Gold Silver Rate Down : सोने और चांदी की कीमतों में पिछले काफी समय से गिरावट दर्ज की जा रही है। आज एक बार फिर से सोने और चांदी की कीमतों में नरमी आई है। कीमतों में गिरावट आने के पीछे कई कारण बताये जा रहे हैं। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से सोने और चांदी की कीमतों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
आज एक बार फिर से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है। कीमतों में गिरावट आने की वजह से आम लोगों को काफी लाभ हो रहा है। वहीं निवेशकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में भी कीमतों में गिरावट (Gold Silver Rate Down) का ये दौर बना रहेगा। कीमतों में गिरावट आने के पीछे कई कारण बताये जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
सोने की कीमतों में आई इतनी गिरावट-
स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.5 प्रतिशत गिरकर 4,918.65 डॉलर प्रति औंस पर जा पहुंची है। एक समय कीमत 2 फीसदी से ज्यादा गिर गई थी। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अप्रैल डिलीवरी) 2.2 फीसदी लुढ़कर 4,937 डॉलर प्रति औंस पर आ पहुंचा था। इधर, इंडिया में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स (MCX Gold Silver Price) में गिरावट दर्ज की जा रही है। 3:30 बजे गोल्ड फ्यूचर्स 1.14 फीसदी गिरकर 1,53,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के हिसाब से कारोबार कर रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2.78 फीसदी टूटकर 2,33,010 रुपये प्रति किलोग्राम पर जा पहुंचा था।
इन वजह से लुढ़की सोने की कीमत-
एक्सपर्ट्स का मानना है कि डॉलर में मजबूती का दौर देखने को मिल रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी के संकेत देखने को मिल रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। मई में जेरोम पॉवेल की जगह केविन वॉर्श फेडरल रिजर्व (Kevin Warsh Federal Reserve) के चेयरमैन बनने वाले हैं। फिलहाल उनकी पॉलिसी के बारे में अंदाजा लगाना काफी ज्यादा मुश्किल हो रहा है। डॉलर में मजबूती से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इस वजह से सोने की कीमतों पर इसका निगेटिव प्रभाव पड़ रहा है। उधर, फेड के इंटरेस्ट रेट में कमी नहीं करने से सोने की चमक फीकी पड़ सकती है।
इस वजह से बढ़ी सोने की कीमत-
पिछले एक-सवा साल में सोने और चांदी (sone chandi ki kimat) में आई तेजी की कुछ खास वजह रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पॉलिसी से वैश्किव अनिश्चितता में उछाल दर्ज किया जा रहा है। डॉलर में कमजोरी से सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। फेडरल रिजर्व के रेट घटाने से सोने की चमक (Gold Rate) में उछाल दर्ज किया जा रहा है। कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने लगातार सोने की खरीदारी करनी शुरू कर दी है। इसके साथ ही में जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से कीमती धातुओं में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ रही है।
लंबी अवधि में ऐसा रहेगा सोने चांदी का रुख-
वेंचुरा में हेड ऑफ कमोडिटीज एंड सीआरएम एनएस रामास्वामी ने लंबी अवधि में सोने का आउटलुक कंस्ट्रक्टिव लग रहा है। उन्होंने बताया है कि स्ट्रक्चर के हिसाब से सोने में लंबी अवधि में तेजी की उम्मीद लगाई जा रही है। हालांकि ये तभी होगा जब अमेरिका में मॉनेटरी पॉलिसी में नरमी दर्ज की जाएगी। जहां तक चांदी (chandi ka rate) की बात है तो इसका स्ट्रक्चर एक्युमुलेटिव फेज का संकेत दे रहा है। फरवरी के आखिर और मार्च की शुरुआत में यह काफी अहम फेज में प्रवेश करता दिख रहा है। अगर ये 80 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बंद होता है तो इसमें तेजी की शुरुआत देखने को मिल सकती है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में इसमें उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा सकता है।
