New Expressway in UP : उत्तर प्रदेश में सरकार कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। अब राज्य में सड़क कनेक्टिव को और बेहतर बनाने के लिए नए एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। इस कड़ी में अब यूपी में एक और नया लिंक एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है। दरअसल, गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) से एक जिले को जोड़ने के लिए नया लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इसके लिए 42 गांव की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं –
उत्तर प्रदेश की विकास गति को रफ्तार देने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। प्रदेश में नए शहर बसाए जा रहे हैं और एक के बाद एक नए एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। सरकार के इन प्रयासों के चलते आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है।
राज्य के सभी जिलों को एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी देने के लिए सरकार नए एक्सप्रेसवे बनवा रही है। अब गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) से प्रदेश के एक जिले को जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 42 गांव के किसानों की 650 हेक्टेयर भूमि खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल तक भूमि खरीदकर बैनामा कराने के आदेश दिए गए हैं।
बनेगा 91KM का एक्सप्रेसवे –
गंगा एक्सप्रेसवे से छह जनपदों को जोड़ने के लिए करीब 91 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे (New Link Expressway) बनाया जाएगा। लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से जनपद इटाव, कन्नौज, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, हरदोई व शाहजहांपुर सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे। इससे इन शहरों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और सफर पहले से काफी आसान हो जाएगा। बता दें कि नया लिंक एक्सप्रेसवे (UP New Link Expressway) बनाने के लिए सरकारी भूमि के अलावा सभी 6 जनपदों में 1247 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी जाएगी। रिपोर्ट में सामने आया है कि भूमि खरीद के लिए 1902 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन गांव से होकर गुजरेगा 46 KM एक्सप्रेसवे –
जनपद में लिंक एक्सप्रेसवे (New Link Expressway) की लंबाई करीब 46 किलोमीटर होगी। है। जिले में तहसील सदर के 30 राजस्व गांवों में अदिउली, बराकेशव, बरौन, बीसलपुर तराई, चकरपट्टी, गंगौली, कुबेरपुर घाट, रसीदपुर, सिरमौरा तराई, गुतासी, नदौरा, जनैया सिठैया, आमिलपुर, आवाजपुर, बाबरपुर, बराकसू उर्फ रानीगढ़, कन्हूयाकूबपुर, कटैया, कटरी भीमपुर, कटरी धर्मपुर, कटरी कंचनपुर, सिरौली, शिकारपुरघाट, सिठऊपुर कुर्मी, फगुना अतनपुर, मदनपुर, नगला बाग रठौरा, नीबकरोरी, भटकुर्री, खिमसेपुर शामिल हैं।
इन गांव के किसानों को भूमि की कीमत सर्किल रेट से 4 गुना मिलेगी –
वहीं तहसील अमृतपुर के 12 राजस्व गांवों में तुर्कहटा, सबलपुर, बिलालपुर, नगला घाघ, चित्रकोट, रामपुर जोगराजपुर, अंबरपुर, जगतपुर, कंचनपुर, गाजीपुर गांधी व उजरामऊ से होकर लिंक एक्सप्रेसवे निकाला जाएगा। इसके निर्माण में सरकारी भूमि के अलावा किसानों से 650 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। किसानों को सर्किल रेट (Circle Rate) से 4 गुना भूमि की कीमत का भुगतान किया जाएगा।
यूपीडा को सौंपी गई एक्सप्रेसवे की जिम्मेदारी –
बता दें कि नए लिंक एक्सप्रेसवे (New Link Expressway) के निर्माण की जिम्मेदारी UPDA को सौंपी गई है। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो व लेखपालों भूमि खरीद प्रक्रिया अप्रैल तक पूरी करने को कहा गया है। इसके बाद निर्माण शुरू होगा। लिंक एक्सप्रेस के निर्माण से जिले की महानगरों से कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
इससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। गैर प्रांतों के उद्यमी भी जिले में आकर अपना उद्योग स्थापित करेंगे। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा किसान अपने उत्पादों को दूसरे जिलों और बड़े शहरों तक आसान से पहुंच पाएंगे और अच्छ मुनाफा कमा सकेंगे। जिलाधिकारी के निर्देश SDM, तहसीलदार, कानूनगो व लेखपालों ने बैनामा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। SDM सदर रजनीकांत पांडेय ने बताया कि लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए किसानों से भूमि खरीदने की प्रकिया शुरू हो गई है।
