Action on colonies : देशभर में लगातार हो रहे अवैध निर्माण पर रौक लगाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि सरकार अवैध कॉलोनियों पर पीला पंजा चलाने वाली है। सरकार ने 15 कॉलोनियों पर कार्रवाई करने का फैसला ले लिया है। इसके लिए प्रशासन ने भी अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। आइए जानते हैं इस बारे में।
अवैध कॉलोनियों को पूरी तरह से हटाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि अब सरकार ने 15 अवैध कॉलोनियों को हटाने का फैसला उठा लिया है। इसकी वजह से जिन लोगों को वहां पर निर्माण किया हुआ था अब उनको मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इन कॉलोनियों के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में।
अवैध कॉलोनियों में होगी कार्रवाई-
नगरपरिषद क्षेत्र में शीघ्र ही अवैध कॉलोनियों में कार्रवाई (Crackdown on illegal construction) की जा रही है। इसके लिए प्रशासन ने नोटिस जारी किए है, इसका जवाब देने की शुक्रवार को अंतिम तिथि है। इसके साथ ही में प्रशासन की कार्रवाई की सूचना पर अवैध भूखण्ड विक्रेताओं में हडकम्प मचा हुआ है।
अवैध निर्माण भी चिह्नित-
जानकारी के मुताबिक प्रशासक रामकिशोर मीना ने कार्यवाहक (Illegal constructions) आयुक्त धर्मेन्द्र मीना को शहर में अवैध निर्माण एवं कॉलोनियों का सर्वे कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे, इस पर नगरपरिषद प्रशासन ने शहर में अब तक 15 अवैध कॉलोनी विक्रेताओं को नोटिस जारी किए है। एवं बीस अवैध निर्माण को भी चिह्नित कर दिया गया है। इनको नगरपरिषद की ओर से नोटिस जारी कर कृषि भूमि में कॉलोनी (colony in agricultural land) काटे जाने को लेकर तीन दिन में जवाब की मांग की थी। इसकी अंतिम तिथि शुक्रवार है।
कॉलोनियों में जारी है पानी के कनेक्शन-
इसके बाद प्रशासन की ओर से निर्माण ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। शहर में सबसे अधिक अवैध कॉलोनियां छत्रपुरा रोड, बीबनवा रोड, माटूंदा रोड पर है, तथा काफी संख्या में लोगों के निर्माण भी चल रहे है और मकान भी बन चुके है। कॉलोनी का नियमन नहीं होने एवं पट्टा नहीं होने के बावजूद भी जलदाय विभाग एवं विद्युत निगम द्वारा कनेक्शन तक जारी किए जा चुके है।
ये इलाके आएंगे अवैध निर्माण के अंतरगत-
हाल के कुछ दिनों में सुप्रीम कोर्ट ने राजमार्ग के मध्य से 75 मीटर के दायरे में होने वाले निर्माण को अवैध बता दिया था। इसके बाद भी राजमार्ग प्राधिकरण एवं नगर परिषद की अनदेखी से कई निर्माण हो चुके है और कई होटलों का निर्माण जारी है। वहीं कुछ होटल का उद्घाटन भी किया गया है। हालांकि हिण्डोली मोड़ से जजावर तक हाइवे पर 75 मीटर के दायरे में आने वाले निर्माण व होटल पर कार्रवाई की जा चुकी है।
अवैध निर्माण कर्ताओं के लिए अलर्ट जारी-
कोई भी नगर परिषद (City Council) में आकर नियमन हो चुकी कॉलोनियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है। सर्वे कर अवैध कॉलोनी विक्रेताओं को नोटिस जारी कर दिये गए है। इनमें से अधिकांश के जवाब नहीं मिले है। इसके साथ ही में कुछ अवैध निर्माण कर्ताओं को चेतावनी नोटिस जारी किए है। आदेश के मिलते ही उक्त निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
क्रेता खुद होंगे जिम्मेदार-
अगर किसी ने कॉलोनी का नियमन होने से पहले कृषि भूमि में भूखण्ड (plot of agricultural land) खरीदा है और उस पर निर्माण किया जा रहा है। इसका क्रेता खुद जिम्मेदार होने वाले हैं। प्रशासन उन सब पर कार्रवाई करेगा। इस वजह से क्रेता अच्छी तरह जांच पड़ताल करने के बाद भी किसी प्रकार की सम्पति को क्रेय सकते हैं।
