electricity bills : भले ही सरकार की ओर से ओर बिजली विभाग की ओर से आम जनता को बढ़ते बिलों से राहत देने के लिए कई योजनाएं चलाई जाती है और बिजली उपभोक्ताओं को भी समय-समय पर अपडेट दिए जाते हैं। अब हाल ही में बिजली उपभोक्ताओं (electricity consumers News) के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अगर बिजली उपभोक्ताओं समय रहते ये एक जरूरी काम नहीं करते हैं तो उनको बाद में पछताना पड़ सकता है।
अगर सरकार बिजली उपभोक्ताओं के राहत के लिए कई प्रयास करती है तो बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी कई कार्यों को समय पर करना जरूरी हो जाता है। अब इसी बीच बिजली उपभोक्ताओं (electricity consumers) के लिए एक काम को डेड टाइमलाइन तक करना बेहद जरूरी है। नहीं तो बाद में उनके लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। आइए खबर के माध्यम से विस्तार से जानते हैं इस बारे में-
बिल जनरेशन काम पूरा करने की डेडलाइन
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड (Himachal Electricity Board) के उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। दरअसल, बोर्ड अब अपने डेटा सेंटर के सॉफ्टवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने वाला है, जिस वजह से 26 फरवरी की आधी रात से ही बिलिंग और पेमेंट से जुड़ी सभी ऑनलाइन सेवाएं अस्थाई रूप से बंद हो जाएंगी।
बिजली बोर्ड के मुख्य ऑपरेशन (Main Operations of Electricity Board) की ओर से इस बारे में शिमला, मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जोन के लिए लिखित ऑर्डर को जारी किया हैं। बोर्ड की ओर से सभी विद्युत उपमंडलों को एक हफ्ते के भीतर यानी 21 फरवरी तक मीटर रीडिंग और बिल जनरेशन का कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि 26 फरवरी तक बिलों की वसूली और एरियर भुगतान के प्रोसेस को पूरा कर लिया जाना चाहिए।
बिलिंग का सारा सिस्टम होगा अपग्रेड
उपभोक्ताओं को सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन (Software upgrades to consumers) के प्रोसेस के दौरान डिजिटल असुविधा झेलनी पड़ सकती है। इस ड्यूरेशन में बिजली बिलों का ऑनलाइन भुगतान (Online payment of electricity bills) भी नहीं होगा और कंज्यूमर पोर्टल या मोबाइल ऐप की सेवाएं भी मौजुद रहेंगी। ऐसे में जब तक मीटरिंग और बिलिंग का सारा सिस्टम अपग्रेड होने तक का काम ऑफलाइन मोड में ही रहेगा।
स्मार्ट मीटर लगाने के प्लान पर तेज हुआ काम
अभी तो बोर्ड की ओर से पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर (smart meter news ) लगाने के प्लान पर तेजी से काम किया जा रहा है। जैसे ही नई व्यवस्था लागू होगी तो उसके बाद कर्मचारियों को रीडिंग के लिए घर-घर नहीं जाना पड़ेगा। इसका फायदा यह होगा कि स्मार्ट मीटर (Chief Engineer of Electricity Board) सीधे मोबाइल नेटवर्क से कनेक्ट हो सकेंगे, जिससे उपभोक्ताओं को उनके बिल की जानकारी फोन में ही मिल सकेगी। हालांकि कुछ इलाको में इसका विरोध देखने को मिल रहा है, लेकिन विभाग ने क्लियर किया है कि यह कदम व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए लिया गया है।
