Anaj Mandi New Rules : हरियाणा की मंडियों में किसानों की लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी शिकायत अब दूर होने जा रही है। फसल के वजन में हो रही धांधली और कटौती को रोकने के लिए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। इस नई व्यवस्था का उद्देशय किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना है। नई व्यवस्था (New System In Mandi) शुरू होने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पिछले कई दिनों से हरियाणा की मंडियों में किसानों द्वारा शिकायत दर्ज करवाई जा रही थी कि उनकी फसलों के वजन में धांधली हो रही है अनियमित कटौती से जुड़ी भी कई शिकायतें सामने आई है। फसलों के तोल में हो रही इस धोखाधड़ी तथा कटौती पर रोकथाम लगाने के लिए प्रशासन की तरफ से नया कदम उठाया गया है। आपको बता दे कि किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम दिलाने के लिए प्रशासन की तरफ से अब एक नई व्यवस्था (Mandi Update) लागू कर दी गई है जिसके तहत तोल प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और इस नई प्रणाली का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम (fair price of crop) मिले और उनके साथ कोई धोखा न हो।
आपको बता दे कि अब रबी सीजन की फसलों (Rabi season crops) की खरीद से पहले मंडियों के लिए नए नियम लागू (Anaj Mandi New Rules) किए गए हैं। इन नए प्रावधानों के तहत सरसों और गेहूं की तुलाई पर कड़ी निगरानी के आदेश जारी किए गए है, ताकि किसानों को वजन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमित कटौती का सामना न करना पड़े।
इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से होगी तुलाई
इस बार मंडियों में सरसों और गेहूं की तुलाई इलेक्ट्रॉनिक मशीनों (Crop Weighing) के माध्यम से की जाएगी। सभी आढ़तियों को इन नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्थ को लागू करने के लिए मार्केटिंग बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक पता चला है कि 27 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने की संभावना है। जिले की मंडियों में अलग-अलग सरकारी एजेंसियां आढ़तियों के जरिए किसानों की सरसों और गेहूं की खरीद करती हैं। अब तक मंडियों में किसानों की फसल की तुलाई (Crop Weighing New Rules) पुराने कांटों से ही की जाती रही है।
मंडियों में पुराने कांटों से होने वाली तुलाई को लेकर लंबे समय से वजन कम दिखाने के आरोप लगते रहे हैं। किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए अब इलेक्ट्रॉनिक कांटों से ही फसलों की तुलाई (Weighing crops with electronic weighing scales) अनिवार्य कर दी है।
रेवाड़ी नई अनाज मंडी
बात की जाए रेवाड़ी नई अनाज मंडी (Rewari New Grain Market) की तो वहां तकरीबन 100 आढ़ती है जो गेहूं और सरसों की खरीद बिक्री का कार्य करते हैं। अब इन सभी आढ़तियों को इलेक्ट्रिक मशीन खरीदनी ही होगी। अब तक सभी आढ़ती पुराने बट्टा वाली मशीनों से ही तोल कर रहे हैं और अलग-अलग मशीन में फसलों का वजन भी अलग-अलग होता है। इसी के चलते किसानों की तरफ से ज्यादातर शिकायत सामने आ रही है।
किसान अपनी फसलों के वजन को देख सकेंगे
किसानों को अब अपनी उपज का असली वजन (Latest Hindi News) देखने में आसानी होगी, क्योंकि मंडियों में तौल अब इलेक्ट्रॉनिक कांटों से की जाएगी। डिजिटल स्क्रीन पर सीधे वजन दिखाई देगा, जिससे बार-बार तौल पर सवाल उठाने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
सरकार (Government News Hindi) ने इस किसानों के हित में अनिवार् किया है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मशीनो की सही कार्यप्रणाली बनाए रखने के लिए नियमित जांच और निगरानी जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
