metro rrts and train : शहरी कनेक्टिविटी को बदलने के देश के कई हिस्सों में लगातार मेट्रो और रैपिड रेल का विस्तार किया जा रहा है, लेकिन आपने देखा होगा कि अक्सर कई लोग मेट्रो ट्रेन और रैपिड रेल (rapid rail news) सेवाओं को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। ऐसे में आज हम आपको इस खबर में कंफ्यूजन को दूर करते हुए दोनों में अंतर के बारे में बताने वाले हैं।
वैसे तो यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने और तेज और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए मेट्रो और रेपिड रेल (metro rrts and train) की शुरुआत की गई हैं, लेकिन बता दें कि इन दोनों का महत्त्तव अलग हैं। अगर आप यात्रा की प्लान कर रहे हैं तो आपके लिए यह जानना उपयोगी होगा कि आखिर इन दोनों में क्या अंतर है। खबर के माध्यम से जानिए इस बारे में विस्तार से।
जानिए क्या है मेट्रो ट्रेनें
सबसे पहले तो आप यह जान ले की मेट्रो ट्रेन (metro train Interesting Facts ) एक उच्च गति वाली बिजली से चलने वाली तेज परिवहन सिस्टम है। मेट्रो ट्रेन महानगरों के अंदर ही अलग-अलग ग्रेड सेपरेटेड पटरियों पर चलाई जाती है और उनको खास तौर पर इसलिए डिजाइन किए गए हैं ताकि शहरी क्षेत्र में कम दूरी की यात्रा आसानी से हो सके। मेट्रो ट्रेन वातानुकूलित, आरामदायक सफर का एक्सपीरियंस देती है और साथ ही यात्रा को कम करने में मददगार है। मेट्रो ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन ऑप्शन के रूप में काम करती है।
कैसे काम करती है रैपिड रेल
बात करें रैपिड रेल (rapid train in india) की तो रैपिड रेल एक सेमी हाई स्पीड, हाई फ्रीक्वेंसी वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम ट्रेन है। इन ट्रेनों की गति 160 180 किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से हैं और यह ट्रेनें 100-250 किमी के इंटरसिटी रूट्स (rapid train route) पर मेट्रो से तेज और बुलेट ट्रेन से धीमी चलती है। यह भी बेहतर सार्वजनिक सुविधा देती है और इनका मकसद भी शहरों के बीच यात्रा के समय को बचाना है।
जानिए क्या रहै मेट्रो और रैपिड रेल में डिफरेंस
अब बात करें दोनों के बीच के अंतर की तो मेट्रो और रैपिड रेल (Difference between Metro and Rapid Rail) में गति, स्टॉपेज और यात्रा की दूरी अलग-अलग है। मेट्रो तो शहरों में 80-100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है और रैपिड रेल 160-180 किमी प्रति घंटा की गति से चलती है और इन्हें खासतौर पर लंबी दूरी के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें कम स्टॉपेज होते हैं।
इन दोनों के बीच का दूसरा अंतर कोच से जुड़ा (Metro and Rapid Rail coaches) है। जहां मेट्रो में प्राय 6-8 कोच उपलब्ध होते हैं और खड़े होने का स्पेस काफी होता है। वहीं, रैपिड रेल में शुरू में 3-6 कोच होते हैं और इसमें प्रीमियम कोच भी मौजुद है। वहीं, मेट्रो शहर के भीतर के स्टॉपेज के लिए है। रैपिड रेल रीजनल है, जो दो शहरों को कनेक्ट करती है और इनके स्टॉपेज (Rapid Rail stoppage ) थोड़े दूर-दूर होते हैं। बड़ी बात यह है कि रैपिड रेल में रिक्लाइनिंग सीटें, वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग आदि कई प्रीमियत फीचर्स होते हैं, जो इसे वंदे भारत ट्रेनों के समान बनाते हैं।
