Delhi Metro : दिल्ली एक भीड़ भाड़ वाला शहर है। यहां पर सुबह-शाम अच्छी खासी भीड़ देखने को मिलती है। वैसे तो दिल्ली (Delhi Metro Updates) के के कई हिस्से पहले ही मेट्रो से जुड़े हुए हैं, लेकिन अब दिल्ली का हर कोना मेट्रो से जुड़ने वाला है। अब यहां पर 6 नए कॉरिडोर पर 84 नए स्टेशन बनाने का प्लान तैयार किया गया है। आइए खबर के माध्यम से विस्तार से जानते हैं इस बारे में-
दिल्ली में परिवहन इंफ्रास्ट्रचर को नई मजबूती देने के लिए शासन ने एक प्लान तैयार किया है। अब दिल्ली-एनसीआर (Delhi Metro Latest News) में 6 नए कॉरिडोर बनाए जाने वाले हैं और तकरीबन 84 नए स्टेशन भी खुलेगें। अब जल्द ही NCR के हर एक इलाके में मेट्रो कनेक्टिविटी मिल जाएगी और ट्रैफिक की समस्या कम होगी । आइए खबर में जानते हैं कि ये नए मेट्रो स्टेशन कहां बनेंगे।
कितना बढ़ेगा दिल्ली मेट्रो का दायरा
दरअसल, आपको बता दें कि दिल्ली मेट्रो का दायरा (Delhi Metro’s coverage) 2026 के आखिर तक राजधानी के हर कोने में फैला होगा। इससे दिल्ली की गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद से भी साउथ दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली या किसी भी कोने तक आवागमन सुगम होगा। वैसे तो अभी दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तीन प्रायोरिटी कॉरिडोर पर तेजी से काम हो रहा है और इस महीने तक इनका लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक निर्माण काम हो गया है।
दिल्ली मेट्रो में इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या
वहीं, प्रायोरिटी कॉरिडोर (Priority Corridors) के साथ ही 3 नई लाइनों को हरी झंडी दिखाई गई है।फेज-4 का काम पूरा होते ही दिल्ली मेट्रो में इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या (interchange stations in Delhi Metro) 29 से बढ़ जाएगी और 40 से ज्यादा हो जाएगी। बता दें के इसके लिए फेज 4 में जनकपुरी पश्चिम से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन पर ट्रायल या आंशिक शुरुआत हो गई है और बाकी लाइनें 2026 के आखिर तक चालू हो सकती है।
मेट्रो फेज-4 का सबसे लंबा कॉरिडोर
बता दें कि दिल्ली मेट्रो फेज-4 का सबसे लंबा कॉरिडोर जनकपुरी-आरके आश्रम कॉरिडोर (Magenta Line Extension) है। बता दें कि यह मौजूदा मैजेंटा लाइन का विस्तारीकरण है और इसमे जो मुख्य स्टेशन है, वो जनकपुरी पश्चिम, कृष्णा पार्क एक्सटेंशन है।
वहीं, कई इलाकों को जैसे की पीरागढ़ी, मंगोलपुरी, पीतमपुरा, प्रशांत विहार, हैदरपुर बादली मोड़, आजादपुर, अशोक विहार, नबी करीम को आरके आश्रम से कनेक्ट किया जा रहा है।कृष्णा पार्क एक्सटेंशन तक का हिस्सा ओपन हो गया है और बचे हुए हिस्से को जून-जुलाई 2026 तक चरणबद्ध तरीके ओपन कर दिया जाएगा। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 28.92 किमी होगी और कुल 7 अंडरग्राउंड, 15 एलिवेटेड स्टेशन मिलाकर 22 स्टेशन होंगे।
पिंक लाइन बनेगी दिल्ली की पहली रिंग मेट्रो
मजलिस पार्क – मौजपुर कॉरिडोर पिंक लाइन (Pink Line Extension ) के विस्तारीकरण का काम करेगा, जिसके पूरा होने पर पिंक लाइन दिल्ली की पहली रिंग मेट्रो (Circular Route) बनेगी। इसमे जो मुख्य स्टेशन है, उनमे बुराड़ी क्रॉसिंग, सूरघाट, सोनिया विहार, खजूरी खास, झरोदा माजरा, जगतपुर गांव, भजनपुरा और यमुना विहार का नाम शामिल हैं, जिसका निर्माण तकरीबन 80-85 प्रतिशत पूरा हो गया है। बता दें कि भजनपुरा और यमुना विहार के बीच मेट्रो का पहला डबल-डेकर वायाडक्ट तैयार हो गया है। अब उम्मीद है कि ये 2026 के अगले कुछ महीनों में चालू किया जा सकता है।
इन स्टेशनों पर पूरा हुआ टनलिंग का काम
दिल्ली मेट्रो की ये लाइन पहले सिल्वर लाइन के नाम से प्रसिद्ध थी और अब बदलावों के साथ इसको गोल्डन लाइन (Golden Line) कहा जाने लगा है। यह साउथ दिल्ली के कई हिस्सों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कनेक्ट करेगी। इसमे जो मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। वो एयरोसिटी, महिपालपुर, अंबेडकर नगर, खानपुर, संगम विहार वसंत कुंज, किशनगढ़, छतरपुर, इग्नू, नेब सराय, साकेत जी-ब्लॉक, और तुगलकाबाद का नाम शामिल है। तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी (Tughlakabad Railway Colony) और वसंत कुंज जैसे स्टेशनों पर टनलिंग का काम हो गया है और तकरीबन 24 किमी की इस मेट्रो लाइन की शुरुआत मार्च 2026 तक हो सकती है।
कितना लंबा है इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर
