Gold Price : पिछले काफी समय से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है। उम्मीद लगाई जा रही है कि आने वाले दिनों में भी कीमतों में गिरावट (Gold price fall) का ये दौर बना रहने वाला है। ऐसे में आइए जानते हैं मार्च तक इसकी कीमत कितनी होने वाली है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में।
लगातार बढ़ रही सोने और चांदी की कीमतों में अब गिरावट दर्ज की जा रही है। आज सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है। कीमतों में गिरावट (Gold rate Today) का ये दौर आने वाले दिनों में भी बरकरार रहने वाला है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से सोने और चांदी की कीमतों के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
आज इस रेट मिल रहा है सोना-
सोने-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Price) में गिरावट का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। चांदी की कीमत ऑल टाइम हाई से करीब 78 प्रतिशत तक सस्ती हो गई है। चांदी की कीमत (Silver Price today) 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई थी। मंगलवार को चांदी की कीमत 7,244.00 (3.02 प्रतिशत) टूटकर 2,31,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर जा पहुंची है। इस तरह सिल्वर की कीमत में 1.88 लाख रुपये की कमी आ चुकी है। गोल्ड भी अपने रिकॉर्ड हाई से लगभग 40,000 रुपये से ज्यादा सस्ता (Gold Cheaper) हो गया है। हालांकि, कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट और केडिया एडवाइजरी के फाउंडर व डायरेक्टर, अजय केडिया का कहना है कि यह गिरावट यही थमने वाली नहीं है।
इस वजह से गिरी सोने की कीमत
1. एक्सचेंज पर बढ़े मार्जिन : हाल के दिनों में रिकॉर्ड तेजी के बाद एक्सचेंज (Gold rate on MCX) रिस्क कम करने के लिए ‘मार्जिन’ को बढ़ाया जा रहा है। इसका प्रभाव के बारे में बात करें तो मार्जिन बढ़ने का मतलब है कि अब निवेशक को एक लॉट खरीदने या होल्ड करने के लिए ज्यादा पैसा जमा करा रहे हैं। जिन निवेशकों (Gold Investment Tips) के पास अतिरिक्त फंड नहीं होता, उन्हें मजबूरन अपनी पोजीशन बेचनी पड़ती है। इसे ‘फोर्स्ड लिक्विडेशन’ कहते हैं, जिससे बाजार में अचानक भारी बिकवाली आ रही है।
2. यूएस एक्सचेंज (COMEX) पर निवेशक अपनी ‘लॉन्ग’ (खरीदारी) की पोजीशन काटकर मुनाफे की वसूली कर रहे हैं। जब बड़े फंड्स और ट्रेडर्स (Gold rate Fall reason) अपनी पोजीशन कम करते हैं, तो बाजार का सेंटिमेंट ‘बुलिश’ से ‘बेयरिश’ हो जाता है। ये इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि अब तेजी का दौर फिलहाल थम गया है।
3. ब्लूमबर्ग इंडेक्स ने सोने-चांदी से वेटेज घटाकर ‘बेस मेटल्स’ (जैसे कॉपर, एल्युमीनियम) पर बढ़ा दिया है। इंडेक्स को ट्रैक करने वाले ईटीएफ (ETFs) और पैसिव फंड्स (Gold rate) को अब अपनी होल्डिंग से सोना और चांदी बेचेंगे। इसके साथ ही में बेस मेटल की खरीदी करनी होगी। ये तकनीकी बिकवाली कीमतों को और नीचे दबाती नजर आ रही है।
4. सोना-चांदी ‘सुरक्षित निवेश’ माने जा रहे हैं। जब युद्ध का डर होता है, तो ये बढ़ते हैं। रूस-यूक्रेन और यूएस-ईरान में सुलह के संकेत मिल रहे हैं। इन मोर्चों पर बातचीत की उम्मीद और युद्ध की आशंका (Gold rate Today) कम होने से सोने और चांदी की मांग में कमी दर्ज की जा रही है। इसकी वजह से इसकी कीमतें कम होने वाली है।
5. भारत-यूएस ट्रेड डील होने से अनिश्चितता खत्म हो गई है। ट्रंप द्वारा कनाडा पर लगाए गए टैरिफ को जब घरेलू सांसदों का समर्थन नहीं मिला है। इसकी वजह से संकेत मिल रहे हैं कि भविष्य (Gold rate Forecast) में ‘ट्रेड वॉर’ उतना उग्र नहीं होगा जितना डर था। ग्रीनलैंड पर भी ट्रंप का रुख नरम पड़ रहा है। ट्रेड वॉर कम होने और ट्रंप के रुख में नरमी की वजह से सोने और चांदी की मांग में कमी दर्ज की जा रही है। ये दोनों कीमती धातु (Sone ka rate) पर दबाब बनाएगा, जिससे कीमतों में कमी देखने को मिलेगी।
6. गोल्ड-सिल्वर रेश्यो इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि 1 ग्राम सोना खरीदने के लिए कितने ग्राम चांदी लगेगी। फिलहाल के तौर पर ये 65 पर है। अगर ये बढ़कर 75 की ओर जाता है, तो इसका सीधा प्रभाव ये होगा कि चांदी, (Silver Price Today) सोने की तुलना में ज्यादा तेजी से गिरेगी। चांदी एक इंडस्ट्रियल मेटल भी है, इस वजह से जब ग्लोबल स्लोडाउन या रिबैलेंसिंग होती है, तो चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा ‘पैनिक’ सेल आता है।
चांदी की कीमतों में गिरावट की उम्मीद
अजय केडिया के मुताबिक फिलहाल इंटरनेशन मार्केट कॉमेक्स (COMEX) पर चांदी की कीमत 70 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। ये टूटकर 55 डॉलर तक जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो फिर मार्च महीने तक भारतीय बाजार में चांदी की कीमत टूटकर 1.80 लाख प्रति किलोग्राम तक जा सकती है।
इतनी लुढ़केगी सोने की कीमत
अगर सोने की कीमतों के बारे में बात करें तो सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इंटरनेशन मार्केट में सोना अभी 4400 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है। वैश्विक हालात जिस तरह से बन रहे हैं, वो सोने (Sone ka rate) की रैली को सपोर्ट नहीं करेंगे। सोने में 3500 डॉलर से रैली देखने को मिल रही थी। ऐसे में सोना टूटकर वहीं आ सकता है। ऐसी स्थिति में मार्च महीने तक भारत में सोने की कीमत (Gold rate) 1.05 से 1.10 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।
