Gold Price Prediction : देश में जिस तहर से सोने की कीमतों में आए दिन उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। प्रतिष्ठित एक्सपर्ट की ओर से सोने की कीमतों को लेकर आए दिन कोई न कोई नई रिपोर्ट पैश की जा रही है। हाल ही में इसकी कीमतों को लेकर प्रतिष्ठित बैंक BMO कैपिटल मार्केट्स ने एक नई रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2028 तक सोने का भाव कहां तक पहुंच जाएगा। अगर आप में सोने में निवेश करने वाले हैं या खरीदारी करने की सोच रहे हैं तो यह खबर जरूर पढ़ लें।
आए दिन सोने और चांदी की कीमतों में उतार चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। आज सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन यह गिरावट ज्यादा दिनों तक बरकरार नहीं रहने वाली है। बीते दिनों आई ऐतिहासिक गिरावट के बाद सोने-चांदी ने तेजी से रिकवरी की है तो यह गिरावट कुछ भी नहीं है। ऐसा एक्सपर्ट का कहना है।
कई प्रतिष्ठित एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें (Silver Rate) सारे रिकॉर्ड ब्रैक करने वाली है। ऐसे में निवेशकों के मन में ये कंफ्यूजन है कि आने वाले दिनों में सोने के क्या रेट होंगे। इसी को लेकर एक रिपोर्ट पैश की गई है। रिपोर्ट में आज बाजार और महंगाई को स्थिति को परखते हुए सटीक अनुमान लगाने की कोशिश की गई है कि 2028 तक सोने का रेट कहां तक पहुंच जाएगा। चलिए जानते हैं –
आसमान छूने वाली है सोने चांदी की कीमत-
हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा है कि भविष्य में सोने और चांदी (Sone Chandi ka rate) की चाल कैसी रहेगी, तो कनाडा के एक बैंक नई रिपोर्ट जारी कर इस कंफ्यूजन को दूर कर दिया है। बैंक की यह रिपोर्ट निवेशकों के पैरों तले जमीन खिसका सकती है। कनाडा के प्रतिष्ठित बैंक BMO कैपिटल मार्केट्स ने इस बात का दावा किया है कि अगले कुछ सालों में सोने और चांदी के भाव उन स्तरों पर पहुंच जाएगी, जिसकी कल्पना आज आम आदमी नहीं कर सकता।
2027 तक इतने होंने सोने चांदी के रेट-
BMO कैपिटल मार्केट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक हालात जिस दिशा में जा रहे हैं, उसे देखते हुए साल 2027 तक सोने की कीमत (Sone ki Kimat) 8,650 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की उम्मीद लगाई है। इस मामले में सिल्वर सोने को पछाड़ते हुए बहुत आगे निकल जाएगी। चांदी 220 डॉलर प्रति औंस का स्तर छू सकती है।
भारतीय रुपये में साल 2027 (Gold Silver rate 2027) की चौथी तिमाही तक सोने की कीमत लगभग 3 लाख रुपये 10 ग्राम हो सकती है। लेकिन चांदी की कीमतें चौंकाने वाली है, यह 7 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
इस वजह से आएगी तेजी –
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कीमतों में इतनी भारी उछाल की वजह क्या है? बैंक के कमोडिटी एनालिस्ट्स का मानना है कि दुनिया का भू-राजनीतिक और फाइनेंशियल ऑर्डर तेजी से बदल रहा है। रिपोर्ट में ‘Sell America’ ट्रेड का जिक्र किया गया है। इसका मतलब है कि अमेरिकी डॉलर और वहां के बॉन्ड मार्केट में कमजोरी आ रही है।
इस पर टिका है निवेशकों का नजरियां-
निवेशकों का भरोसा अब कागजी मुद्रा (Fiat Currency) से उठ रहा है और सरकारी बैलेंस शीट्स पर दबाव बढ़ रहा है। इस स्थिति में अनिश्चित माहौल में निवेशक अपनी पूंजी बचाने के लिए ‘सेफ हेवन’ माने जाने वाले सोने और चांदी की ओर भाग रहे हैं। जापानी बॉन्ड्स में बिकवाली और येन में उतार-चढ़ाव ने भी इस डर को और हवा दी है, जिससे गोल्ड की मांग में जबरदस्त तेजी आई है।
चांदी तोड़ने वाली है सारे रिकॉर्ड-
अक्सर देखने को मिलता है कि निवेशक सोने की चमक में चांदी (Silver rate) को नजरअंदाज कर देते हैं, हालांकि BMO की रिपोर्ट ने चांदी को लेकर अपना नजरिया पूरी तरह बदल दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोने के मुकाबले चांदी का प्रदर्शन काफी तेज हो रहा है। इसकी वजह से गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 50 से नीचे आ गया है।
नए ग्लोबल रिस्क एनवायरनमेंट में चांदी एक मजबूत संपत्ति बनकर उभर रही है। बैंक की उम्मीद है कि 2026 के अंत तक चांदी 160 डॉलर प्रति औंस और 2027 के अंत तक 220 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है।
इन परिस्थितियों पर निर्भर करेगी सोने की कीमत-
हालांकि, ये भारी-भरकम तेजी कुछ विशेष परिस्थितियों पर निर्भर करने वाला है। BMO का मानना है कि ये लक्ष्य तभी हासिल होगा जब दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (Central Banks) हर तिमाही औसतन 8 मिलियन औंस सोना खरीदना जारी रखेगी। इसके साथ ही में गोल्ड ईटीएफ (ETF) में भी हर तिमाही 4 से 5 मिलियन औंस का निवेश आना काफी ज्यादा जरूरी है।
2028 तक इनती होगी चांदी की कीमत-
अगर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी बनी रहती है और रियल यील्ड (Real Yield) कम बनी रहती है, तो सोने की कीमतें 2026 की चौथी तिमाही तक 6,350 डॉलर प्रति औंस और 2027 तक 8,650 डॉलर प्रति औंस के जादुई आंकड़े को छू लेंगी। जिसकी वजह से निवेशकों को काफी लाभ होने वाला है।
