Property Right : आए दिन कोर्ट कचहरी में संपत्ति को लेकर कई तरह के विवाद देखने को मिल जाते हैं। हाल ही में कोर्ट में एक ऐसा ही मामलर सामने आया है। इसमें पिता से मिली संपत्ति (Property Will) पर पत्नी और बच्चों का कितना अधिकार होता है इसको लेकर जानकारी दी गई है। ऐसे में आज हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं और ये बताने जा रहे हैं कि इसको लेकर कानून क्या कहता है।
संपत्ति से जुड़े मामले आए दिन कोर्ट कचहरी में देखने को मिल जाते हैं। इन दिनों कोर्ट में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। इस दौरान कोई ने इस बात को क्लियर कर दिया है कि पिता से मिली संपत्ति (Property Right) यानी पैतिृक संपत्ति पर पत्नी और बच्चों का कितना अधिकार होता है। इसको लेकर कानून ने भी एक बड़ी बात कही है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
जानिये क्या कहता है कानून
कोर्ट में आए मामले के मुताबिक एक व्यक्ति को पिता से विरासत में एक जमीन मिली थी। उस व्यक्ति ने जमीन को बेच दिया था। इस पर घर में झगड़ा शुरू हो गया। ऐसे में पत्नी ने रजिस्ट्री ऑफिस (hindu succession act) में जाकर बवाल काट दिया। उन्होंने बताया था कि पति को नशे की लत है और शराब का खर्चा जुटाने के लिए जमीन की बिक्री की जा रही है। पत्नी ने बताया कि वे ऐसा नहीं करने देगी। ध्यान रहे कि हिंदू उत्तराधिकार कानून, 1956 की धारा 8 के तहत उस व्यक्ति को जमीन अपने पिता से मिली थी। इस धारा का मानना है कि जब कोई पुरुष हिंदू (inheritance law) की मृत्यु हो जाती है तब उसकी संपत्ति पर सबसे पहला और बराबर-बराबर अधिकार उनकी विधवा और बेटे-बेटियों का ही होता है।
ये है हिंदू उत्तराधिकार कानून
हाल ही में जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 1969 में व्यक्ति के पिता ने परिवार में बंटवारा कर दिया था। उन्होंने 1982 में दोबारा अपने भाइयों के बीच बंटवारा किया। दोनों बार हुए बंटवारों (property got by succession) की रजिस्ट्री भी करवाई गई थी। 1982 के दस्तावेज के मुताबिक, 6.82 हेक्टेयर जमीन उस व्यक्ति के पिता के हिस्से में आई थी। उनकी मृत्यु होने के बाद ये जमीन उनके तीन बेटों के बीच बराबर-बराबर बंट दी गई। व्यक्ति ने अपने हिस्से में आई जमीन को बेच दिया। खरीदार ने डील के अनुसार जमीन के बदले 1.29 लाख रुपये (Bombay high court) दे दिए है। हालांकि विक्रेता की पत्नी और उसके बच्चों ने तो एफआईआर को भी करवा दी। इसके जवाब में खरीदार ने भी दो एफआईआर को करवाया था।
पिता से मिली संपत्ति पर होते हैं ये अधिकार
रिपोर्ट में बताया गया है कि जमीन बिक्री का ये विवाद बॉम्बे हाई कोर्ट में जा पहुंचा। हाई कोर्ट ने बताया कि चूंकि व्यक्ति को अपने पिता से संपत्ति मिली है, तो अकेला वही उसका हकदार होता है। हाई कोर्ट ने कहा कि चूंकि जमीन का मालिक (property dispute) अकेला वही है, इस वजह से उसे जमीन बेचने से कोई रोक नहीं सकता है। हालांकि, पत्नी का मानना था कि पुश्तैनी जमीन होने के नाते उस पर सिर्फ उसके पति का नहीं बल्कि पत्नी और बच्चों का भी हिस्सा होता है।
विरासत में मिली संपत्ति का समझिए कानून
हाई कोर्ट ने कानून और सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेशों को लेकर बताया कि जब हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत किसी पुरुष को अपने पिता से विरासत में संपत्ति प्राप्त हो जाती है तो फिर उस संपत्ति पर सिर्फ और सिर्फ उसी का अधिकार (family inheritance) होता है, परिवार वालों का नहीं। इसका मतलब है कि पिता से मिली संपत्ति बच्चों की अपनी-अपनी व्यक्तिगत हो जाती है, पुश्तैनी नहीं रहती। हाई कोर्ट ने यही कहते हुए खरीदार के पक्ष में फैसले को सुनाया है और विक्रेता की पत्नी एवं उनके बच्चों के हाथ खाली रह गए।
