देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एरियर को लेकर अहम खबर सामने आ रही है। 7वें वेतन आयोग की अवधि समाप्त होने के बाद अब सभी की नजरें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। इसी बीच यह संकेत मिल रहे हैं कि आयोग की सिफारिशें लागू होने पर कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी दिया जा सकता है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
सरकार ने अभी 8वें वेतन आयोग को लागू करने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। हालांकि पिछली परंपरा को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नई सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं।
वित्त मंत्रालय के अनुसार आयोग को गठन की तारीख से 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। रिपोर्ट मिलने और कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही वेतन संशोधन औपचारिक रूप से लागू होगा।
एरियर कब और कैसे मिलेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही भुगतान बाद में हो, लेकिन एरियर की गणना 1 जनवरी 2026 से की जा सकती है। इसका मतलब यह हुआ कि यदि नई सैलरी दरें बाद में लागू होती हैं, तो अंतर की राशि कर्मचारियों को एकमुश्त या किस्तों में दी जा सकती है।
यह तारीख इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसी दिन से नए वेतन आयोग का प्रभावी काल शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
सैलरी में कितनी बढ़ोतरी संभव?
अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं हुआ है, लेकिन अनुमान के आधार पर चर्चा हो रही है कि:
- 8वें वेतन आयोग में कुल वेतन वृद्धि लगभग 20% से 35% तक हो सकती है।
- फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है।
तुलना करें तो 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था और औसत प्रभाव लगभग 23–25% के आसपास रहा था।
किन बातों पर निर्भर करेगी अंतिम बढ़ोतरी?
अंतिम सैलरी हाइक कई कारकों पर निर्भर करेगी, जैसे:
- आने वाले महीनों में महंगाई दर का रुख
- सरकार की वित्तीय स्थिति
- टैक्स कलेक्शन और राजस्व
- राजनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताएं
सरकार संभवतः ऐसा संतुलित पैकेज तैयार कर सकती है जिसमें कर्मचारियों को वास्तविक राहत भी मिले और राजकोषीय संतुलन भी बना रहे।
निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों में उत्साह बना हुआ है। यदि अनुमान सही साबित होते हैं तो सैलरी और पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी के साथ एरियर का भी लाभ मिल सकता है। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
