Update for Employees : सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों के लिए हाल ही में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बता दें कि अब पीएफ की ब्याज दरों (PF Intrest Rate) पर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अब पीएफ की ब्याज दरों को कम करके 8 से 8.20 प्रतिशत के बीच किया जा सकता है। आइए जानते हैं कर्मचारियों के लिए जारी किये गए इस अपडेट के बारे में।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के कर्मचारियों के लिए हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आई है। ईपीएफओ प्रोविडेंट फंड ब्याज दर (EPFO Provident Fund Interest Rate) को कम किया जा सकता है। इसके बाद कर्मचारियों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ने वाली है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं इस बारे में।
EPFO के सदस्यों के लिए बड़ा अपडेट
EPFO के सदस्यों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। ईपीएफओ प्रोविडेंट फंड ब्याज दर (EPFO PF rate 2025-26) को कम कर सकता है। इसे 8.25 प्रतिशत से कम करके वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रोविडेंट फंड ब्याज दर 8 से 8.20 प्रतिशत के बीच किया जा सकता है। इस पर अंतिम फैसला मार्च में 239वीं सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT New Report) की बैठक में होने की उम्मीद लगाई जा रही है। CBT का प्रयास है कि वे EPFO बढ़ते भुगतान दायित्वों के साथ कॉर्पस सुरक्षा को संतुलित कर सकते हैं।
विधान चुनाव का ये होगा प्रभाव
जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में होने वाले चुनावों सहित राजनीतिक विचार, EPFO को लगातार तीसरे वर्ष ब्याज दर (provident fund interest rate 2026) को पिछले वर्ष के स्तर पर बनाए रखने के लिए मजबूर किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, “सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, हालांकि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत अधिक लोगों के EPFO (EPFO News) में शामिल होने के साथ, यह उम्मीद की जाती है कि अधिक लोगों को भुगतान के लिए दरें थोड़ी कम हो सकती हैं। इसकी वजह से EPFO के साथ एक न्यूनतम बफर बनाए रखा जा सकते हैं।
निवेश रिटर्न की सिफारिशें होगी मंजूर
अंतिम दर की घोषणा से पहले, EPFO की वित्त, निवेश और लेखा परीक्षा समिति (FIAC New Update) फरवरी के आखिरी सप्ताह में चालू वित्त वर्ष के लिए निवेश रिटर्न का आकलन करने और CBT को एक उपयुक्त ब्याज दर की सिफारिश करने के लिए बैठक करने वाली है। एक बार मंजूरी मिल जाने के बाद, वित्त मंत्रालय (EPFO latest news) में इसको मंजूरी प्रदान की जाएगी। इसके बाद श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी और उम्मीद लगाई जा रही है कि 2026 के मध्य तक सदस्य खातों में क्रेडिट दिखाई देगा।
एजेंडे में दी गई है इस बात की जानकारी
EPFO बोर्ड से वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने पर चर्चा करने की उम्मीद लगाई जा रही है। इसकी वजह से अधिक श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवरेज (EPFO wage ceiling 2026) का विस्तार होने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में EPFO को चार महीने के भीतर सीमा को संशोधित करने का निर्देश को जारी कर दिया था। इसमें महंगाई और बढ़ती मजदूरी का हवाला दिया गया था, जिसने कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से को अनिवार्य भविष्य निधि कवरेज (PF interest rate hike) से बाहर कर दिया है। FIAC, इन विचार-विमर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
