Ganga Expressway : अब इस महीने वित्त मंत्री की ओर से 1 फरवरी 2026 में बजट पेश किया था, जिसमे कई चीजों को लेकर ऐलान किए गए थे। इस बजट में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास ध्यान देकर लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। बात करें गंगा एक्सप्रेसवे की तो अब एक ओर जिला इस सबसे बड़े एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway ) से कनेक्ट होने वाला है। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-
यूपी में जिन ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। उन प्रोजेक्ट में से एक गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट भी है। अब प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे से एक ओर जिला कनेक्ट किया जाने वाला है। इस जिले के कनेक्ट होने से विकास की रफ्तार बढ़ेगी और लोगों को रोजगार मिल सकेंगे। आइए खबर में जानते हैं कि बजट (Ganga Expressway UP Budget) में सरकार ने लोगों के लिए क्या ऐलान किए हैं।
क्या हुआ था यूपी बजट 2026-27 में ऐलान
दरअसल, यूपी बजट 2026-27 (UP Budget 2026-27) में सरकार की ओर से बेशक से बिजनौर के लिए सीधे ऐलान न किया हो, लेकिन बजट के दूरगामी प्रभावों के चलते आगामी समय में जनपद की तस्वीर बदल सकती है। बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway Updates) को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने की मुख्यमंत्री के ऐलान ने बिजनौर को कनेक्ट करने की पुरानी मांग को नई रफ्तार दी है।
बीते काफी समय से जिले के जनप्रतिनिधि और व्यापारी संगठन एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करने की डिमांड कर रहे थे। अगर सरकार इस मांग को स्वीकारती है तो ऐसे में बिजनौर को पश्चिमी यूपी (Bijnor to Western UP) और उत्तराखंड से सीधा कनेक्शन मिल सकेगा।
बिजनौर में विकास को लगेंगे नए पंख
इसके साथ ही बिजनौर में विकास (Development in Bijnor) की गति के कई नए रास्ते खुल गए हैं। अब हाल ही में प्रदेश सरकार ने एक जिला एक उत्पाद स्कीम के बाद अब एक जिला एक व्यंजन स्कीम (ek vyanjan yojna) का ऐलान किया गया है। इससे जिले के ट्रेडिशनल व्यंजनों को पहचान और बाजार दोनों मिल सकेंगे और स्थानीय उद्यमियों, सेल्फ हेल्प ग्रूप और महिला समूहों को खास लाभ मिल सकता है।
कैसे बढ़ेगी किसानों की आय
बिजनौर की अर्थव्यवस्था खासतौर से खेती-किसानी पर निर्भर करती है। सरकार ने जो कृषि एक्सपोर्ट हब (Agricultural Export Hub) बनाए गए प्रावधान बनाए हैं, उससे जिले के किसानों को बंपर फायदा हो सकता है। अगर जिले को एक्सपोर्ट हब से कनेक्ट किया जाता है तो इससे यहां के उत्पादित कई फसल व फल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेंगे। इनमे गन्ना, धान, गेहूं, सब्जियां और फल आदि शामिल है। इससे किसानों की आय में इजाफा होगा और किसानों को लाभ मिलेगा।
गन्ना मूल्य में हुई इतने क्विंटल की बढ़ौतरी
वैसे तो सरकार की ओर से बजट के पहले ही गन्ना मूल्य (Sugarcane price hiked by quintal) में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ौतरी का ऐलान किया गया था। अब गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल के पास पहुंच गया है। बिजनौर की बात करें तो यहां पर गन्ना उत्पादन बड़े स्तर पर होता है और यहां प्रदेश की सबसे ज्यादा 10 चीनी मिलें संचालित हैं। सरकार के इस निर्णय से लाखों किसानों की आय में बढ़ौतरी होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
सिंचाई व्यवस्था की रीढ़ है जिले में नलकूप
सरकार की ओर से कृषकों के लिए नलकूपों (Tube wells for farmers) के लिए निशुल्क बिजली योजना को जारी रखने का ऐलान भी बेहद अहम है। वैसे तो सिंचाई व्यवस्था के तौर पर जिले में तकरीबन 48 हजार नलकूप हैं। इसके साथ ही बजट में दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन के बढ़ावा (promotion of fisheries) देने के लिए कई प्रोविजन किए गए हैं। बिजनौर के तकरीबन 4.25 लाख किसान परिवारों में से बहुत से परिवार दुग्ध व्यवसाय से कनेक्टेड हैं। जिले में तालाबों की ज्यादा संख्या मत्स्य पालन को भी बेहतर क्षेत्र बनाती है।
नगर निकायों के विकास से बदलेगा शहरी ढांचा
जानकारी के लिए बता दें कि बिजनौर (bijnor ganga expressway) में छह नगर पालिकाएं और 12 नगर पंचायतें मौजुद हैं। बजट में नगर निकायों को नई रफ्तार देने और बुनियादी स्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पर्याप्त धनराशि अलोट की गई है। यहां पर कई सुविधांए मौजुद है और यहां पर सड़कों, जल निकासी, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं के बेहतर होने से जिले की आधी आबादी को बंपर फायदा होगा। इससे शहरी जीवन स्तर में सुधार आ सकता है।
बीते काफी समय से उठ रही औद्योगिक क्षेत्र की मांग
वैसे तो पहले से ही जिले में काफी लंबे अर्से से औद्योगिक क्षेत्र की मांग (demand of industrial sector) उठ रही है और कई मंचों से प्रस्ताव भी शासन को भेज दिए गए हैं। इस बार बजट में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तारीकरण के लिए प्रोविजन किए जाने और सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन निर्मित करने के ऐलान ने उद्यमियों में उम्मीदें बढ़ा दी है। अगर यह योजना मूर्त रूप लेती है तो इसका फायदा यह होगा कि जिले में इन्वेसटमेंट बढ़ेगा।
