Railway Line : देशभर में पिछले काफी समय से प्रगति कार्य रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब प्रदेश में 3 नई रेलवे लाइन को बनाने के लिए मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इस रेलवे लाइन (New Railway Line) के पूरा करने के लिए 17,622 करोड़ रुपये की लागत आने वाली है। इसके लिए मंत्री ने भूमि अधिग्रहण की पूरी जानकारी दे दी है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में।
प्रदेश के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। राज्य में तीन नई रेलवे लाइनों को मंजूरी दे दी गई है, जिन पर कुल 17,622 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दूर-दराज के इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी (Railway Line Project) मिलेगी और माल व यात्री परिवहन दोनों को गति मिलेगी। संबंधित मंत्री ने भूमि अधिग्रहण की मौजूदा स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि तय समयसीमा में निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
नई रेलवे लाइनों को मिली मंजूरी
प्रदेश के रेल नेटवर्क को मजबूती प्रदान करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि राज्य में तीन नई रेलवे लाइनों को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इस पर लगभग 17,622 करोड़ (Railway Line) रुपये का खर्च आने वाला है। इन परियोजनाओं के पूरा हो जाने की वजह से दूर-दराज के इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने वाली है।
इतनी लागत से पूरा होगा प्रोजेक्ट
अपनी यातायात की जरूरत के लिए लगभग पूरी तरह सड़कों पर निर्भर पहाड़ी प्रदेश हिमाचल लंबे वक्त से राज्य में रेलवे विस्तार की बाट जोह रहा है। कुछ समय पहले राज्य में रेलवे के विकास की स्थिति पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Line Project) ने सदन में जवाब दे दिया है। लोकसभा में केंद्रीय रेल मंत्री की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया है कि अप्रैल 2025 तक की स्थिति के अनुसार हिमाचल में 3 नई रेलवे लाइन स्वीकृत कर दी गई है। इनकी कुल लागत (Railway Line in HP) 17,622 करोड़ रुपए की होने वाली है। इसके साथ ही में भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन पर भूमि अधिग्रहण बाधा बन गया है।
इन्होंने की ब्यौरे की मांग
राज्य सरकार आवश्यक 124 हेक्टेयर भूमि में से सिर्फ 82 हेक्टेयर भूमि मुहैया करवा पाई है। प्रदेश में रेलवे विस्तार की फिलहाल स्थिति को लेकर कांगड़ा से लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज की ओर से प्रश्न पूछा गया था, जिस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने जवाब दे दिया है। लोकसभा में बजट (Budget for Himachal Pradesh) पर चर्चा जारी है। कांगड़ा से भाजपा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज की ओर से अतारांकित प्रश्न में रेल मंत्रालय से बजट 2025-26 में राज्य में रेल विस्तार के लिए आवंटित निधि के ब्यौरे की मांग की थी। इसके साथ ही में अमृत भारत स्टेशन के तहत हिमाचल प्रदेश के स्टेशनों पर प्रस्तावित कार्य की भी जानकारी की मांग की थी।
अश्विनी वैष्णव ने ये दिया जवाब
इस पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब देते हुए बताया है कि साल 2025-26 के लिए राज्य में रेलवे विस्तार के 2716 करोड़ दिए गए हैं। जोकि पूर्व की UPA सरकार के दौरान 1 वर्ष के लिए आवंटित राशि (New Railway Line Project) से 25 गुना अधिक है। पूर्व यूपीएस सरकार ने साल 2009 से 2014 तक राज्य में रेलवे के विकास के लिए प्रतिवर्ष 108 करोड़ रुपये की राशि प्रदान कर दी है।
