New metro line : उत्तर प्रदेश में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर एक नई मेट्रो लाइन बिछाई जाने वाली है। इस मेट्रो लाइन प्रोजेक्ट के लिए 5800 करोड़ रुपये की लागत आने वाली है। यहां पर 12 नए स्टेशन (New metro line Project) बनाये जाने वाले हैं। इसके साथ ही में इसके लिए डिपो भी तैयार कराया जाएगा, इसकी लागत 1500 करोड़ रुपये की रहने वाली है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं इस बारे में।
पिछले काफी समय से यूपी में नई नई मेट्रो लाइन को बिछाया जा रहा है। यहां पर अब एक और नई मेट्रो लाइन बिछाई जाएगी। इस मेट्रो लाइन की लागत 5800 करोड़ रुपये की होने वाली है। इस मेट्रो लाइन (New Metro Line) के बनने की वजह से राज्य की प्रगति को नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही में रोजगार के भी नए नए मौके बनने वाले हैं। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बार में पूरी डिटेल।
मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने उठाया बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। वसंतकुंज से ठाकुरगंज तक पांच एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण का टेंडर जारी करने के बाद अब मेट्रो डिपो (metro depot) के निर्माण के लिए लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत का दूसरा बड़ा टेंडर भी जारी कर दिया गया है। ये डिपो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर चलने वाली मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव, जांच और खड़ी करने के लिए बनाया जाने वाला है। इसको आधुनिक और तकनीक आधारित सुविधा के रूप में विकसित करने की तैयारी हो रही है। ये डिपो लखनऊ मेट्रो (Lucknow Metro Line) के ट्रांसपोर्ट नगर डिपो की तर्ज पर बनाया जाएगा, जोकि पहले से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
प्री-कंस्ट्रक्शन कामों पर लगी तेजी
11 फरवरी को पेश यूपी बजट के बाद मेट्रो परियोजना के प्री-कंस्ट्रक्शन कामों में भी तेजी लगाई जा रही है। इससे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (East-West Corridor) के निर्माण कार्य को गति मिलने की संभावना लगाई जा रही है। डिपो में ट्रेन मेंटेनेंस के लिए आधुनिक मशीनों को लगाया जा रहा है। इसमें पिट व्हील लेथ मशीन पहियों की मरम्मत के लिए, फुली ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज्ड पिट जैक मशीन मेंटेनेंस के दौरान कोच (Metro Corridor) को लिफ्ट करने और नीचे करने के लिए, फुली ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज्ड मोबाइल जैक मशीन कोच को जरूरत के मुताबिक आसानी से लिफ्ट करने के लिए और बोगी टर्न टेबल को बोगियों को एक ट्रैक से दूसरे ट्रैक पर शिफ्ट करने के लिए यूज किया जा रहा है।
ऑटोमैटिक ट्रेन वॉशिंग प्लांट की मिलेगी सुविधा
ठीक इसी तरह ऑटोमैटिक ट्रेन वॉशिंग प्लांट में मेट्रो कोच की मशीन से तेज और प्रभावी सफाई के लिए, इलेक्ट्रिक बोगी शंटर में डिपो परिसर में ट्रेनों को नियंत्रित तरीके से आगे-पीछे करने के लिए, री-रेलिंग एवं रेस्क्यू वाहन (Metro Corridor In UP) में तकनीकी खराबी की स्थिति में कोच को जल्दी पटरी पर लाने के लिए यूज किया जा रहा है। इन सभी सुविधाओं से मेट्रो ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और सुचारु बना रहेगा। पर्यावरण संरक्षण पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। डिपो में सोलर पावर यूनिट को लगाया जा रहा है। फिलहाल के तौर पर लखनऊ मेट्रो में 3.122 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।
डिपो में मिलेंगी ये सुविधाएं
जीरो डिस्चार्ज सुविधा- डिपो से बाहर गंदा पानी नहीं छोड़ा जाने वाला है।
ड्यूल प्लंबिंग सिस्टम- ताजे और रीसाइकल पानी के लिए अलग-अलग पाइपलाइन को बिछाया जा रहा है।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP)- साथ ही में वॉशरूम, किचन और सफाई से निकलने वाले पानी (sewage treatment plant) को साफ करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को लगाया जाएगा।
एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP)- ट्रेन वॉशिंग और मेंटेनेंस से निकलने वाले पानी के उपचार के लिए एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट को लगाया जाएगा।
संयुक्त STP-ETP यूनिट- साथ ही में जमीन और ऊर्जा की बचत के लिए दोनों प्लांट एकीकृत रूप (Combined STP-ETP unit) में काम करने वाले हैं। इकी वजह से पानी का दोबारा यूज किया जा सकेगा।
जल भंडारण प्रणाली- डिपो में ट्रांसपोर्ट नगर डिपो की तरह व्यापक जल भंडारण व्यवस्था भी की जाएगी।
एलिवेटेड स्टेशन का होगा निर्माण
जानकारी के लिए बता दें कि 12 किलोमीटर लंबा ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर चारबाग से वसंतकुंज तक बनाया जाने वाला है। इसमें 7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड स्टेशन बनाये जाएंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत 5801.05 करोड़ रुपये है और निर्माण शुरू होने के बाद इसे 5 सालों में पूरा करने का फैसला लिया जा रहा है। इस मौके पर यूपीएमआरसी (Metro Corridor news) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया है कि दूसरे बड़े टेंडर के जारी होने और प्री-कंस्ट्रक्शन कार्यों में तेजी से लखनऊ मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर कार्यान्वयन की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। ये शहर को एक मजबूत और बेहतर सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को प्रदान करने वाला है।
