Gold Price : सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आगे गिरावट आ सकती है, लेकिन अचानक बड़ा बदलाव नहीं होगा। कुछ जानकारों के अनुसार, मौजूदा हालात में सोना 70,000 रुपये प्रति तोला तक पहुंच सकता है या नहीं… आइए ये जान लेते है नीचे इस खबर में-
सोने की कीमतें लोगों को भ्रमित कर रही हैं। कभी ये तेजी से गिरती हैं, तो कभी अचानक बढ़ जाती हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सोना (latest gold price) फिर से 70,000 रुपये प्रति तोला तक पहुंच सकता है या कीमतें अब बढ़ेंगी। एक्सपर्टों के अनुसार, सोना कभी इतना नीचे नहीं जाएगा।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतों में आगे गिरावट आ सकती है। इसका बड़ा कारण अमेरिका से जुड़े आर्थिक हालात हैं। वहां डोनाल्ड ट्रंप के प्रभाव (effects of donald trump) और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली नीतियों के चलते डॉलर मजबूत हो रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ता है और निवेशक अपना पैसा सोने से निकालकर अन्य विकल्पों में लगाते हैं।
दूसरी बड़ी वजह है वैश्विक तनाव में कमी (reduction in global tensions)। पिछले कुछ सालों में रूस-यूक्रेन युद्ध (Russo-Ukrainian War) और मिडिल ईस्ट की अनिश्चितता के चलते निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानते थे। डर और अनिश्चितता में सोने की मांग बढ़ जाती है। लेकिन अब राजनीतिक माहौल में सुधार (improvement in political environment) के संकेत मिल रहे हैं, जिससे निवेशक सोने में हुए मुनाफे को निकालकर शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। इसे बाजार की भाषा में ‘प्रॉफिट बुकिंग’ कहा जाता है, जो सोने की कीमतों को नीचे धकेल रही है।
अब सवाल ये है कि सोने की गिरावट कितनी गंभीर हो सकती है। एक्सपर्ट्स की राय भिन्न है, लेकिन कई का मानना है कि मौजूदा हालात में सोना 70,000 रुपये प्रति तोला तक पहुंच सकता है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना (gold in international market) अपने अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ता है, तो भारतीय बाजार में भी तेज गिरावट आ सकती है। साथ ही, अगर रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत रहता है, तो सोना आयात सस्ता होगा, जिससे घरेलू कीमतों पर और दबाव पड़ेगा।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सोने की कीमतें गिरती (gold price fall) भी हैं, तो यह अचानक नहीं होगा। संकेत ये हैं कि कीमतें धीरे-धीरे नीचे आएंगी। बीच-बीच में हल्की तेजी दिख सकती है, लेकिन कुल मिलाकर कमजोर ट्रेंड बना रह सकता है।
