8th Pay Commission : जब भी नए वेतन आयोग के तहत कर्मियों की सैलरी में इजाफा किया जाता है तो इसमे फिटमेंट फैक्टर के साथ ही डीए की भी अहम भूमिका रहती है, लेकिन कई कर्मियों को अब भी यह नहीं पता है कि नया फिटमेंट फैक्टर (new fitment factor) तय करने में ताजा डीए भी अहम भूमिका निभाता है, जिससे कर्मियों के लिए जानना बेहद जरूरी होता है। आइए खबर में जानते हैं इस बारे में –
केंद्रीय कर्मचारियों में आठवें वेतन आयोग को लेकर बेसब्री से इंतजार बना हुआ है। समय बीतने के साथ ही नए पे कमीशन (8th Pay Commission News) के तहत सैलरी हाइक को लेकर कर्मियों की उम्मीदें काफी बढ़ गई है। अब इसी बीच बता दें कि कर्मियों के लिए यह जानना बेहद जरूरी होता है कि नया फिटमेंट फैक्टर तय करने में ताजा डीए बढ़ौतरी का अहम रोल होता है। आइए खबर में जानते हैं कि कर्मचारियों को किन चीजों के बारे में जानना बेहद जरूरी है।
क्या है कर्मियों की नए पे कमीशन से उम्मीदें
कर्मचारियों को आठवें पे कमीशन से इसलिए उम्मीदें है, क्योंकि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) लागू होते ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन में बंपर उछाल आ सकता है। हालांकि अभी तक यह कन्फर्म नहीं हुआ है कि 8वां CPC रिवाइज्ड सैलरी निर्धारित करने के लिए 7वें पे कमीशन के फिटमेंट फैक्टर-बेस्ड तरीके को रिपिट करेगा या नहीं। हालांकि अगर 8वां CPC (8th CPC) भी उसी फॉर्मूले के हिसाब से चलता है तो ऐसे में 60 प्रतिशत का डीए, फिटमेंट फैक्टर कैलकुलेशन के लिए बेस बनाया जा सकता है।
क्या कहते हैं दिसंबर 2025 CPI-IW इंडेक्स
जनवरी के डीए की बात करें तो श्रम ब्यूरो (labor bureau) के अनुसार दिसंबर 2025 के लिए ऑल इंडिया CPI-IW इंडेक्स 148.2 पॉइंट्स पर नवंबर की तरह स्थिर रहा है। इसी हिसाब से जनवरी से जून 2026 के लिए DA में 2 प्रतिशत इजाफा दिख रहा है। डीए में इस इजाफे से डीए 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission News) के तहत 60.34 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। उम्मीद है कि DA हाई को यूनियन कैबिनेट से मार्च 2026 में मंजूरी मिल सकती है। इससे पहले 7वें वेतन आयोग की ओर से भी 1 जनवरी, 2016 को फिटमेंट तय करने के लिए DA रेट को बेस बनाया था।
सातवें पे कमीशन में कैसे तय हुआ था फिटमेंट फैक्टर
अगर बात करें 7th CPC की तो सातवां वेतन आयोग (7th Pay Commission) 1 जनवरी, 2016 से लागू हुआ था और इसका कार्यकाल दिसंबर 2025 में खत्म हो गया है। जब इसका फिटमेंट फैक्टर तय किया था तो उस समय यही माना गया था कि 1 जनवरी, 2016 को DA की दर बेसिक सैलरी का 125 प्रतिशत होगी। अगर नए पे कमीशन में भी ऐसा ही रहता है तो इससे कर्मियों का 60 प्रतिशत DA नए फिटमेंट फैक्टर की गणना करने का बेस बन सकता है।
सातवेंपे मैट्रिक्स में कैसे हुआ था केलकुलेशन
सातवें वेतन आयोग ने नए पे मैट्रिक्स के पहले लेवल के लिए शुरुआती पॉइंट 18,000 रुपये तय किया गया था। वहीं, इससे पहले छठें वेतन आयोग (6th CPC ) के तहत 1 जनवरी 2006 को लागू होने वाले पे बैंड के अंतर्गत शुरुआती सैलरी पॉइंट 7,000 रुपये था। सातवें वेतन आयोग (7th CPC ) द्वारा प्रस्तावित सैलरी शुरुआती पॉइंट 1 जनवरी 2006 को लागू होने वाले रेट से 2.57 गुना अधिक था। उस समय में सातवें वेतन आयोग (7th CPC ) ने सभी कर्मचारियों के लिए 2.57 के इस फिटमेंट फैक्टर को लागू करने की सिफारिश की थी।
कितना होना चाहिए फिटमेंट फैक्टर का मिनिमम लेवल
अगर आप सैलरी का भी केलकुलेशन करें तो जहां सातवें वेतन आयोग (seventh pay commission) की शुरुआत में किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 100 रुपये के करीब थी, वो पिछले 10 वर्षों में जितनी भी डीए बढ़ौतरी हुई है, उन्हें जोड़ने के बाद सैलरी 160 के करीब आ चुकी है। इससे पता चलता है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर का मिनिमम लेवल (Minimum level of fitment factor) 1.60 होना चाहिए, लेकिन कई कारणों के चलते फाइनल फिटमेंट फैक्टर इससे अधिक हो सकता है।
कब तक आएगी आठवें पे कमीशन की रिपोर्ट
बता दें कि सरकार ने कोविड महामारी के दौरान 2020-21 (COVID-19 pandemic 2020-21 ) में 18 महीनों तक कर्मचारियों के 3 DA बढ़ोतरी पर रोक लगा दी थी। बाद में डीए के इन बढ़ोतरी को कर्मियों को नहीं दिया गया है। अगर ये DA हाइक (DA Hike) समय पर दे दिया जाता तो आज कर्मियों का डीए 60 प्रतिशत से कहीं अधिक हो जाता। इसी वजह से आठवें पे कमीशन के लिए कर्मचारी संगठन और जानकार ऊंचे फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।
हम आपको समझाते हैं। जैसे कि भले ही 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) जनवरी 2026 से प्रभावी हो गया है, तब भी इसकी सिफारिशें तुरंत लागू हो पाना बेहद मुश्किल है। बीते वेतन आयोग के पैटर्न पर गौर करें तो रिपोर्ट तैयार होने और लागू होने में तकरीबन 2 साल का वक्त लगता ही है। यानी 2 साल में DA में 4 बार ओर बढ़ौतरी हो सकती है।
कैसे लिया जाएगा फिटमेंट फैक्टर का फैसला
सबसे पहले तो आप यह जान लें कि DA फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन बता दें कि यह अकेला फैसला नहीं करता। बता दें कि आठवां पे कमीशन सरकार की वित्तीय स्थिति पर भी गौर करेगा और यह आकलन करेगा कि इस पे कमीशन का खजाने पर कितना भार पड़ेगा। इसके अलावा अलग-अलग सेवाओं में सैलरी संतुलन बनाए रखना भी बड़ा फैक्टर होगा। ऐसे में कर्मियों की डिमांड और मनोबल पर भी गौर किया जाएगा। इतना ही नहीं, देश की आर्थिक ग्रोथ और आगामी समय में महंगाई का रुझान भी जरूरी भूमिका निभाएगा। इन सभी पहलुओं पर गौर कर फाइनल फिटमेंट फैक्टर तय होगा।
