8th Pay Commission : कर्मचारियों के बीच आठवें वेतन आयोग को लेकर इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। अब हाल ही में नए पे कमीशन के तहत फिटमेंट फैक्टर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बताया जा रहा है कि नए पे कमीशन (new pay commission) में 1.83 फिटमेंट फैक्टर तय किया जा सकता है, जिससे कर्मियों की सैलरी में बंपर उछाल आ सकता है।
इन दिनों केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर खूब चर्चा हो रही है। सबसे ज्यादा चर्चा नए पे कमीशन के लागू होने के बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ने को लेकर है। अब हाल ही में यह जानकारी आई है कि आठवें वेतन आयोग में 1.83 फिटमेंट फैक्टर तय किया जा सकता है। खबर में जानिए आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission Updates) से जुड़े अपडेट के बारे में-
7th पे कमीशन में इतनी बढ़ी थी सैलरी
अगर पिछले पैटर्न को देखें तो 7th पे कमीशन के लागू होते ही न्यूनतम बेसिक सैलरी (Employees minimum basic salary) 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये हो गई थी। सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ था, जिससे कागज पर सैलरी में तकरीबन 157 प्रतिशत का इजाफा हुआ। हालांकि कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी सिर्फ 14 प्रतिशत के आसपास ही थी, क्योंकि बाकी का इजाफा डीए (DA Hike Updates) को बेसिक सैलरी में मर्ज करने से हुई थी।
कैसे तय होती है कर्मियों की नई सैलरी
बता दें कि वेतन आयोग पहले डीए को बेसिक सैलरी में मर्ज (DA merged with basic salary) करता है ताकि महंगाई के हिसाब से नई सैलरी तय की जा सके। 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू किया गया तो उस समय में डीए (Dearness Allowance) 125 प्रतिशत तक पहुंच चुका था। ऐसे में बेसिक सैलरी और डीए को जोड़कर 2.25 का आधार तैयार किया गया और फिर वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी को जोड़कर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय हुआ।
कितना हो सकता है डीए
अगर यही प्रोसेस 8th पे कमीशन (8th Pay Commission) में अपनाया जाता है तो केलकुलेशन कुछ अलग हो सकती है। उम्मीद है कि 1 जनवरी 2026 तक डीए लगभग 60 प्रेतिशत तक पहुंचने की संभावना है। अगर इसे बेसिक सैलरी (Central Employees News) में मर्ज कर दिया जाए तो महंगाई के अनुसार ये 1.60 बनता है। उसके बाद अगर 7वें वेतन आयोग के जैसे ही तकरीबन 14.22 प्रतिशत की वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी दी जाती है, तो इस हिसाब से फिटमेंट फैक्टर लगभग 1.83 बन सकता है।
क्या है सैलरी का कैलकुलेशन
अगर इस संभावित 1.83 फिटमेंट फैक्टर (fitment factor updates) को लागू किया जाता है तो इससे कर्मचारियों न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढकर 32,940 रुपये तक पहुंचने की संभावना है। यानी 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर कर्मियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी तकरीबन 33,000 रुपये के पास हो सकती है।
हालांकि अगर आयोग इससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर (fitment factor ) को निर्धारत करता है तो कर्मियों की सैलरी इससे भी ज्यादा होने की संभावना है। जानकारो का कहना है कि यह एक केलकुलेटिव उदाहरण है, कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है। अभी इसका आखिरी फैसला स्ट्रक्चर (Employees Salary Structure) तय करते समय महंगाई, देश की आर्थिक स्थिति, सरकारी खर्च और कई अन्य पहलुओं पर गौर कर तय किया जाएगा। हालांकि असली तस्वीर आयोग की अंतिम सिफारिशों के बाद ही क्लियर होगी।
