Delhi-NCR – दिल्ली-एनसीआर में शहरी दबाव कम करने और सुनियोजित विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक नया शहर बसाने की तैयारी में है। इस योजना के तहत Delhi-NCR के 27 गांवों की तस्वीर बदल जाएगी। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के नए अवसरों के साथ यह शहर क्षेत्रीय विकास का नया केंद्र बनेगा…पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
दिल्ली-NCR क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में एक नया शहर विकसित किया जा रहा है, जो शहरी विकास का नया बेंचमार्क (new benchmark for urban development) बनेगा। योगी आदित्यनाथ सरकार का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट दिल्ली‑NCR को एक और आधुनिक शहर देगा, जिसमें एनसीआर (NCR) क्षेत्र के 20 गांव शामिल होंगे।
नए शहर का ब्लूप्रिंट क्या है?
यह योजना गाजियाबाद मास्टर प्लान 2031 (Ghaziabad Master Plan 2031) के तहत लागू की जा रही है, जिसमें गाजियाबाद, लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर क्षेत्र (Modinagar area) शामिल हैं। पहले चरण में मुरादनगर के आसपास के करीब 20 गांवों को योजना में लिया जा रहा है। हालिया सर्वे और रिपोर्ट के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में गांवों की संख्या बढ़कर 22 से 27 तक हो सकती है।
इन गांवों में देखने को मिलेगा बदलाव-
इन गांवों में खोड़ा, लोनी, डासना और मुरादनगर के आसपास के इलाके शामिल हैं। प्रस्तावित नए शहर में कुल 175 से 214 वार्ड बनाए जा सकते हैं। मौजूदा गाजियाबाद नगर निगम के 100 वार्डों में लोनी से 55, खोड़ा से 34 और मुरादनगर से 25 नए वार्ड जोड़े जाएंगे। इससे आबादी 1.6 मिलियन से बढ़कर करीब 2.5 मिलियन हो जाएगी और शहर का क्षेत्रफल भी काफी बढ़ेगा।
जानें कैसी होगी प्रशासनिक व्यवस्था?
ग्रेटर गाजियाबाद को कमिश्नरेट सिस्टम (Greater Ghaziabad commissionerate system) के तहत संचालित करने की योजना है। शहर का नेतृत्व सचिव स्तर का अधिकारी करेगा। पूरे शहर को तीन जोन में बांटा जाएगा और हर जोन की कमान एक IAS अधिकारी के हाथ में होगी। इससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक कुशल और जवाबदेह बनने की उम्मीद है।
RRTS और मेट्रो कॉरिडोर से जुड़ेगा नया शहर-
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) और जिला प्रशासन मिलकर सीमांकन, सर्वे और रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। मास्टर प्लान में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और मनोरंजन जोन को प्राथमिकता दी गई है। खास फोकस ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) और मिक्स्ड-यूज जोन पर रहेगा, जो RRTS और मेट्रो कॉरिडोर से जुड़े होंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर रहेगा फोकस-
नए शहर में आधुनिक सड़कें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, अंडरपास, ट्रेन स्टॉप, सीवर नेटवर्क, पार्क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसे Smart City Mission के मॉडल पर तैयार किया जाएगा, जिसमें CCTV सर्विलांस, प्रभावी कचरा प्रबंधन और ग्रीन स्पेस (Effective waste management and green spaces) शामिल होंगे। इससे लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे, दिल्ली-NCR में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
नोएडा और गुरुग्राम को कड़ी टक्करदेगा नया शहर-
इस प्लान को 2025 के अंत तक फाइनल करने का लक्ष्य रखा गया है और 2026–27 तक इसके क्रियान्वयन की शुरुआत हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेटर गाजियाबाद (greater gaziabad) भविष्य में नोएडा और गुरुग्राम को कड़ी टक्कर देगा और पूरे उत्तर भारत के लिए शहरी विकास का रोल मॉडल बनेगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की शहरीकरण नीति (Urbanization Policy of Uttar Pradesh) का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संतुलित और सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना है।
उत्तर प्रदेश का नया पावरहाउस बनेगा यह शहर-
ग्रेटर गाजियाबाद उत्तर प्रदेश में शहरी विकास का नया बेंचमार्क बनने जा रहा है। इससे दिल्ली-एनसीआर को एक और आधुनिक शहर मिलेगा, जिसे गाजियाबाद जिले के मुरादनगर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जून 2025 से इस प्रोजेक्ट पर काम तेज हो गया है। इसका उद्देश्य लोनी, खोड़ा-मकानपुर और मुरादनगर नगर पालिकाओं को शामिल कर गाजियाबाद नगर निगम का विस्तार करना है, ताकि एकीकृत विकास और बेहतर नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।
दिल्ली-NCR में बसेगा एक और नया शहर-
दिल्ली-NCR में बढ़ती आबादी के दबाव को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार बुलंदशहर और गौतम बुद्ध नगर जिलों के करीब 80 गांवों को मिलाकर न्यू नोएडा बसाने की योजना बना रही है। यह 209 वर्ग किलोमीटर में फैला एक आधुनिक औद्योगिक शहर होगा, जो दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ा रहेगा और 2041 तक चार चरणों में विकसित किया जाएगा।
