Credit Card bill interest : आज के समय में क्रेडिट कार्ड यूजर्स की संख्या काफी बढ़ गई है, लेकिन जहां क्रेडिट कार्ड फायदे का सौदा है। वहीं, कई बार ये कार्ड जी का जंजाल बन जाता है। अगर क्रेडिट कार्ड के बिल (Credit Card bill) को समय पर चुकता न किया जाए तो इस पर भारी ब्याज लग सकता है। अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का यूज करते हैं तो ये खबर आपके लिए काम की होने वाली है।
क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए ये खबर बेहद काम की होने वाली है। कई बार ऐसा भी होता है कि यूजर्स अपने बजट के हिसाब से क्रेडिट कार्ड के कुछ बिल का भुगतान कर देते हैं और थोड़ा बहुत भुगतान छोड़ देते हैं, लेकिन इस वजह से आपको भारी ब्याज (Credit Card bill interest) का भुगतान करना पड़ सकता है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि क्रेडिट कार्ड का बिल न चुकाने पर कितना ब्याज लगेगा।
बिल की देरी पर बैंक लगाएगा चार्ज
बता दें कि क्रेडिट कार्ड के बिल में सिर्फ 500 रुपये की देरी भी बड़ा नुकसान का कारण बन सकती है। इसके लिए रिजर्व बैंक ने कुछ नियम (RBI Rule) बनाए हैं। ऐसे में अगर आप क्रेडिट कार्ड का Minimum Due या Total Due तय तारीख तक चुकता नहीं करते हैं तो ऐसे में बैंक आप पर लेट पेमेंट फी (Late Payment Fee) लगा सकता है।बता दें कि यह फीस बैंक और बकाया राशि के हिसाब से तय की जाती है।
हम आपको एक उदाहरण के माध्यम से समझाते हैं। जैसे कि अगर आपके क्रेडिट कार्ड बिल (credit card bill) 20,000 रुपये है और अब आपने Due Date तक 19,500 चुकता कर दिए और सिर्फ 500 रुपये नहीं चुकाए तो आपकी ये छोटी से गलती बड़ी साबित हो सकती है।
लेट पेमेंट फी को लेकर आरबीआई नियम
अगर आपके बिल का बकाया (Bill outstanding) सिर्फ 500 रुपये है, तो आरबीआई नियमों के मुताबिक इतने ही अमाउंट के हिसाब से लेट फीस लगाई जाएगी, जो 100 रुपये के पास लगेगी। इस पर आपको जीएसटी का भुगतान (GST payment) करना होगा, जिसके बाद पूरा अमाउंट 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ लगभग 118 रुपये बन जाएगा। वैसे तो क्रेडिट कार्ड पर आम तौर पर ब्याज 3 प्रतिशत–3.5 प्रतिशत प्रति महीना लगता है।
कैसे ब्याज से बढ़ेंगी मुश्किलें
यानी साल के हिसाब से 40 प्रतिशत से भी अधिक होता है। ऐसे में अब अगर आप महज महीने भर बाद पैसे चुकाते हैं, तो इससे आपको तकरीबन 18 रुपये ब्याज चुकता करना होगा। ऐसे देखें तो 100 रुपये लेट फीस+18 रुपये जीएसटी +18 रुपये ब्याज के तौर पर कुल 136 रुपये लगेंगे।
अगर आप यह सोच रहे हैं कि 3.5 प्रतिशत प्रति महीने का अर्थ यानी सालाना 42 प्रतिशत ब्याज है, तो फिर आपने कंपाउंडिंग को इग्नोर किया है। हर महीने के ब्याज (Credit Card Bill Monthly interest) को जोड़ें तो उस पर भी आपको अगले महीने ब्याज का पेमेंट करना होगा, जिस वजह से कुल ब्याज 51 प्रतिशत होगा। वहीं लेट पेमेंट फीस और उस पर जीएसटी भी बढ़ेगी, जिससे आपका नुकसान होगा और आपके जेब पर भार बढ़ेगा।
कितनी रकम पर लगेगा ब्याज
बता दें कि अगर आपने क्रेडिट कार्ड का पूरा बकाया (Total Amount Due) समय पर चुकता नहीं किया तो ब्याज-मुक्त अवधि (Interest Free Period) समाप्त हो जाती है, यानी अब बैंक की ओर से बिल लेट चुकाने पर ब्याज लग सकता है। हालांकि, पूरे बिल पर ये ब्याज नहीं लगेगा। ब्याज सिर्फ भुगतान के बाद की बाकी बची रकम पर लगेगा,ना कि पूरे बिल की रकम पर ब्याज लगाया जाएगा।
क्या पूरे बिल पर लगेंगे लेट पेमेंट फीस और देरी से जुड़े चार्ज
हम आपको एक उदाहरण के माध्यम से समझाते हैं। उदाहरण के लिए अगर कुल बिल 20,000 रुपये था और आपने अगर 19,500 रुपये चुकता कर दिए हैं तो इस हिसाब से ब्याज सिर्फ बचे हुए 500 रुपये पर लगाया जाएगा। ये ब्याज 20,000 रुपये की पूरी रकम पर नहीं लगेगा। जानकारी के लिए बता दें कि लेट पेमेंट फी (Late Payment Fee) भी सिर्फ बकाया रकम पर लगाई जाएगी। डयू डेट के बाद बाकी बची रकम पर ही लेट पेमेंट फीस (Late Payment Fee) और देरी से जुड़े दूसरे चार्ज लगेगें, पूरे बिल पर ये चार्ज नहीं लगाया जाएगा। अगर रिफंड या रिवर्स ट्रांजेक्शन का लाभ होगा तो उसे बकाया रकम (Outstanding amount) से जोड़कर के एड्जस्ट किया जाएगा और ब्याज उसी हिसाब से कम लगेगा।
