Gas Cylinder : पिछले काफी दिनों से मिडिल ईस्ट में तनाव नहीं रूक रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव का सीधा प्रभाव भारत में गैस सिलेंडर की आवक पर देखने को मिल रहा है। ऐसे में अब सरकार (Government Latest Update) ने इसपर एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके बाद देशभर में गैस सिलेंडर की शार्टेज नहीं होगी। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं सरकार के इस फैसले के बारे में-
गैस सिलेंडर की किल्लत को कम करने के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने गैस सिलेंडर की शार्टेज को कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले का सीधा (Gas Cylinder Price Today) प्रभाव आम लोगों और होटलों और रेस्टोरेंट मालिकों पर देखने को मिलेगा क्योंकि गैस सिलेंडर की किल्लत होने की वजह से सबसे ज्यादा इनको ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खबर में जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
बीते कुछ दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर होटलों और रेस्टोरेंट मालिकों के बीच चिंता में बढ़ौतरी देखने को मिल रही थी। अब सरकार (Modi Government Update on Gas Cylinder shortage) ने लोगों की इन परेशानियों पर पूर्णविराम लगा दिया है। सरकार ने संकट को भांपते हुए न सिर्फ अपनी रणनीति को बदल है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं आई है।
रेस्टोरेंट मालिकों के लिए बड़ा अपडेट-
सरकार ने व्यावसायिक उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में IOC, HPCL और BPCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स (EDs) को शामिल किया गया है। यह कमेटी रेस्टोरेंट एसोसिएशनों के साथ सीधी बातचीत करने वाली है। साथ ही साथ उनकी वास्तविक जरूरतों को समझेगी। सप्लाई की प्राथमिकताओं (Gas Cylinder Ka rate) को दोबारा तय करेगी इसकी वजह से बिजनेस पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
घरेलू गैस का उत्पादन में हुई 10 प्रतिशत की बढ़ौतरी-
सरकार की री-प्रायोरिटाइजेशन रणनीति अब रंग ला रही है। सप्लाई को सही दिशा में मोड़ने की वजह से पिछले कुछ दिनों में घरेलू LPG उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत तक की बढ़ौतरी (Gas Cylinder Price hike) देखने को मिल रही है। साथ ही में, अलग-अलग स्रोतों से LPG और LNG की नई खेपें भारत पहुंच रही हैं और आने वाले दिनों में और भी कंसाइनमेंट आने की पूरी उम्मीद लगाई जा रही है।
भारत ने छोड़ा संकट को पीछे-
पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस बात को क्लियर कर दिया है कि ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran–Israel conflict) की वजह से पैदा हुए वैश्विक व्यवधान के लिए भारत पहले से कहीं ज्यादा तैयार था। हमारी रिफाइनरियां संघर्ष से पहले की तरह अब पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। भारत अपनी 70 प्रतिशत कच्चा तेल की सप्लाई अब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) के अलावा अन्य सुरक्षित स्रोतों से प्राप्त कर रहा है। साथ ही में सरकार का मानना है कि जैसे ही ये वैश्विक संकट खत्म हो जाता है वैसे ही भारत अन्य देशों की तुलना में सबसे तेजी से और बेहतर तरीके से उबरने की स्थिति में आ जाएगा।
एक्सपोर्ट पर नहीं लगाई कोई रोक-
हालांकि अभी तक रिफाइंड ऑयल (petroleum products) के निर्यात पर रोक लगाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसके माध्यम से ये स्पष्ट हो जाता है कि भारत के पास पर्याप्त स्टॉक है और व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार के इस सक्रिय कदम ने ये साबित कर दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) पूरी तरह सुरक्षित हाथों में मौजूद है। जहां एक ओर घरों की रसोई निर्बाध चल रही है, वहीं दूसरी ओर रेस्टोरेंट और कमर्शियल सेक्टर की जरूरतों को भी अब प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की तैयारी हो रही है। ऐसे में अब आप बेफिक्र होकर अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट में जाएं और खाने का आनंद लें, क्योंकि सरकार ने गैस के मोर्चे पर वॉर रूम तैयार कर लिया है।
