UP High-Speed Rail Corridor : उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव होने वाला है। दरअसल, प्रदेश में एक के बाद एक नए एक्सप्रेसवे बनाने के बाद अब सरकार नया हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की तैयारी कर रही है। यह नया रेल कॉरिडोर राज्य के 12 जिलों की तस्वीर को बदलेगा। यहां पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और कई छोटे और बड़े उद्योग भी स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य को मजबूत कनेक्टिविटी मिलेगी। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं –
उत्तर प्रदेश के विकास को गति देने के लिए सरकार लगातार कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए नए हाईवे, एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। अब सरकार हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने जा रही है। सरकार के इस अहम फैसले से प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक क्रांतिकारी बदलाव आएगा। बता दें कि यह नया हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (High-Speed Rail Corridor) यूपी के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के के किनारे डेवलप किया जाएगा। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर न सिर्फ यात्रा का समय घटाएगा, बल्कि जिन 12 जिलों से यह गुजरेगा, जिससे इन जिलों के विकास को रफ्तार मिलेगी।
यूपीडा ने तैयार किया तगड़ा प्लान –
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPDA) ने गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर एक तगड़ा प्लान तैयार किया है। गंगा एक्सप्रेसवे आने वाले समय में ‘नए नोएडा’ (new noida) के रूप में उभरेगा. यहां पर रफ्तार के साथ-साथ हाई-स्पीड रेल का रोमांच भी जुड़ जाएगा।
नोएडा की तर्ज पर बसेंगे नए शहर
यूपीडा (YUPIDA) ने जो प्लानिंग की है उसके तहत गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के किनारे बसे इलाकों को दिल्ली-एनसीआर जैसे बनाया जाएगा। जैसे नोएडा को अलग-अलग सेक्टरों में डिवाइड कर इंडस्ट्रियल, रेजिडेंसियल और कमर्शियल जोन बनाए गए हैं, ठीक वैसा ही मॉडल अब प्रयागराज से मेरठ के बीच देखने को मिलेगा।
यहां बनेगी मॉर्डन आवासीय टाउनशिप –
मेरठ से हरदोई के बीच के हिस्से को इंडस्ट्रियल हब के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए जमीन अधिग्रहण (land acquisition) का काम भी तेज हो गया है। यहां ऊंची इमारतें, आलीशान शॉपिंग मॉल और मॉर्डन आवासीय टाउनशिप (Modern Residential Township) बनेगी जो दिल्ली-मुरादाबाद और नोएडा-गाजियाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए एक शानदार ऑप्शन हो सकती है।
हाई-स्पीड रेल से एक्सप्रेसवे को किया जाएगा लिंक –
उत्तर प्रदेश वालों के लिए यह प्रोजेक्ट सबसे खास रहने वाला है ये हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (High-speed rail corridor) से जुड़ा है। मेरठ में प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल के साथ एक्सप्रेसवे को लिंक किया जाएगा। इसके अलावा, एक 91 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे भी बनाया जा रहा है, जो इटावा के पास गंगा एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra-Lucknow Expressway) के साथ कनेक्ट करेगा।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से होगा यह फायदा –
इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (High-speed rail corridor) के त्रिकोण से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हरिद्वार, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सफर काफी आसान हो जाएगा।
12 जिलों की बदल जाएगी तकदीर-
गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) उत्तर प्रदेश के 12 मुख्य जिलों की तकदीर को बदल देगा। यह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा।
