Savings Account Rule : आज के समय में बैंक में खाता सभी रखते हैं। ज्यादातर लोग अपनी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए सेविंग अकाउंट जरूर ओपन करवाते हैं। लेकिन सेविंग अकाउंट से जुड़े नियमों के बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं होती। ऐसे में छोटी सी गलती की वजह से बड़ी मुसीबत में फंस जो हैं। बता दें कि अगर सेविंग अकाउंट में लिमिट से ज्यादा पैसा जमा करने पर इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिल सकता है। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं इस कंडीशन में क्या करना चाहिए।
आज ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जमाने में हर किसी का बैंक में कोई न कोई बैंक अकाउंट है। आमतौर पर अकाउंट दो तरह के होते हैं सेविंग और करंट अकाउंट। आज देश में लोगों के पास सबसे ज्यादा सेविंग अकाउंट है, क्योंकि सैलरीड क्लास हर महीने कुछ न कुछ सेविंग इसी अकाउंट में करता है। इस अकाउंट का इस्तेमाल सेविंग करने के लिए किया जाता है।
सेविंग अकाउंट में ज्यादातर ट्रांजेक्शन पैसे निकालने की नहीं जमा करने की होती है। सेविंग अकाउंट में पैसा जमा करने पर ब्याज भी मिलता है। ये बात सभी जानते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि सेविंग अकाउंट में पैसा जमा करने की कितनी लिमिट होती है। यदि लिमिट से ज्यादा अमाउंट जमा किया जाता है तो आपको इनकम टैक्स का नोटिस भी मिल सकता है।
सबसे पहले इन बातों का रखें ध्यान…
सेविंग अकाउंट रखने वालों को इस अकाउंट से जुड़े कुछ नियमों (Savings Account Rule) के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति अपने सेविंग अकाउंट में एक फाइनेंशियल ईयर (1 अप्रैल से 3 मार्च के बीच) 10 लाख रुपये से अधिक राशि सेविंग खाते में जमा करता है, तो इसे हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन कंसीडर किया जाता है।
ऐसी स्थिति में उसे बैंक या दूसरे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन को इनकम टैक्स एक्ट (income tax act) 1962 के सेक्शन 114B के तहत सूचना देनी होगी। अगर आप एक दिन में 50,000 रुपये से अधिक ट्रांजैक्शन करते हैं, तो आपको पैन नंबर देना होगा। पैन नंबर न होने की स्थिति में फॉर्म 60/61 जमा करना जरूरी है। इन नियमों का उल्लंघन करते हैं तो भारी जुर्माना भी चुकाना पड़ सकता है और सजा भी हो सकती है।
सेविंग अकाउंट में पैसा रखने की लिमिट –
इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक, सेविंग अकाउंट में कैश रखने की लिमिट (Savings Account Money Deposit Limit) 10 लाख रुपये है। यदि अकाउंट में आज इस तय सीमा से ज्यादा पैसे रखते हैं तो वह ITR के दायरे में आता है। अगर आप ज्यादा कैश रखते हैं, तो आपको जो ब्याज मिलता है उस पर आपको टैक्स भरना होता है। यदि आप इस अमाउंट पर टैक्स अदा नहीं करते हैं तो इनकम टैक्स विभाग की ओर से नोटिस मिल सकता है।
ITR का नोटिस मिलने पर करें ये काम –
अगर आपको इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिला है तो आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT Department) को जानकारी देनी होगी कि आपको सेविंग अकाउंट में जमा राशि पर कितना ब्याज मिलता है। आप अकाउंट में कितना पैसे रखते हैं, क्योंकि, आपके सेविंग अकाउंट के डिपॉजिट से जो इंटरेस्ट मिलता है वह आपके इनकम में जोड़ा जाता है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
लीगल एक्शन से बचने के लिए फंड के सोर्स का रखें प्रूफ
अगर आपने एक Financial Year में 10 लाख रुपये से ज्यादा डिपॉजिट किया है, तो आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) की तरफ नोटिस भेजा जाएगा। आपको इस नोटिस का जवाब देने के लिए फंड के सोर्स का प्रूफ देना होगा। ये प्रूफ बैंक स्टेटमेंट, इन्वेस्टमेंट रिकॉर्ड और विरासत से जुड़े डॉक्यूमेंट्स हो सकते हैं।
एक व्यक्ति कितने सेविंग अकाउंट खुलवा सकता है –
आप अपनी इनकम के हिसाब से कितने भी सेविंग अकाउंट (Savings Account) रख सकते हैं। लेकिन, आपको उतने ही अकाउंट खोलने चाहिए, जिन्हें आप मैनेज कर सके. आमतौर पर सेविंग, इंवेस्टमेंट और अपने खर्चों के लिए 3 सेविंग अकाउंट होना अच्छा माना जाता है, ताकि आपको अपने पैसों को मैनेज करने में आसानी हो।
एक से अधिक अकाउंट खुलवाने पर देना होगा चार्ज –
भारत में एक से ज्यादा बैंक अकाउंट (Bank Account Rules) रखने पर किसी भी तरह की सजा या जुर्माने का प्रावधान नहीं है। हालांकि, एक से ज्यादा बैंक अकाउंट होने की स्थिति में आपको हर एक बैंक अकाउंट के KYC को अपडेट रखना चाहिए। इसके अलावा किसी भी अकाउंट को वैध रखने के लिए पैन, आधार एड्रेस प्रूफ देना भी जरूरी है।
