Delhi-NCR – दिल्ली-एनसीआर में तेजी से बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एक नया शहर बसाने की तैयारी है। सरकार की इस योजना के तहत 27 गांवों की तस्वीर बदलेगी। बेहतर सड़क, मेट्रो-RRTS कनेक्टिविटी, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं से यह शहर विकास को नई रफ्तार देगा… इससे जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती आबादी का दबाव कम करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार बुलंदशहर और गौतम बुद्ध नगर के 80 गांवों को मिलाकर न्यू नोएडा विकसित करने की तैयारी में है। यह 209 वर्ग किलोमीटर में फैला आधुनिक इंडस्ट्रियल शहर होगा, जिसे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा और 2041 तक चार चरणों में विकसित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश का नया औद्योगिक पावरहाउस बनेगा न्यू नोएडा-
‘ग्रेटर गाजियाबाद’ उत्तर प्रदेश में शहरी विकास का नया बेंचमार्क बनने की ओर है। इससे दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) को एक और आधुनिक शहर मिलेगा, जिसे गाजियाबाद जिले के मुरादनगर इलाके में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जून 2025 से परियोजना पर काम तेज हुआ है। इसका लक्ष्य लोनी, खोड़ा‑मकानपुर और मुरादनगर नगर पालिकाओं को शामिल कर गाजियाबाद नगर निगम का विस्तार करना है, ताकि एकीकृत विकास और बेहतर शहरी सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें।
नोएडा-गुरुग्राम को सीधी चुनौती देगा नया उभरता शहर-
इस मास्टर प्लान को 2025 के अंत तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 2026-27 से इसे जमीन पर लागू करने की तैयारी है। विशेषज्ञों के मुताबिक ग्रेटर गाजियाबाद (Greater Ghaziabad) भविष्य में नोएडा और गुरुग्राम (gurugram) को कड़ी टक्कर देगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की शहरीकरण नीति का अहम हिस्सा होगी, जो संतुलित और टिकाऊ विकास को मजबूती देगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के साथ रोजगार सृजन पर रहेगा फोकस-
नए शहर में चौड़ी और आधुनिक सड़कें, बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट (public transport), अंडरपास, रेलवे स्टॉप, मजबूत सीवर सिस्टम, पार्क और शिक्षा-स्वास्थ्य की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसे स्मार्ट सिटी मॉडल (smart city model) पर बसाया जाएगा, जहां CCTV निगरानी, बेहतर कचरा प्रबंधन और पर्याप्त ग्रीन स्पेस होंगे. इस प्रोजेक्ट से लाखों रोजगार पैदा होंगे, ट्रैफिक जाम कम होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
RRTS और मेट्रो कॉरिडोर से सीधे जुड़ेगा नया शहर-
गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी (Ghaziabad Development Authority) और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से सीमांकन, सर्वेक्षण और डिटेल्ड रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं। प्रस्तावित मास्टर प्लान में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और मनोरंजन जोन को प्रमुखता दी गई है। साथ ही ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) और मिक्स्ड-यूज जोन पर खास फोकस रहेगा, ताकि RRTS और मेट्रो कॉरिडोर से बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।
जानें कैसी होगी प्रशासनिक व्यवस्था-
ग्रेटर गाजियाबाद (Greater Ghaziabad) को कमिश्नरेट सिस्टम के तहत संचालित करने की योजना है। शहर की कमान सेक्रेटरी-लेवल के अधिकारी के हाथ में होगी। पूरे शहर को तीन जोन में विभाजित किया जाएगा और प्रत्येक जोन का नेतृत्व एक IAS अधिकारी करेगा। इस व्यवस्था से प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनने की उम्मीद है।
इन गांवों में देखने को मिलेगा बड़ा बदलाव-
इन गांवों में खोड़ा, लोनी, डासना और मुरादनगर (Dasna and Muradnagar) के आसपास के इलाके शामिल होंगे। प्रस्तावित शहर में कुल 175 से 214 वार्ड बनाए जा सकते हैं। मौजूदा गाजियाबाद नगर निगम के 100 वार्डों में लोनी से 55, खोड़ा से 34 और मुरादनगर से 25 नए वार्ड जोड़े जाएंगे। इससे आबादी 1.6 मिलियन से बढ़कर करीब 2.5 मिलियन हो जाएगी और शहर का दायरा भी काफी बढ़ेगा।
जानें नए शहर का ब्लूप्रिंट-
यह प्लान गाजियाबाद मास्टर प्लान (Ghaziabad Master Plan) 2031 के तहत लागू किया जा रहा है, जिसमें लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर के इलाके शामिल हैं। पहले चरण में मुरादनगर के आसपास के करीब 20 गांवों को लिया जा रहा है। हालांकि हालिया सर्वे और रिपोर्ट के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में यह संख्या बढ़कर 22 से 27 गांवों तक हो सकती है।
