगा। प्राधिकरण दो महीने या उससे भी कम समय में आवेदन का निस्तारण (disposal of application) कर तय दरों पर जमीन का अधिग्रहण (acquisition of land) करेगा।
यदि प्राधिकरण किसी कारण से जमीन नहीं खरीदेगा, तो किसान उसे किसी अन्य को बेचने के लिए स्वतंत्र होगा। जमीन लेने से इनकार करने की स्थिति में संबंधित अधिकारी को उसका स्पष्ट कारण बताना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्राधिकरण चरणबद्ध तरीके से किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन लेकर विकास कार्य शुरू करेगा। जमीन अधिग्रहण और रजिस्ट्री से जुड़ी व्यवस्था को लेकर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) को प्रस्ताव से अवगत कराया है, जिस पर मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त तथ्यों के साथ विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बागपत और खेकड़ा के गांव भी आएंगे दायरे में-
प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक नए नोएडा (new noida) के दायरे को और बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। इस विस्तार में बागपत और खेकड़ा तहसील के कुछ गांवों को शामिल किए जाने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन का यह प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, जिस पर नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) से भी राय मांगी गई है। बागपत तहसील में 113 गांव और तीन कस्बे हैं, जबकि खेकड़ा तहसील में 53 गांव शामिल हैं।
यदि इन क्षेत्रों को निवेश क्षेत्र में शामिल किया जाता है, तो नए नोएडा का दायरा और विस्तृत हो जाएगा, जिसके लिए अलग से मास्टर प्लान तैयार करना होगा। बताया जा रहा है कि इन गांवों को शामिल करने पर पहले भी मंथन हो चुका है।
योजना को वर्ष 2024 में मिली मंजूरी-
नए नोएडा के मास्टर प्लान-2041 (New Noida Master Plan-2041) को यूपी कैबिनेट ने 18 अक्टूबर 2024 को मंजूरी दी थी। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, अस्थायी कार्यालय खोलने के लिए जमीन सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र (Sikandrabad Industrial Area) के पास जोखाबाद और सांवली गांव में देखी गई है, जिसमें लगभग 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र दफ्तर के लिए लिया जाएगा। मास्टर प्लान के अनुसार नए नोएडा का विकास चार चरणों (New Noida will be developed in four phases) में होना था। हालांकि, योजना में बदलाव करना पड़ेगा क्योंकि पहला चरण 2027 तक पूरा होना था, लेकिन इसकी शुरुआत अब तक नहीं हो पाई है।
