Sone ka Rate : सोने के भाव में पिछले काफी दिनों से उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। साल 2025 में सोने ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है। 2026 की शुरूआत में तूफानी तेजी दर्ज की गई थी, लेकिन अब कुछ दिनों पहले ही इसमें ऐतिहासिक गिरावट आई है। परंतु अब सोने (Gold rate 2026) ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। एक्सपर्ट मौजूदा स्थिति को देखते हुए अंदाजा लगा रहे हैं कि आने वाले दिनों में सोने का क्या रेट होगा। हाल ही में ताजा रिपोर्ट सामने आई है जिसमें बताया गया है कि क्या सोना 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम होगा या नहीं? चलिए जानते हैं –
अब सोने ने खरीदारों और निवेशकों की टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल, बीते दिनों आए बंपर उछाल के बाद इसमें रिकॉर्ड तोड़ गिरावट भी देखने को मिली है। लेकिन कुछ ही दिनों में सोने ने फिर से रिकवरी कर ली है। आज सोना इतना ज्यादा महंगा हो गया है कि आम आदमी के लिए 1 तोला सोना खरीदना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा है कि आने वाले दिनों में सोने का रेट (Gold Rate) कहां तक जाएगा।
UBS की बड़ी भविष्यवाणी –
यदि आप गोल्ड (Gold Rate) खरीदने की योजना बना रहे हैं या इसमें पैसा लगाने की सोच रहे हैं तो अपनी कुर्सी की पेटी बांध लीजिए। ग्लोबल मार्केट से एक बड़ी खबर सामने आई है जो आपको नुकसान से बचा सकती है और मोटा फायदा करवा सकती है। दरअसल, दुनिया की बड़ी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस (UBS) ने सोने की कीमतों को लेकर एक भविष्यवाणी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 तक सोना (Sone Ki Kimat 2026) लंबी छलांग लगाने वाला है, जिसकी उम्मीद शायद किसी ने भी नहीं की होगी।
क्या सोना 2 लाख रुपये तोला होगा?
UBS के आंकड़ों के मुताबिक, अगले कुछ महीनों में सोने के रेट (Gold Rate Hike) बुलेट ट्रेन की स्पीड से दौड़ने वाले हैं। अनुमान है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के लेवल को पार कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो भारतीय रूपये में एक तोला यानी 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1,98,484 रुपये प्रति 10 ग्राम हो जाएगी। इसका मतलब यह है कि देश में जल्द ही सोने की कीमत (Sone ki Kimat) 2 लाख रुपये प्रति तोला होने वाली है।
इस वजह से आएगी सोने में इतनी तेजी?
रिपोर्ट के मुतबिक, पिछले कुछ सालों से दुनिया भर के रिजर्व बैंक (reserve Bank) सोना खरीद-खरीद कर अपनी तिजोरी भर रहे हैं। UBS के मुताबिक, साल 2025 में बैंकों ने 863 मीट्रिक टन सोने की खरीदी की है। अब साल 2026 में उम्मीद है कि ये बैंक 950 टन तक सोना खरीदेंगे। यदि ऐसा हुआ तो मांग तेजी से बढ़ेगी और कीमतें सातवें आसमान पर पहुंच जाएंगी।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती जियोपॉलिटिकल टेंशन ने निवेशकों को डरा दिया है जब भी दुनिया में वॉर जैसे हालात बनते हैं, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में लगाते हैं, क्योंकि इसे सेफ हैवन माना जाता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक (us central bank) के ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद जताई जा रही है। जब ब्याज दरें गिरती हैं और डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतें रॉकेट की तरह ऊपर भागती हैं।
सोने में तेजी के दो अहम कारण-
एक तरफ तेजी से सोने की डिमांड बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ सोने (Gold Rate) की सप्लाई में कमी आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार कई बड़ी खदानें अब अपने लास्ट फेज में हैं और नया प्रोडक्शन उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहा है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई के ये दो कारण सोने की कीमतों को बढ़ा रहे हैं।
हालांकि, UBS ने यह भी कहा कि 2026 (Gold rate 2026) के बीच तक 6200 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छूने के बाद इसमें करीब 100 से 200 डॉलर प्रति औंस की गिरावट आ सकती है लेकिन सोने की कीमत मौजूदा कीमत से ज्यादा ही होगी। यहां पर बताए गए आंकड़े UBS की ताजा रिपोर्ट के अनुसार है।
