Income Tax News : देश में हर व्यक्ति को अपनी कमाई का कुछ ऐसा सरकार को टैक्स के रूप में पे करना होता है। इनकम टैक्स बचाने के लिए लोग कई तरह के तरीके अपनाते रहते हैं। आज हम आपको एक ऐसे तरीके बारे में बताने जा रहे हैं इसके तहत आप कितना भी पैसा कमा ले लेकिन आपको टैक्स नहीं देना पड़ेगा। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं इस तरीके के बारे में जिसके तहत नहीं लगेगा इनकम टैक्स।
हमें अपनी कमाई का कुछ परसेंट ऐसा इनकम टैक्स के रूप में सरकार को पे करना होता है। ज्यादातर लोग टैक्स बचाने के लिए कई तरह के रास्ते बनाते रहते हैं। अगर आप भी टैक्स बचाने के तरीके ढूंढ रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बड़े ही काम की है। जैसा कि आप लोग जानते हैं वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर यानी इनकम टैक्स रिटर्न भरने का प्रोसेस (Income Tax Return Filing Process) जल्द ही शुरू होने वाला है।
फिलहाल के नियमों के तहत पुरानी कर व्यवस्था (old tax system) में सालाना 7 लाख रुपए तक और नई कर व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की कमाई पर टैक्स (tax on earnings) नहीं देना पड़ता। इससे ज्यादा कमाई होने पर निर्धारित टैक्स के अनुसार कर देना होता है। हालांकि कुछ प्रकार की आय ऐसी भी हैं, जिन पर किसी भी स्थिति में आयकर नहीं लगता। आइए जानते हैं ऐसी प्रमुख टैक्स-फ्री आमदनी (tax-free income) के बारे में।
कृषि से होने वाली आय
खेती के जरिए की जाने वाली कमाई पूरी (agricultural income) तरह कर फ्री होती है। चाहे आप फसल उत्पादन करें, उसे बेचें या कृषि भूमि को किराए पर दें, इससे होने वाली कमाई आयकर के दायरे से बाहर रहती है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि यदि कृषि से होने वाली कमाई 5,000 रुपये से अधिक है और आपकी अन्य कमाई बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट (वो कम से कम कमाई जिस पर टैक्स नहीं लगता) से ऊपर चली जाती है, तो टैक्स की गणना करते समय इसे ध्यान में रखा जा सकता है। फिर भी, कृषि आय पर सीधे तौर पर टैक्स नहीं लगाया जाता।
PPF से मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी
पीपीएफ (Public Provident Fund) एक पॉपुलर बचत योजना है। इसमें मिलने वाले ब्याज पर प्राप्त पूरी रकम टैक्स-फ्री होती है। वर्तमान में इस पर 7.1% ब्याज मिल रहा है। आप हर वित्त वर्ष में ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं, जिस पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट मिलती है। यह योजना EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आती है—यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी—तीनों ही चरणों में कर से छूट।
EPF से निकाली गई राशि
यदि किसी कर्मचारी ने एक ही संस्थान में लगातार 5 वर्ष या उससे अधिक सेवा की है, तो ईपीएफ (Employees’ Provident Fund Organisation ) से निकाली गई राशि पूरी तरह कर मुक्त होती है। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंशदान तथा उस पर अर्जित ब्याज शामिल होता है।
चाहे आप पुरानी या नई कर व्यवस्था चुनें, पांच वर्ष से अधिक की सेवा अवधि पूरी होने पर ईपीएफ की मैच्योरिटी राशि पर टैक्स नहीं लगता।
जीवन बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि
जीवन बीमा पॉलिसी के मैच्योर होने पर मिलने वाली रकम टैक्स फ्री होती है। इसके लिए शर्त यह है कि भरा गया प्रीमियम बीमा राशि (Sum Assured) के 10% से अधिक न हो। यदि पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है और नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) को डेथ बेनिफिट मिलता है, तो वह राशि बिना किसी सीमा के पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) से प्राप्त रिटर्न
यह योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसमें भी हर वर्ष 1.5 लाख रुपये तक निवेश पर धारा 80C के तहत कर छूट मिलती है।
इस योजना में जमा धन, उस पर अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि—तीनों पूरी तरह कर मुक्त होते हैं। इस प्रकार यह भी EEE श्रेणी की योजना है।
