Railway Line : भारत में पिछले काफी समय से प्रगति कार्य देखा जा रहा है। बता दें कि अब भारत सरकार ने 3 नई रेल लाइन को बनाने के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। इस नए रेलवे लाइन (Railway Line News) के बिछने की वजह से यात्रियों को काफी लाभ होगा। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में जानकारी देने जा रहे हैं कि ये ट्रेन कहा से गुजरेगी।
भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए अब 3 नई रेलवे लाइन बिछाई जाने वाली है। इसी दिशा में सरकार (Government Latest Update) ने एक बड़ा कदम उठाया है। इस नई रेलवे लाइन के बिछने की वजह से यात्रियों को काफी लाभ होगा और समय में भी काफी बचत होगी। खबर के माध्यम से जानिये इस नई रेलवे लाइन के बारे में पूरी जानकारी।
यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधांए
भारतीय रेलवे यात्रियों की बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए कई रेलवे लाइन को बिछाया जाने वाला है। इसी दिशा में पश्चिम बंगाल में तीन नई रेल लाइनों के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (final location survey) को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इन तीनों परियोजनाओं की कुल लंबाई 178 किलोमीटर की होने वाली है। ये प्रोजेक्ट स्थानीय निवासियों की दशकों पुरानी मांग को पूरा करने वाला है। इसकी वजह से रेल नेटवर्क (rail network) का विस्तार होगा और यात्रा सुगम होगी। आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
बकेश्वर धाम तीर्थस्थल को किया जाएगा शामिल
भारतीय रेलवे के मुताबिक सीउरी-नाला रेल लाइन (73 किमी) झारखंड के नाला (Jharkhand Railway) से सीधे कनेक्ट किया जाएगा। मार्ग में राजनगर और प्रसिद्ध बकेश्वर धाम तीर्थस्थल को शामिल किया जाएगा। फिलहाल सड़क मार्ग टेढ़ा-मेढ़ा और मौसमी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नई रेल लाइन (Jharkhand New Railway Line) से लाखों तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के बीच रेल संपर्क में मजबूती आएगी। साथ ही में माल ढुलाई में भी वृद्धि दर्ज की जाने वाली है।
आरामबाग-खानाकुल रेल लाइन
दूसरी परियोजना आरामबाग-खानाकुल रेल लाइन (27 किमी) (Arambagh-Khanakul railway line) की है। हुगली जिले का महत्वपूर्ण क्षेत्र, खानाकुल महान समाज सुधारक राजा राममोहन रॉय का जन्मस्थान है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का क्षेत्र अभी केवल सड़क मार्ग उपलब्ध कराये जा रहे हैं। ट्रैफिक जाम, भीड़भाड़ और दुर्घटनाएं होती हैं। नई लाइन (railway line) से यात्रियों की लंबित मांग पूरी होगी। पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ौतरी दर्ज की जाएगी। क्षेत्र का विकास सुनिश्चित होगा। स्थानीय व्यापार और उद्योगों को लाभ होगा।
ये होगी तीसरी परियोजना
तीसरी परियोजना के बारे में बात करें तो तीसरी परियोजना रसूलपुर-जंगलपारा बाईपास लाइन (78 किमी) है। तकनीकी दृष्टि से ये काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है। ये रेलवे लाइन रसूलपुर (railway line) को पल्ला रोड (कॉर्ड लाइन) से कनेक्ट करेगी। इंजन को रिवर्स करने की समस्या समाप्त होने वाली है। मासाग्राम पर रेल ओवर रेल ब्रिज को बनाया जाएगा और मथनाशीपुर हॉल्ट को पूर्ण ब्लॉक स्टेशन का दर्जा मिलेगा। छोटी दूरी की पैसेंजर ट्रेनें (Rasulpur–Jangalpara bypass line) और हल्की मालगाड़ियां सीधे चलेंगी। इसकी वजह से मुख्य लाइनों पर यातायात का दबाव भी कम हो जाएगा। साथ ही में क्षमता दोगुनी हो जाएगी।
योजना के बनने की वजह से होगा ये लाभ
बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से यात्रा समय में भारी कटौती दर्ज की जाएगी। माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि, हजारों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे, बकेश्वर धाम, खानाकुल जैसे पर्यटन केंद्रों का समग्र विकास होगा। रेलवे के तकनीकी (railway News) उन्नयन से ऑपरेशसंस सुगम हो जाएगा। रेल मंत्रालय ने सर्वेक्षण कार्य तत्काल शुरू करने को लेकर निर्देश जारी कर दिये हैं।
