Sarso ka taja Rate : लगातार गिर रही सरसों की कीमतों में अब तेजी दर्ज की जा रही है। सरसों की कीमतों में उछाल आने की वजह से आम लोगों की जेब ढ़ीली हो रही है तो वहीं किसानों को इसकी वजह से लाभ हो रहा है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से सरसों की कीमतों (Sarso ki kimat) के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
सरसों उत्पादक किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। रबी सीजन 2026 की नई सरसों अगले कुछ ही दिनों में पककर तैयार हो जाएगी। देश की ज्यादातर मंडियों में इस समय उछाल देखने को मिल रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल किसानों को सरसों का अच्छा खासा दाम मिलेगा। सरसों रेट (Sarso Rate Today) भी हाई पर चल रहे हैं और सरकार ने MSP में भी इजाफा कर दिया है। खबर के माध्यम से जानते हैं आज सरसों का क्या रेट है।
खराब मौसम का सरसों की कीमतों पर पड़ा असर –
पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम के चलते फसलों में नुकसान हुआ है। जिसकी वजह से सरसों बाजार (Sarso mandi rate) में 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी देखने को मिली और कल भी मंडियों में सरसों का भाव मिला-जुला रहा है, जहां कई मंडियों में तेजी तो कुछ बाजारों में मंदी दर्ज की गई है। हालांकि, आपको बता दें कि बाजार से दबाव खत्म नहीं हुआ है और मौसम साफ होते ही बाजार दोबारा नीचे की ओर दिखाई देने वाला है।
कल जयपुर में सरसों की कीमत 6800 स्थिर, भरतपुर 6351 (-49), दिल्ली (Delhi Sarso Rate) 6600, चरखी दादरी 6725 और अलवर मंडी 6600 (+100) पर कारोबार कर रहा है। साथ ही में कल सलोनी प्लांट पर भी भाव सो रुपए बढ़कर 7250 बोले गए है। देशभर में गुरुवार को सरसों की कुल आवक 4.25 लाख बोरी रही, इसमें 3.50 लाख बोरी नई सरसों (Sarso ka bhav) की रही, इसका मतलब है कि मंडियों में नई फसल का दबाव साफ देखने को मिल रहा है।
सरसों तेल का दाम-
कई दिनों से बरसात और ओलावृष्टि के चलते खेतों में सरसों (Sarso rate) फसल को नुकसान हुआ है और कटी हुई फसल भीगने से फलियों में गलन का खतरा बन गया है, इससे उत्पादन की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ रहा है। प्लांटों के रेट बढ़ने पर कल सरसों तेल (mustard oil) में भी 11 रुपये की तजी दर्ज की जा रही है। कच्ची घानी सरसों तेल जयपुर में 1391 रुपये, भरतपुर 1395 रुपये और अलवर में 1400 रुपये प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। जहां 1360 का मजबूत सपोर्ट अभी भी बना हुआ है।
सरसों की आवक में आया उछाल-
पिछले दो दिनों में बाजार में हुई मूमेंट को देखकर ज्यादा उम्मीदें नहीं लगाई जा रही है। ये तेजी टिकाऊ नहीं है सिर्फ मौसम की अस्थिरता से दिख रही है। सरसों की बढ़ती आवक, सरकारी बिकवाली जारी रहने और पक्के माल (तेल-खल) में सुस्त डिमांड की वजह से बाजार का मूवमेंट जल्दी ही गिरावट की ओर दिखाई देने वाला है। फिलहाल जयपुर का 6750 रुपये का सपोर्ट मजबूत माना जा रहा है और इसके नीचे फिसलने पर 6450 तक दबाव बढ़ सकता है। ऑल ओवर देखें तो जिस प्रकार सरसों (Sarso mandi bhav) की आवक लगातार बढ़ रही है। मार्च मध्य तक आवक अपने चरम पर पहुंचने की उम्मीद लगाई जा रही है। इस वजह से तब तक बाजार का रुख कमजोर ही रहने वाला है। व्यापार अपने विवेक से करें।
जयपुर में सरसों की कीमत-
सरसों भाव 6800 से लेकर 6825 रुपये
भरतपुर राजस्थान में सरसों की कीमत-
सरसों भाव 6300 रुपये
दिल्ली में सरसों की कीमत-
सरसों भाव 6700 रुपये
बरवाला में सरसों की कीमत-
सरसों भाव 6500 से लेकर 6600 रुपये
हिसार में सरसों की कीमत-
सरसों भाव 6400 से लेकर 6500 रुपये
हिसार की मंडी में सरसों की आवक 100 बोरी रही है।
सरसों सलोनी का दाम-
शमसाबाद आगरा में सरसों का भाव 7200 रुपये
दिग्नेर आगरा सरसों का भाव 7200 रुपये
अलवर सरसों में भाव 7200 रुपये
मुरैना सरसों में भाव 7200 रुपये
कोटा सरसों में भाव 7150 रुपये
सरसों का रेट
आगरा ऑयल सरसों में भाव 7000 रुपये
रुचि गुना सरसों में भाव 6675 रुपये
रुचि बारां सरसों में भाव 6650 रुपये
रुचि श्रीगंगानगर सरसों में भाव 6700 रुपये
चरखी दादरी मंडी में सरसों की कीमत-
सरसों पुरानी का भाव 6750 से लेकर 6800 रुपये
सरसों नई का रेट 6650 रुपये
सरसों मिल धारा का भाव 6700 रुपये
मुरैना मध्य प्रदेश में सरसों की कीमत-
सरसों 42 प्रतिशत कंडीशन भाव 6550 रुपये
सरसों लोकल का भाव 6350 रुपये
सरसों तेल कच्ची घानी का भाव 1370 रुपये
सरसों तेल एक्सपेलर का भाव 1360 रुपये
खल का भाव 2680 रुपये
