Property Rate Hike : प्रॉपर्टी बाजार में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। फ्लैट और प्लॉट की कीमतों में तगड़ा उछाल आया है, जिससे खरीदारों की जेब पर असर पड़ रहा है। वहीं निवेशकों की बढ़ती रुचि ने भी रेट को ऊपर धकेला है…ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है कि इस बढ़ोतरी के पीछे कारण क्या हैं-
द्वारका एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर का तेजी से उभरता रियल एस्टेट हब बन गया है। लंबे समय तक लैंड एक्विजिशन और अन्य अड़चनों के कारण यह प्रोजेक्ट अटका रहा, लेकिन पूरा होने के बाद यह लोगों की नजर में एक बड़ा हॉट स्पॉट बन चुका है। यह 29 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे है, जिसमें 18.9 किलोमीटर हरियाणा और 10.1 किलोमीटर दिल्ली में पड़ता है।
यह द्वारका को खेरकी दौला टोल प्लाजा से जोड़ता है और देश का पहला 16 लेन वाला एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे है। इसके शुरू होने से दिल्ली, गुरुग्राम, एनएच-48 और आईजीआई एयरपोर्ट तक पहुंचने का समय काफी कम हो गया है। ट्रैफिक का दबाव घटा है और इलाका अब एक नए रेजिडेंशियल हब के रूप में विकसित हो रहा है, जहां पहले गुरुग्राम के सैचुरेटेड क्षेत्र माने जाते थे।
बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते इस इलाके में तेजी से विकास हुआ है। द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ 5.1 किलोमीटर लंबा टनल बनाया गया है, जो आईजीआई एयरपोर्ट (IGI Airport) और एनएच-48 को जोड़ता है, जिससे पुरानी सड़कों पर ट्रैफिक कम हुआ है। इसके अलावा साउथ दिल्ली में करीब 3500 करोड़ रुपये का अंडरग्राउंड टनल प्रस्तावित है और द्वारका एक्सप्रेसवे से साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर की योजना है। इन परियोजनाओं से खरीदारों का भरोसा काफी बढ़ा है।
यहां प्रॉपर्टी खरीदने की क्या हैं बड़ी वजहें-
पहले यहां प्रॉपर्टी में सिर्फ स्पेकुलेटिव होल्डिंग होती थी, लेकिन अब बड़ी संख्या में एंड-यूजर्स घर खरीद रहे हैं। जेनिका वेंचर्स के कॉर्पोरेट डायरेक्टर नीरज शर्मा के अनुसार, द्वारका एक्सप्रेसवे एनसीआर का सबसे ज्यादा इंतजार किया गया रेजिडेंशियल डेस्टिनेशन बन चुका है।
यह 16 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड रोड है, जिससे दिल्ली के पश्चिमी हिस्सों, द्वारका (dwarka), गुरुग्राम (gurugram) और एयरपोर्ट तक बेहतरीन कनेक्टिविटी मिली है। लैंड एक्विजिशन की दिक्कतें खत्म होने और प्रोजेक्ट पर फोकस बढ़ने से यह इलाका तेजी से विकसित हुआ। नतीजतन रियल एस्टेट में डिमांड बढ़ी (Demand for real estate increased) और पिछले पांच सालों में प्रॉपर्टी की कीमतें तीन गुना से ज्यादा हो गई हैं। अब यह मॉडर्न और लग्जरी लिविंग का प्रमुख हब बनता जा रहा है, जिसे आने वाले प्रोजेक्ट्स और मजबूत करेंगे।
यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में जबरदस्त उछाल (property price hike) देखा गया है। मैजिकब्रिक्स के अनुसार, अब औसतन अपार्टमेंट की कीमत करीब 14,342 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई है, जो एनसीआर में सबसे तेज ग्रोथ में शामिल है। पिछले पांच सालों में कीमतें लगभग 153% बढ़ी हैं। 2020 में जहां औसत रेट करीब 6,300 रुपये प्रति वर्ग फुट था, वहीं अब यह 21,700 से 24,000 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गया है-यानी करीब 3.5 गुना बढ़ोतरी और सालाना लगभग 28% की ग्रोथ।
स्क्वेयर यार्ड्स की रिपोर्ट के अनुसार, अगले तीन सालों में यहां 25,000 से ज्यादा नए हाउसिंग यूनिट्स (new housing units) बाजार में आएंगे, जो डेवलपर्स के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। हालांकि ग्रोथ पूरे इलाके में एक जैसी नहीं है। नॉर्थ सेक्टर 102 से 106 मिड-सेगमेंट खरीदारों के लिए बेहतर हैं, क्योंकि ये दिल्ली के करीब हैं और एंट्री प्राइस कम है। सेंट्रल सेक्टर 107 से 109 में रेडी या नीयर-पजेशन प्रोजेक्ट्स ज्यादा हैं, जहां एंड-यूजर्स की मांग अधिक है।
वहीं साउथ सेक्टर (south sector) 110 से 113 में ब्रांडेड प्रोजेक्ट्स और सीमित सप्लाई के कारण प्रीमियम कीमतें हैं, जो लंबी अवधि में अच्छी कैपिटल ग्रोथ दे सकती हैं। इसके अलावा सेक्टर 84 से 89 जैसे नए इलाके अभी शुरुआती चरण में हैं, जहां कीमतें कम हैं और ग्रोथ की अच्छी संभावना है।
गुरुग्राम के पुराने रियल एस्टेट कॉरिडोर जैसे गोल्फ कोर्स रोड (Golf Course Road) और साउदर्न पेरिफेरल रोड से तुलना करें तो द्वारका एक्सप्रेसवे (dwarka expressway) अभी ग्रोथ फेज में है। जहां गोल्फ कोर्स रोड पर कीमतें मैच्योर हो चुकी हैं, वहीं द्वारका एक्सप्रेसवे पर आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश है, इसी वजह से एंड-यूजर्स और निवेशक दोनों यहां आकर्षित हो रहे हैं।
यह इलाका अब देरी और अधूरे वादों से निकलकर एक स्ट्रक्चर्ड ग्रोथ कॉरिडोर (Structured Growth Corridor) बन चुका है। सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार हो रहा है, एंड-यूजर डिमांड बढ़ रही है और भविष्य की कनेक्टिविटी योजनाएं यहां स्थिर और मजबूत ग्रोथ की ओर इशारा कर रही हैं। गुरुग्राम के रियल एस्टेट (gurugram real estate) परिदृश्य में हो रहे बदलावों में द्वारका एक्सप्रेसवे की भूमिका आने वाले समय में और अहम होने वाली है।
