Corridor In UP : उत्तर प्रदेश में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर चार जिलों में नया कॉरिडोर बनाया जाने वाला है। इसको लेकर प्रशासन (Corridor News) ने भी मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इसकी वजह से दो एक्सप्रेसवे कनेक्ट होने वाले हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
यूपी के चार जिलों में अब एक नया एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बनाया जाने वाला है। इसको लेकर सरकार ने भी मंजूरी प्रदान कर दी है। इस कॉरिडोर की वजह से दो एक्सप्रेसवे (Expressway Corridor News) आपस में कनेक्ट होंगे। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। खबर में जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
इस कॉरिडोर को मिली मंजूरी
शासन ने बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर कॉरिडोर (Expressway Corridor) को मंजूरी प्रदान कर दी है। बरेली होते हुए गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे को पहले ही स्वीकृति मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इसके लिए टोकन मनी को भी जारी कर दिया गया है। गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Panipat Expressway) नवाबगंज और बहेड़ी तहसील के 68 गांवों से होकर गुजरने वाला है। अब शासन की योजना गंगा, यमुना और गोरखपुर–पानीपत एक्सप्रेसवे को आपस में कनेक्ट करते हुए विशाल कॉरिडोर का निर्माण होने वाला है।
12 जिलो से होकर गुजरने वाला है एक्सप्रेसवे
प्रदेश के 12 जिलों से होते हुए गुजरने वाला 594 किलोमीटर लंबा मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे बदायूं के बिनावर में बरेली-मथुरा हाईवे को कनेक्ट करने वाला है। बदायूं में ही गंगा एक्सप्रेसवे मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे (Moradabad-Farrukhabad Highway) से भी कनेक्ट होता है। बरेली-मथुरा हाईवे वृंदावन के पास यमुना एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करता है। चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुजरने वाला 296 किलोमीटर लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) यमुना एक्सप्रेस वे को कनेक्ट करता है। गोरखपुर–पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए बजट को भी मंजूरी प्रदान की जा चुकी है।
इतनी लागत से तैयार होगा प्रोजेक्ट
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया है कि कई बड़ी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर कॉरिडोर (Lalitpur Corridor) के लिए शासन ने सात हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान पैश किया गया है। प्रदेश से गुजरने वाले सभी एक्सप्रेसवे, नेशनल और स्टेट हाईवे अगले पांच साल में एक-दूसरे से कनेक्ट हो जाएंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI Latest Update) के एक परियोजना निदेशक ने बताया है कि तीनों संस्थाएं मिलकर कॉरिडोर पर कार्य करने वाली है।
सात एक्सप्रेसवे कॉरिडोर होंगे आपस में कनेक्ट
प्रस्तावित कॉरिडोर प्रदेश के सात एक्सप्रेस वे के साथ ही सभी नेशनल और स्टेट हाईवे को आपस में कनेक्ट करने वाला है। इनमें गंगा एक्सप्रेस वे लगभग तैयार किया जा चुका है। पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ और गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेस वे (Ghaziabad-Kanpur Expressway) पर कार्य फिलहाल चल रहा है। गोरखपुर-शामली-पानीपत एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बरेली होते हुए गुजरने वाला ये प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे होने वाला है।
जानिये कितनी होगी एक्सप्रेसवे की लंबाई
गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई 594 किमी होगी।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की लंबाई 341 किमी होगी।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की लंबाई 302 किमी होगी।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की लंबाई 296 किमी होगी।
यमुना एक्सप्रेसवे की लंबाई 165 किमी होने वाली है।
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे की लंबाई 750 किमी होने वाली है।
गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे की लंबाई 380 किमी रहेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई 151 किमी के दायरे में लगाए गए बीम क्रैश बैरियर होने वाली है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर मिलेगी वाहनों को सुरक्षा
शाहजहांपुर के जलालाबाद में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) पर वाहनों की सुरक्षा के लिए बदायूं से लेकर हरदोई जनपद की सीमा तक लगभग 151 किमी के दायरे में सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। इसके लिए छुट्टा पशुओं के लिहाज से संवेदनशील स्थानों पर ईंट की चहारदीवारी बनाने के साथ ही पूरे एक्सप्रेसवे (expressway News) पर बीम क्रैश बैरियर लगा दिया गया है। मार्च तक लोहे के तार की फेंसिंग हटाकर वहां पर पक्की चहारदीवारी बनाने के साथ ही बीम क्रैश बैरियर लगाने की भी प्लानिंग की जा रही है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने दी जानकारी
बरेली डिवीजन के एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने जानकारी देते हुए बताया है कि गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Panipat Expressway) बरेली के नवाबगंज और बहेड़ी तहसील से होकर गुजरने वाला है। प्रदेश के सभी नेशनल, स्टेट हाईवे और एक्सप्रेसवे अगले पांच साल में आपस में कनेक्ट कर दिये जाएंगे। बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर कॉरिडोर (Bareilly-Agra-Jhansi-Lalitpur Corridor) विकसित करने की दिशा में भी कार्य शुरू हो गया है। इस संबंध में एनएचएआई, उप्र एक्सप्रेसवे प्राधिकरण, यूपीडा और उपसा मिलकर कार्य कर रही है।
