उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने चार दिवसीय विदेश दौरे के तहत टोक्यो, जापान पहुंचे जहाँ उन्हें हवाई अड्डे पर भारी उत्साह और भव्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया। जापान में उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना और राज्य को “मेक इन यूपी” तथा “वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था” के लक्ष्य की ओर अग्रसर करना है।
जापान में हुआ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री के आगमन पर जापान की स्थानीय प्रशासनिक टीम, भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि और व्यापारिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। हवाई अड्डे पर आयोजित स्वागत समारोह में दोनों देशों के प्रतीकात्मक संस्कृति के प्रदर्शन, पुष्प भेंट और पारंपरिक अभिवादन शामिल रहे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जापान की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार के साथ सहयोग को लेकर अच्छी सकारात्मक भावना देखने को मिली।
टोक्यो में उन्होंने निवेश के अवसरों पर जोर देते हुए वैश्विक उद्योग जगत और विशेष रूप से जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश के उद्योग, इंफ्रा-स्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री योगी के संदेश का केंद्र ‘प्रोडक्शन हब के रूप में यूपी’ के विजन को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना रहा।
यूपी ने निवेश से जुड़ी अपनी विशेष नीतियों और लाभों को भी जापानी उद्योगपतियों के सामने रखा, जिसमे तेज निर्णय प्रक्रिया, बड़े उपभोक्ता बाजार, बेहतर लॉजिस्टिक नेटवर्क, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र, और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इन बिंदुओं को उन्होंने निवेशकों के विश्वास को मजबूत करने के लिए रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री की यह बैठक जापानी उद्योगों के प्रमुख प्रतिनिधियों तथा वैश्विक कंपनियों के नेताओं के साथ होने वाली है, जिनके साथ टोक्यो में गो-टू-बिज़नेस (G-to-B) बैठकें और निवेश राउंडटेबल चर्चा आयोजित की जाएँगी। इन बैठकों में संभावित निवेश प्रस्तावों, प्रौद्योगिकी सहयोग और संयुक्त परियोजनाओं पर बातचीत होने की उम्मीद है।
योगी आदित्यनाथ ने कही ये बात
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि
“उत्तर प्रदेश का विशाल बाजार, कुशल कार्यबल और मजबूत बुनियादी ढांचा जापानी कंपनियों के लिए नए निवेश के अवसर पैदा करता है। साथ ही उन्होंने जापानी तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार को राज्य के विकास मॉडल में शामिल करने की इच्छा व्यक्त की, जिससे दोनों पक्षों को दीर्घकालिक साझेदारी के लाभ मिल सकें।”
इस यात्रा के परिणामस्वरूप उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश को नई वैश्विक पूंजी, तकनीकी साझेदारी और उद्योग सहयोग प्राप्त होंगे, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार सृजन बढ़ाने और राज्य को निवेश के मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने में मदद करेंगे।