इंद्रप्रस्थ की बात करें तो यह तकरीबन 12.37 किमी लंबा कॉरिडोर है और इसमे कुल 10 स्टेशन होंगे। बता दें कि यह पुरानी दिल्ली (Green Line Extension) और सेंट्रल दिल्ली के बीच मेट्रो कनेक्शन को मजबूत बनाएगा और अब इसे मैजेंटा लाइन का विस्तार किया जा रहा है। वहीं, साकेत जी ब्लॉक (Golden Line Extension) की लंबाई 8.38 किमी है और इस ब्लॉक में कुल 8 स्टेशन होंगे और यह ब्लॉक दक्षिण दिल्ली के महत्वपूर्ण हिस्सों को कनेक्ट करेगा।
रिठाला – नरेला – कुंडली (Red Line Extension) कॉरिडोर की लंबाई 26.5 किमी प्रस्तावित है और यह राजधानी को हरियाणा से कनेक्ट करेगा।
जानिए क्या है दिल्ली मेट्रो फेज-4 की खूबी
दिल्ली मेट्रो फेज में कई खूबियां है। दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के नए कॉरिडोर (New corridors of Delhi Metro Phase-4) पर भी मैजेंटा और पिंक लाइन की तरह ‘ड्राइवरलेस’ तकनीक का यूज होगा। वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सड़क और मेट्रो एक ही पिलर पर निर्मित होंगे, जिससे जमीन सेफ होगी। मेट्रो फेज-4 के बाद आजादपुर, जनकपुरी पश्चिम, लाजपत नगर और साकेत जैसे स्टेशन बड़े ट्रांजिट हब ब न जाएंगे। फेज-4 का पूरा होते ही दिल्ली मेट्रो में इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या बढ़ जाएगी।
जानिए क्या है दिल्ली मेट्रो की खासियत
दिल्ली मेट्रो में अभी 289 मेट्रो स्टेशन एक्टिव है और डेली के 65 से 70 लाख लोग 395 किलोमीटर की कुल लाइन पर ट्रेवल करते हैं। अगस्त 2025 में 81.8 लाख यात्रियों ने सफर का रिकॉर्ड बनाया था और साल भर में कुल 200 करोड़ से ज्यादा यात्राएं हुई है। अब फेज-4 के विस्तारीकरण के बाद कुल 40 इंटरचेंज स्टेशन हो जाएंगे और 500 किमी हो जाएगी। अभी इस मेट्रो लाइन निर्माण का 112 किमी काम हो रहा है।
बता दें कि दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क (Delhi Metro network) दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ तक फैला था। वैसे तो अभी फिलहाल 12 कलर कोडेड लाइन रूट पर मेट्रो चलती है और मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई तकरीबन 395 किलोमीटर है।
20 से ज्यादा श्हरों में हो रहा मेट्रो रेल का परिचालन
बता दें कि देश के 20 से ज्यादा श्हरों में मेट्रो रेल का परिचालन (Operational) किया जा रहा है। अब इंडिया दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क (largest metro network) वाला देश बन गया है। दिल्ली-NCR में दिल्ली के अलावा नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़ और ग्रेटर नोएडा शामिल हैं।
मुंबई, बैंगलुरू में मेट्रो कनेक्टिविटी
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मेट्रो की कई लाइनें चालू हो गई हैं, जिसमें लाइन 1, 2A, 7 शामिल है और हाल ही में चालू हुई अंडरग्राउंड लाइन 3 (Aqua Line) के हिस्से में शामिल की गई हैं। वहीं, बेंगलुरु में नम्मा मेट्रो’ के नाम से पॉपुलर भारत का दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बनने को तैयार है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद देश का तीसरा सबसे बड़ा ऑपरेशनल नेटवर्क है।
कहां चली थी देश की पहली मेट्रो की
इसके साथ ही कोलकाता के पश्चिम बंगाल में देश की पहली मेट्रो (country’s first metro) की शुरुआत हुई थी और अब यहां पर हावड़ा मैदान से साल्ट लेक के बीच अंडरग्राउंड मेट्रो शुरू है। इसके साथ ही तमिलनाडु के चेन्नई में दो कॉरिडोर शहर के प्रमुख हिस्सों को कनेक्ट करते हैं। इसके साथ ही अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी मिलती है। महाराष्ट्र के पुणे में भी कई सेक्शन यात्रियों के लिए ओपन हो गए हैं।
जानिए अन्य राज्यों के मेट्रो कॉरिडोर
इसके साथ ही नागपुर में ‘माझी मेट्रो’ के दो कॉरिडोर (Two corridors of ‘Majhi Metro’) संचालित है और कोच्चि मेट्रो अपनी आधुनिक सुविधाओं और वॉटर मेट्रो फीडर के तौर पर विख्यात है। यूपी के लखनऊ में अमौसी एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक का रूट ओपन हो गया है और कानपुर में आईआईटी कानपुर से मोतीझील तक का खंड ओपन है।
इसके साथ ही आगरा में भी मेट्रो का फर्स्ट फेज (First phase of the metro) ओपन हो गया है और जयपुर में पिंक सिटी में मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक मेट्रो का संचालन होता है। इसके अलावा बिहार का प्राथमिक सेक्शन 2025 के के आखिर और 2026 की शुरुआत में चालू किया गया है। भोपाल और इंदौर शहर में प्रायोरिटी कॉरिडोर पर ट्रायल रन के बाद संचालन शुरू हो गया है।
