Kisan Yojana : भारत एक कृषि प्रधान देश है। अब देशभर के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। बता दें कि अब किसानों (Update for Farmers) को होली से पहले एक बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। सरकार अब जल्द ही किसानों के खाते में योजना की राशि भेजने वाली है। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी-
किसानों को होली से पहले एक खुशखबरी मिलने वाली है। बता दें कि अब सरकार किसानों के लिए जल्द ही पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त (Kisan Yojana 22nd installment) को जारी करने वाली है। उम्मीद लगाई जा रही है कि इसकी किस्त को सरकार अब जल्द ही जारी करने वाली है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी डिटेल।
किसानों के लिए चलाई जा रही है ये स्कीम
किसानों के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी को शेयर किया है। सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक देशभर के किसानों (Update for farmers) को लगभग 4 लाख करोड़ रुपये की राशि को दे दिया गया है। ये धनराशि 21 किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। लोकसभा में जानकारी देते हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने बताया है कि करोड़ों किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। सरकार (Government Latest Update) का मानना है कि किसानों की आय को सहारा देने और खेती की बढ़ती लागत से राहत दिलाने के उद्देश्य से इस योजना पर काम किया जा रहा है।
2019 में हुई थी योजना की शुरुआत
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने फरवरी 2019 में इस योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना का मकसद छोटे और सीमांत किसानों (PM Kisan Yojana) को सीधी आर्थिक सहायता प्रदान की जाने वाली है। इसकी वजह से वे बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों के लिए समय पर निवेश कर सकते हैं।
हर साल सरकार देती है इतनी मदद
योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की राशि दी जाती है। ये रकम एक बार में नहीं, बल्कि तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। हर चार महीने में 2,000 रुपये सीधे किसान (Kisan Yojana) के बैंक खाते में जमा किए जाते हैं। इससे किसानों को पूरे साल खेती से जुड़े खर्चों में मदद मिलती है
सीधे खाते में पहुंच जाएगी रकम
इस योजना कि सभी भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT Latest Update) के जरिए किए जाते हैं। राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में भेज दी जाती है। इसकी वजह से बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और पारदर्शिता बढ़ गई है। आधार सीडिंग और ई-केवाईसी प्रक्रिया के जरिए ये सुनिश्चित (Update for farmers) किया जाता है कि लाभ सिर्फ वास्तविक और पात्र किसानों को ही मिलने वाला है।
निगरानी और पारदर्शिता पर दिया जा रहा है जोर
सरकार ने योजना के संचालन के लिए डिजिटल व्यवस्था को मजबूत बना दिया है। अधिकारियों द्वारा नियमित निगरानी की जा रही है इसकी वजह से किसी तरह की गड़बड़ी (Holi benefit for farmers) नहीं होगी। सरकार का दावा कर दिया है कि तकनीक के यूज से भ्रष्टाचार की संभावना काफी कम हो गई है। पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंच गया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था मिलेगा सहारा
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह की नकद सहायता योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में मददगार साबित होने वाले हैं। खेती की लागत बढ़ने के समय ये सहायता किसानों (Farmers good news) के लिए राहत का काम कर रही है और कर्ज के बोझ को कुछ हद तक कम करने में सहायक हो सकती है। सरकार का मानना है कि भविष्य में भी ये जारी रहेगी और पात्र किसानों तक इसका लाभ सुनिश्चित किया जाने वाला है। साथ ही में समय-समय पर पात्रता (PM Kisan Yojana) की जांच कर योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास किये जा रहे है।
