8th Pay Commission – आठवें वेतन आयोग में यदि फिटमेंट फैक्टर 1.92 तय किया जाता है, तो ग्रॉस सैलरी में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उतनी ही रकम सीधे कर्मचारियों (employees) के हाथ में आएगी। शुरुआती तौर पर इन-हैंड सैलरी में बढ़ोतरी सीमित रहेगी… आइए नीचे खबर में समझ लेते हैं इसका पूरा गणित-
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग केवल वेतन बढ़ोतरी नहीं, बल्कि पूरी सैलरी स्ट्रक्चर का रीसेट माना जा रहा है। नवंबर 2025 में आयोग का गठन हो चुका है और इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है। अब आयोग की वेबसाइट लॉन्च कर 18 अहम सवालों पर कर्मचारियों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि फिटमेंट फैक्टर कितना होगा और सैलरी में असली बढ़ोतरी कितनी होगी?
हमने पूरा सैलरी फॉर्मूला निकाला, मौजूदा DA को जोड़ा, संभावित 20% वृद्धि को ध्यान में रखा और देखा कि कैसे ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर ₹34,560 तक पहुंच सकती है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कर्मचारियों की जेब में तुरंत बढ़ने वाली रकम सिर्फ ₹5,760 होती है। आखिर ऐसा क्यों है, इसका पूरा गणित समझना जरूरी है।
पहले समझिए पूरा गणित-
8वां वेतन आयोग: 1 जनवरी 2026 से प्रभावी
गठन: नवंबर 2025
वेबसाइट लॉन्च, 18 सवालों पर सुझाव मांगे
DA: 60% (जनवरी 2026 आधार)
अनुमानित Fitment Factor: 1.92
न्यूनतम बेसिक: ₹18,000→ ₹34,560
वास्तविक तत्काल बढ़ोतरी: ₹5,760
यानी 20% जरूर हाइक दिखती है, लेकिन जेब में आने वाला इजाफा सीमित होगा।
कैसे निकला 8वें वेतन आयोग में 1.92 फिटमेंट फैक्टर –
यह पूरा गणित DA + वेतन वृद्धि के फॉर्मूले से निकला है।
पहले 7वें वेतन आयोग का उदाहरण देखें
6th CPC में:
बेसिक= ₹7,000
DA= 125%
वेतन वृद्धि सिफारिश= 14.3% वृद्धि
गणित:
1 (Base Salary)
1.25 (DA 125%)= 2.25
0.32 (14.3% of 2.25)= 2.57 (Fitment Factor)
इसी तरह 7वें वेतन आयोग में 2.57 फैक्टर बना
अब 8वें वेतन आयोग का फॉर्मूला कैसे निकला?
Step 1: Base Salary= ₹1
Step 2: DA= 60% (0.60)
1 + 0.60= 1.60
Step 3: अनुमानित वेतन वृद्धि= 20%
1.60 का 20%= 0.32
1.60 + 0.32 = 1.92
इसलिए 1.92 फिटमेंट फैक्टर एक व्यवहारिक और गणितीय रूप से मजबूत अनुमान है।
पूरा सैलरी कैलकुलेशन
7th CPC न्यूनतम बेसिक: ₹18,000
DA 60%= ₹10,800
Effective Salary Value= ₹28,800
अब Fitment Factor 1.92 लागू करें:
₹18,000 × 1.92 = ₹34,560
नई बेसिक सैलरी ₹34,560 होगी, लेकिन सरकार इसे राउंड ऑफ करके ₹35,000 कर जा सकती है।
असली सवाल: जेब में कितना बढ़ेगा?
नई बेसिक: ₹34,560
पुरानी प्रभावी सैलरी (Base + DA): ₹28,800 (₹18,000+10,800)
अंतर= ₹5,760
यानि पे-बैंड 1800 लेवल-1 के कर्मचारियों की सैलरी में इन-हैंड इजाफा सिर्फ ₹5,760 होगा
8th CPC टाइमलाइन
गठन: नवंबर 2025
लागू (Effective): 1 जनवरी 2026
सिफारिशें: जून-जुलाई 2027 तक संभावित
मंजूरी: जनवरी 2028 तक संभावना
क्या DA जारी रहेगा?
नहीं.
DA Reset Rule
नया वेतन आयोग लागू होते ही-
पुराना DA बेसिक में एडजस्ट हो जाएगा, ऊपर कैलकुलेशन में वो ही किया गया।
DA फिर 0% से शुरू
अगले 6 महीनों में CPI के आधार पर फिर बढ़ेगा
अगर 30% हाइक मानें तो क्या होगा?
1.60 का 30% = 0.48
1.60 + 0.48 = 2.08
तब-
₹18,000 × 2.08 = ₹37,440
लेकिन यह अधिकतम परिदृश्य है, सरकारी वित्तीय स्थिति पर निर्भर
क्या 20% ही अंतिम हाइक होगी?
निश्चित नहीं.
फैसला इन कारकों पर निर्भर करेगा-
महंगाई का रुझान
राजकोषीय घाटा
सरकार की आय
कर्मचारी यूनियन का दबाव
7th vs 8th CPC तुलना-
कंपोनेंट 7th CPC 8th CPC (अनुमान)
बेसिक ₹18,000 ₹34,560
DA एडजस्ट 0 से शुरू
फिटमेंट 2.57 1.92
तत्काल वृद्धि बड़ा उछाल सीमित वृद्धि
आगे क्या बदलेगा?
DA 60% पर स्थिर
वेबसाइट पर सुझावों का विश्लेषण
फिटमेंट पर चर्चा तेज
वित्तीय बोझ का आकलन
ये क्यों मायने रखता है?
50 लाख कर्मचारी
70 लाख पेंशनर्स
खपत और मांग पर असर
रियल एस्टेट, ऑटो, FMCG सेक्टर पर प्रभाव
हर वेतन आयोग GDP के खपत इंजन को गति देता है।
आपके लिए इसका क्या मतलब?
अगर आप कर्मचारी हैं:
बड़ी छलांग की उम्मीद, लेकिन तुरंत सीमित बढ़ोतरी
2-3 साल में DA के साथ असली फायदा दिखेगा
अगर पेंशनर हैं:
पेंशन नई बेसिक पर रीफिक्स होगी
अगर निवेशक हैं:
वेतन बढ़ोतरी = खपत बढ़ोतरी
आगे क्या करें?
अपनी वर्तमान सैलरी स्लिप निकालें
Base + DA समझें
1.92 से गुणा कर देखें
अनुमानित इन-हैंड की गणना करें
Bottom Line-
8वां वेतन आयोग भले ही करीब 20% सैलरी हाइक दे, लेकिन शुरुआती तौर पर कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में बढ़ोतरी लगभग ₹5,760 ही नजर आएगी। असली फायदा आगे चलकर महंगाई भत्ते (DA) की अगली किस्तों के साथ मिलेगा, जब बढ़ी हुई बेसिक सैलरी पर DA जुड़ना शुरू होगा।
