Challan Rule Change – यातायात नियमों में बदलाव के बाद अब बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। किसी वाहन पर एक साल में इतनी बार चालान होने पर चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। चालान जमा करने और आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा 45 दिन है-
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए चालान प्रक्रिया में बदलाव को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब परिवहन विभाग ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत बार-बार चालान होने पर वाहन चालक को तीन महीने के लिए ड्राइविंग अयोग्य घोषित (disqualified from driving) किया जा सकेगा। साथ ही, चालान जमा करने की समय सीमा 45 दिन निर्धारित की गई है।
आरटीओ (RTO) कार्यालय में आपत्तियां भी चालान जमा करने की 45 दिन की अवधि में दर्ज कराई जा सकेंगी। आरटीओ के निर्णय से असंतुष्ट होने पर वाहन चालक को केवल 50 प्रतिशत चालान जमा करके ही अदालत में अपील करने का अधिकार होगा। संभागीय परिवहन अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1989 में संशोधन कर केंद्रीय मोटरयान नियम (Central Motor Vehicles Rules amended 2026) लागू कर दिया गया है।
नए नियमों के अनुसार यातायात उल्लंघन (traffic violation) पर चालान भौतिक या ई-रूप में जारी किया जा सकेगा। स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली (Automated Electronic Monitoring System) के माध्यम से भी चालान किया जा सकेगा। भौतिक चालान वाहन स्वामी को 15 दिन के भीतर और ई-चालान तीन दिन के भीतर भेजा जाएगा।
किसी वाहन का एक साल में पांच बार चालान होने पर वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (driving license) तीन माह के लिए निलंबित कर चालक को अयोग्य घोषित किया जाएगा। चालान होने पर जमा करने के लिए 45 का समय मिलेगा। कोई आपत्ति होने पर इसी अवधि में संभागीय परिवहन अधिकारी को आवेदन करना होगा, अगर आवेदन नहीं करते हैं तो अवधि समाप्त हो जाने के बाद कोई राहत नहीं मिलेगी।
किसी वाहन पर एक साल में पांच बार चालान होने पर चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित कर अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। चालान जमा करने के लिए 45 दिन का समय रहेगा। कोई आपत्ति होने पर इसी अवधि में संभागीय परिवहन अधिकारी को आवेदन करना होगा, वरना समय सीमा समाप्त होने के बाद राहत नहीं मिलेगी।
आवेदन मिलने के बाद आरटीओ को 30 दिन के भीतर उसका निस्तारण करना होगा। यदि इस अवधि में शिकायत का निस्तारण नहीं होता है, तो चालान स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा। आरटीओ के निस्तारण (Disposal of RTO) से असंतुष्ट होने पर वाहन चालक चालान की 50 प्रतिशत राशि जमा करके कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि चालान बकाया होने पर संबंधित वाहन को निरुद्ध कर दिया जाएगा और वाहन से जुड़े कोई भी कार्य तब तक नहीं किए जाएंगे जब तक चालान जमा नहीं किया जाता। सभी एआरटीओ को नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