केंद्रीय रेल मंत्री की ओर से संसद में दिए गए जवाब में बताया है कि राज्य में 1 अप्रैल 2025 की स्थिति के मुताबिक राज्य में केंद्र द्वारा पूर्ण रूप से और आंशिक रूप से पोषित 214 कि.मी. लंबाई की 3 नई लाइनों (New Railway Line) के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसकी कुल लागत 17 हजार 622 करोड़ रुपए की है। इसमें से 64 कि.मी. लंबाई कमीशन की जा चुकी है और मार्च 2025 तक 8,280 करोड़ खर्च किया गया है।
नई रेलवे लाइन को मिली मंजूरी
राज्य में नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियां नई रेलवे लाइन के 60 कि.मी. लंबाई वाले नंगल डैम से दौलतपुर चौक के खंड को कमीशन किया जा चुका है। इसके साथ ही में दौलतपुर चौक से तलवाड़ा (Himachal Pradesh News) के 52 कि.मी. पैच का कार्य शुरू किया जा चुका है। इसके साथ ही में 1,540 करोड़ की लागत वाली 28 कि.मी. लंबी चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
रेल मंत्री ने दी जानकारी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुताबिक राज्य में 63 कि.मी. लंबी भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी नई रेल लाइन पर कार्य किया जा रहा है। ये परियोजना राज्य सरकार से साझेदारी पर 75-25 के अनुपात पर स्वीकृत प्रदान कर दी गई है। हालांकि भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) पर खर्च होने वाले 70 करोड़ हिमाचल सरकार की ओर से वहन किये जा रहे हैं। परियोजना को पूरा करने के लिए कुल 124 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। हालांकि राज्य की ओर से अब तक सिर्फ 82 हेक्टेयर भूमि मुहैया करवाई जा रही है।
इतनी लगात से पूरी हो प्रोजेक्ट
उपलब्ध भूमि पर कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि बिलासपुर से बेरी के आगे की भूमि अभी राज्य सरकार द्वारा सौंपी जाने वाली है। परियोजना पर अब तक 7,729 करोड़ रुपए का व्यय किया जा रहा है। हिमाचल सरकार (Railway line Project in Himachal) की साझेदारी 2,781 करोड़ की थी। हालांकि राज्य सरकार अपने हिस्से के सिर्फ 847 करोड़ रुपये की राशि को दे रही है। प्रदेश सरकार पर 1,934 करोड़ रुपये बकाया है।
केंद्रीय रेल मंत्री ने दी जानकारी
केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया है कि भारत सरकार प्रदेश में स्वीकृतपरियोजनाओं को पूरा करने के लिए तैयार है। हालांकि राज्य सरकार अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं कर पाई है। इसकी वजह से परियोजनाओं (Railway line Project) की प्रगति प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया है कि राज्य में परियोजनाओं की सफलता प्रदेश सरकार के सहयोग पर भी निर्भर रह रही है।
परियोजना की तैयार हुई डीपीआर
उन्होंने बताया है कि हिमाचल प्रदेश में रेल संपर्क में सुधार के लिए 25 कि.मी. की बद्दी-घनौली रेल लाइन (New Railway line Project) का सर्वेक्षण भी पूरा कर लिया गया है। इस परियोजना के लिए डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। हालांकि परियोजना शुरू करने के लिए राज्य सरकार, अन्य स्टेक होल्डर और वित्त मंत्रालय से परामर्श किया जाना बाकी है।
योजना के तहत बनेंगे 4 स्टेशन
केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश भर में 1,337 रेलवे स्टेशन नए सिरे से आधुनिक रूप से विकसित किया जा रहा है। रेल मंत्री ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश में इस योजना (Railway line in Himachal) के तहत 4 स्टेशन का चयन किया गया है। इसमें अंब-अंदौरा, बैजनाथ-पपरोला, पालमपुर और शिमला स्टेशन को शामिल कयिा गया है। योजना के तहत अंब-अंदौरा और बैजनाथ-पपरोला रेलवे स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है। साथ ही में पालमपुर (Himachal Pradesh New Railway line) और शिमला रेल्वे स्टेशनों की मास्टर प्लानिंग भी की जा रही है।
