new expressway : देश के कई हिस्सों में सड़क व्यवस्था और परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नए-नए एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। अब जल्द ही एक ओर एक्सप्रेसवे बनकर तैयार होने वाला है। इस नए एक्सप्रेसवे (new expressway) के निर्माण से 1350 किलोमीटर का सफर सिर्फ 12 घंटे में तय किया जा सकेगा। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि ये एक्सप्रेसवे कहां बनाया जाने वाला है।
अब जल्द ही देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार होने को हैं। इस नए एक्सप्रेसवे से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ ही उनका समय भी बच सकेगा। इस नए एक्सप्रेसवे (new expressway updates)के निर्माण से आर्थिक एकीकरण में सुधार होने के साथ ही रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। आइए खबर में जानते हैं कि ये एक्सप्रेसवे कहां बनाया जाएगा और कब तक इस एक्सप्रेसवे को शुरू किया जाएगा।
कौन सा है ये एक्सप्रेसवे
हम बात कर रहे हैं दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) की, जिसका काम 2027 तक पूरा होगा। आप इस एक्सप्रेसवे से मुंबई का सफर सिर्फ 12 घंटे में पूरा कर सकेंगे। अभी यहां इस यात्रा में लगभग 33 घंटे का वक्त लगता है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री (Union Minister of State for Road Transport and Highways) ने जानकारी देते हुए कहा है कि इस रास्ते से आर्थिक एकीकरण में जबरदस्त सुधार होगा। केंद्र सरकार की ओर से राजधानी दिल्ली को भी जाम मुक्त बनाने की स्कीम्स पर काम हो रहा है।
रोड प्रोजेक्ट्स के लिए इतना बजट अलोट
उनका कहना है कि इस बार केंद्रीय बजट में देश के रोड प्रोजेक्ट्स (Road projects in country) के लिए तकरीबन तीन लाख करोड़ रुपए अलोट कराए गए हैं। रोड प्रोजेक्ट्स के लिए इस आवंटन से सड़क व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जान लें कि केंद्रीय सरकार की दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे जरूरी प्रोजेक्ट में से एक है और इसके तहत 1350 किलोमीटर लंबे रोड के माध्यम से दिल्ली- मुंबई को कनेक्ट करने की तेयारी चल रही है।
ग्रीन हाईवे कॉरिडोर में शामिल है ये प्रोजेक्ट
कई फेज में इस एक्सप्रेसवे पर काम हो रहा है और यह सरकार के ग्रीन हाईवे कॉरिडोर (Green Highway Corridor) में शामिल है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों को काफी लाभ होगा और उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के जाम और भीड़ भाड़ को कम करने के लिए भी दिल्ली- एनसीआर की कई योजनाओं पर वर्क हो रहा है। इन्हीं योजनाओं में एक दिल्ली- सहारनपुर प्रोजेक्ट (Delhi-Saharanpur Project) को जल्द शुरू किया जाने वाला है।
केंद्र सरकार कर रही इस प्रोजेक्ट पर काम
दिल्ली- एनसीआर के लिए केंद्र सरकार (Central government Projects) की ओर से 24000 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है और इसकेर साथ ही NHAI ने आश्रम से बदरपुर, पंजाबी बाग से टिकरी बार्डर और महरौली-गुरुग्राम रास्ते समेत कई सड़क हिस्सों को अपने हाथ में लिया है। उनका कहना है कि आश्रम से बदरपुर बार्डर तक मथुरा रोड और पुरानी दिल्ली से रोहतक रोड और पंजाबी बाग से टिकरी बार्डर तक, महरौली-गुरुग्राम रोड (Mehrauli-Gurugram Road) तक कुल 33 किमी लंबे है। बता दें कि ये दिल्ली और पड़ोसी इलाकों के बीच बेहद अहम लिंक हैं।
कटरा से कनेक्ट होंगे दिल्ली और गुरुग्राम
उनका कहना है कि दिल्ली में जाम कम करने के लिए दिल्ली और हरियाणा में केएमपीई (Kundli Manesar Palwal Extension) से अर्बन एक्सपेंशन रूट -दो तक दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के एक्सपेंशन पर केंद्रित है। यह यूईआर-दो और द्वारका एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली और गुरुग्राम को कटरा से कनेक्ट करेगा। ठीक ऐसे ही दिल्ली और यूपी में अलीपुर के पास एनएच-344एम का ट्रानिका सिटी के निकट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे तक ले जाने का प्लान है।
इन रास्तों पर कम होगा ट्रेफिक का दबाव
बता दें कि यह एनएच-44/दिल्ली आउटर/इनर रिंग रोड के लिए बाईपास के तौर पर काम आएगा, क्योंकि उत्तरी/उत्तर-पश्चिमी/पश्चिमी/दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली और गुरुग्राम जाने वाला ट्रैफिक यूईआर-दो (Traffic UER-2) और द्वारका एक्सप्रेसवे से होते हुए गंतव्य स्थान तक पहुंचेगा। इसके साथ ही दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे से नेल्सन मंडेला मार्ग, वसंत कुंज तक एक रोड टनल बनेगा, जिससे द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) से नेल्सन मंडेला रास्ते से जाम का दबाव कम होगा। इस प्रोजेक्ट का गुजरात मौजुद लगभग 87 किलोमीटर हिस्सा निर्मित करना चुनौती बन रहा है।
