Income Tax Update : टैक्स देने वालों के लिए अब एक बहुत बड़ा बदलाव होने वाला है। साल 2026 में यह बदलाव होगा। जल्द ही नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होने जा रहा है। यह नया एक्ट इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा। वहीं, इस नए एक्ट के तहत कई तरह के बदलाव होने वाले हैं। इसके अनुसार अब टैक्स फॉर्म्स के नाम व नंबर में पूरी तरह से बदलाव होने जा रहा है। ऐसे में अब फॉर्म 16 के नाम में भी बदलाव होने जा रहा है।
आप अगर नौकरी करते हैं तो आपको हर वर्ष जून या जुलाई महीने में फॉर्म 16 का काफी इंतजार रहता होगा। आप हमेशा फॉर्म 16 शब्द का ही इस्तेमाल करते होंगे। हालांकि अब ऐसा नहीं चलेगा। यह नया कानून आने के बाद आप अब इस टर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। भारत सरकार (Government of India) की ओर से जो नए आयकर नियम 2026 प्रस्तावित किए गए हैं, उनके मुताबिक इस साल 1 अप्रैल से नए नंबर वाले फॉर्म (Income Tax Form 16 Rule) को लागू किया जाएगा। 1 अप्रैल 2026 के बाद यह पुराने टैक्स फॉर्म प्रयोग में नहीं लाए जाएंगे।
अब क्या होगा फॉर्म 16 का
अब जब नए नंबर वाले फॉर्म आ रहे हैं तो सवाल उठता है कि क्या फॉर्म 16 को अब खत्म कर दिया जाएगा। ऐसे में नौकरी पेशा लोगों को यह जानकर राहत होगी की फॉर्म 16 को खत्म नहीं किया जा रहा है। हालंकि फॉर्म 16 का नाम जरूर बदला जा रहा है। अब इस नए कानून के तहत फॉर्म 16 का नाम और नंबर बदल दिया जाएगा। अब फॉर्म 16 (Form 16) को नया नंबर दिया गया है और इसे अब फॉर्म 130 (Form 130) के रूप में जाना जाएगा। हालांकि नंबर बदलने के बाद भी इस फॉर्म का वही काम रहने वाला है। अब नए एक्ट के अनुसार इसे एक नया नाम दे दिया गया है। हालांकि, यह अभी भी टीडीएस सर्टिफिकेट (TDS Certificate) देने का काम करेगा।
यह सिर्फ फॉर्म 16 के साथ बदलाव (Changes In Form 16) नहीं हुआ है, बल्कि इस नए कानून के तहत कई और फॉर्म्स के नाम में भी बदलाव कया जा रहा है। ऐसे में आपको आयकर रिटर्न से जुड़े कई अन्य फॉर्म्स के बारे में भी जानकारी होनी जरूरी है।
इस नए कानून के अनुसार काफी सारे बदलाव किए जाएंगे व साथ ही नौकरीपेशा लोगों (employed people) को कुछ राहत भी दी जाएगी। इस कानून का काम केवल नाम बदलना नहीं है बल्कि इसमें और भी काफी सारे बदलाव होने हैं। चलिए जानते हैं कि इस नए कानून के तहत कौन-कौन से बदलाव होने हैं।
1. इस नए कानून के तहत HRA से संबंधित लोगों को काफी राहत मिल सकती है। इसके अनुसार पुणे, बेंगलुरु, अहमदाबाद व हैदराबाद जैसे शहरों को भी अब 50 प्रतिशत की एचआरए HRA छूट वाली श्रेणी में शामिल किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव से पहले केवल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई इस छूट वाली कैटगरी में शामिल थे। अब इस श्रेणी के शहरों की संख्या बढ़ा दी गई है।
2.बच्चों की पढ़ाई के मामले में भी राहत दी जा सकती है। ऐसे में इस नए कानून के तहत पढ़ाई भत्ते यानी एजुकेशन अलाउंस की तय सीमा 100 से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
3.वहीं, कम जटिलता को लेकर भी प्रावधान बनाया गया है। इस कानून का एक उद्देश्य (Objective of law) यह भी है कि पुराने कानूनों व नियमों की संख्या को कम किया जा सकता है। ऐसे में इसे सरल भी बनाया जा सकता है। वहीं, इसे सरल बनाने के लिए इनकी संख्या 511 से घटाकर 333 करने का भी प्रस्ताव शामिल किया गया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आम आदमी भी टैक्स फाइलिंग को आसानी से समझ सके।
4. इस नए कानून के तहत ट्रांजिशन पीरियड भी दिया जा सकता है। यह निर्णय इस बात को ध्यान में रखकर किया जा रहा है ताकि लोगों के बीच किसी भी तरह का भ्रम न फैले। उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी न हो उसके लिए सरकार पुराने और नए फॉर्म नंबर्स को कुछ समय के लिए एक साथ चलाने की इजाजत दे सकती है।
ऐसे में टैक्सपेयर्स क्या कर सकते हैं
फिलहाल यही निर्णय चल रहा है कि साल 2026 में 31 मार्च तक आप पुराने फॉर्म के अनुसार (taxpayers updates) ही काम कर सकते हैं। यहां पर आपको घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार की ओर से यह निर्णय लिया जा रहा है कि नियमों में यह बदलाव एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए लागू करने का होगा। ऐसे में बस आपको इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है कि आने वाले साल में जब आप अपने कार्यालय से टीडीएस सर्टिफिकेट (TDS Certificate Update) मांगें तो उस समय याद रखें की आपको फॉर्म 16 की जगह फॉर्म 130 लेना है।
