New Railway Line :देशभर में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब दिल्ली से अंबाला तक एक नई रेलवे लाइन बिछाई जाने वाली है। इस रेल लाइन (Railway Line in Delhi) के बिछाये जाने की वजह से आम लोगों को काफी लाभ हो रहा है और यात्रा में भी काफी आसानी होने वाली है। आइए जानते हैं इस रेल लाइन के बिछने की वजह से किन जिलों को लाभ होने वाला है।
दिल्ली से अंबाला तक अब एक नई रेल को बिछाया जाने वाला है। इस रेलवे लाइन पर एक से बढ़कर एक सुविधाएं मिलने वाले हैं। वहीं इसकी वजह से सफर करने में भी आसानी होने वाली है। साथ ही साथ इसकी वजह से कई जिलों (Railway Line Project) को भी लाभ होने वाला है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से दिल्ली से अंबाला तक बिछाई जाने वाली इस रेलवे लाइन के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
दिल्ली से अंबाला तक होगा रेलवे लाइन का निर्माण-
हरियाणा में दिल्ली से अंबाला तक अब एक नई रेलवे लाइन को बिछाया जाने वाला है। इसकी वजह से जीटी रोड बेल्ट के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने वाला है। बता दें कि ये रेलवे लाइन अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत (Railway Line in Haryana) और सोनीपत से होकर गुजरेगी।
इससे रणनीतिक लाभ के साथ ही दिल्ली से पंजाब और जम्मू तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में लिए गए फैसले की जानकारी साझा करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Line News) का दावा है कि सेना से लेकर सामान्य यात्रियों के लिए यह महत्वपूर्ण कर दिया है। 194 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर 5983 करोड़ रुपये खर्च होने वाले हैं।
भूमि अधिग्रहण की नहीं होगी जरुरत-
जानकारी के लिए बता दें कि ये परियोजना दिल्ली से जम्मू (Railway Line Between Delhi to hisar) तक रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण होने वाली है। हरियाणा में ये लाइन अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत से होकर गुजरने वाली है। इसके तहत 32 रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं को उन्नत किया जाएगा। चार सालों में इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) की जरुरत नहीं पड़ने वाली है। मौजूदा रेल लाइन के साथ-साथ रेलवे की काफी जमीन इसके लिए यूज की जाएगी। नई रेल लाइन पर कुल 29 पुलों का निर्माण होने वाला है। साथ ही में रास्ते में पड़ने वाले पुराने पुलों का पुनर्निर्माण भी कराया जाएगा।
परियोजना पूरी होने में आएगी इतनी लागत-
परियोजना पूरी होने के बाद 43 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन रुकने वाला है। परियोजना पूरी हो जाने के बाद दिल्ली से पंजाब और आगे जम्मू तक कनेक्टिविटी में सुधार होने वाला है। हरियाणा (Railway Line) में इन दिनों कई प्रमुख रेल परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें आर्बिटल रेल कारिडोर सबसे बड़ी परियोजना रहने वाली है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे (Kundli-Manesar-Palwal Expressway) के साथ-साथ बनने वाली नई इलेक्ट्रिक डबल ब्राड-गेज लाइन पलवल से शुरू होकर सोहना, मानेसर और खरखौदा के रास्ते हरसाना कलां (सोनीपत) को कनेक्ट करने वाला है।
इन जिलों को मिलेगी सीधे कनेक्टिविटी-
ठीक इसी तरह करनाल-यमुनानगर रेल लाइन (Karnal-Yamunanagar rail line) को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। ये 61 किमी की लाइन इंद्री, लाडवा और रादौर के रास्ते कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग को सीधे कनेक्ट करने वाली है। जोकि मौजूदा 121 किलोमीटर के मार्ग को कम कर 61 किलोमीटर कर देगी। फिलहाल ये प्रोजेक्ट (Railway Line Project) सर्वे स्तर पर है। रोहतक-महम-हांसी के बीच नई लाइन रोहतक, भिवानी और हिसार जिलों के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करने वाली है। इससे 20 किमी की दूरी कम हो जाएगी। कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेल ट्रैक जाम से निजात दिलाएगा।
