LPG cylinder – देश के कई राज्यों में रसोई गैस की किल्लत अब आम लोगों के साथ-साथ होटल और रेस्तरां कारोबार को भी प्रभावित करने लगी है। कई जगह रसोई बंद करनी पड़ रही है और कालाबाजारी की शिकायतें बढ़ रही हैं। आखिर गैस की कमी क्यों हो रही है और इसका असर कहां-कहां दिख रहा है, आइए नीचे खबर में जानते हैं-
केंद्र सरकार की ओर से बार-बार सफाई दिए जाने के बावजूद रसोई गैस की किल्लत (shortage of cooking gas) को लेकर लोगों की चिंताएं कम नहीं हो रही हैं। सरकारी प्रयासों पर अफवाहें हावी नजर आ रही हैं। कालाबाजारी (black marketing) और जमाखोरी के चलते कुछ इलाकों में रसोई गैस सिलेंडरों की कमी (Shortage of cooking gas cylinders) का असर दिखने लगा है।
रसोई गैस संकट (LPG crisis) का असर अब सार्वजनिक संस्थानों तक पहुंचने लगा है। Delhi High Court की कैंटीन में खाना देना बंद कर दिया गया है। वहीं Ayodhya में निशुल्क भोजन उपलब्ध कराने वाली Ram Rasoi को मंगलवार को तय समय से करीब एक घंटा पहले बंद करना पड़ा था। बुधवार को इसे अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया।
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) ने सभी कैटरिंग यूनिट्स को माइक्रोवेव और इंडक्शन जैसे वैकल्पिक इंतजाम रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं Uttar Pradesh में घरेलू गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी के चलते कृत्रिम किल्लत की स्थिति बन गई है, जिससे कई इलाकों में गैस के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
रसोई गैस संकट का असर अब Firozabad के कांच उद्योग पर भी दिखने लगा है। UP Glass Manufacturers Syndicate ने उत्पादन घटाने का फैसला लिया है। बुधवार से कांच की बोतल बनाने वाले ऑटोमैटिक कारखानों और चूड़ी के टैंक फर्नेस यूनिट्स में 30-40 प्रतिशत तक उत्पादन कम कर दिया गया है। वहीं, चूड़ी के पॉट फर्नेस कारखानों से जुड़े उद्यमियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
उद्यमियों का कहना है कि गैस कोटा में कटौती के बाद उन्हें स्पॉट RLNG गैस का ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ेगा। इससे गैस की लागत बढ़कर 60-70 रुपये प्रति घनमीटर तक पहुंच सकती है, जबकि पहले यह 35-36 रुपये प्रति घनमीटर की दर से उपलब्ध हो रही थी।
पंजाब विधानसभा में गूंजा गैस संकट का मुद्दा-
पंजाब में गैस संकट का मुद्दा बुधवार को विधानसभा में भी गूंजा। बजट सत्र के दौरान खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक ने केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया, जिस पर गुरुवार को बहस होगी। राज्य में कमर्शियल (Commercial) सिलिंडरों की सप्लाई लगभग ठप है और घरेलू सिलिंडरों की बुकिंग (Booking) भी बंद कर दी गई है। नंगल और बठिंडा में एनएफएल (NFL) के प्लांट में गैस की कमी के कारण यूरिया उत्पादन रोकना पड़ा है।
बिहार में गैस एजेंसियों के कार्यालयों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। वहीं मध्य प्रदेश में इंदौर समेत कई जगहों पर बुधवार को एजेंसियों के दफ्तरों में हंगामा देखने को मिला। भोपाल में सिलिंडर बुकिंग की व्यवस्था ठप होने से लोग परेशान रहे। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में रसोई गैस के लिए कतारें लगने लगी हैं। देहरादून में कालाबाजारी रोकने के लिए 65 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान 37 सिलिंडर जब्त किए गए।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल या रसोई गैस की किसी तरह की किल्लत नहीं है, हालांकि कई इलाकों से मुनाफाखोरी की शिकायतें सामने आई हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी के चलते होटल, भोजनालय और औद्योगिक इकाइयों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
छत्तीसगढ़ में गैस संकट, 70 प्रतिशत होटलों की रसोई बंद-
छत्तीसगढ़ में गैस की आपूर्ति बाधित होने से होटल और रेस्तरां कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बुधवार को करीब 70 प्रतिशत होटलों ने खाना बनाने का काम अस्थायी रूप से बंद कर दिया। हालात ऐसे हैं कि कामर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत बढ़कर 5,000 रुपये तक पहुंच गई है।
रायपुर के मालवीय रोड स्थित गुजराती होटल (Gujarati Hotel, Malviya Road, Raipur) के संचालक महेश खिलोशिया ने कहा कि नियमित गैस आपूर्ति न होने के कारण रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। वहीं, कुछ मैरिज हाल संचालकों का कहना है कि गैस संकट के चलते विवाह और अन्य सामाजिक समारोह भी प्रभावित हो सकते हैं।
