Cibil Score : अगर आप लोन या क्रेडिट कार्ड से जुड़े फैसले लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो सिबिल स्कोर को समझना बेहद जरूरी है। बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि उनका क्रेडिट स्कोर (credit score) कितना है और यह क्यों अहम माना जाता है। आज इस खबर में हम बताएंगे कि सिबिल स्कोर कैसे चेक किया जाता है और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है-
अगर आप क्रेडिट कार्ड या लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो इसमें सिबिल स्कोर की अहम भूमिका होती है। अच्छा सिबिल स्कोर होने पर लोन आसानी से मिल जाता है, जबकि खराब स्कोर के कारण दिक्कत आ सकती है। यदि आप अपना सिबिल स्कोर चेक (cibil score check) करना चाहते हैं, तो उमंग ऐप समेत कुछ ऐप्स के जरिए साल में एक बार इसे मुफ्त में देखा जा सकता है।
इन तरीकों से घर बैठे करें सिबिल स्कोर चेक-
उमंग ऐप के जरिए-
अगर आप उमंग ऐप का इस्तेमाल करते हैं तो उसके जरिए आसानी से आप साल में एक बार मुफ्त में सिबिल स्कोर चेक कर सकते है।
यूपीआई ऐप के जरिए-
आप Google Pay और PhonePe जैसे कई यूपीआई प्लेटफॉर्म के जरिए भी अपना सिबिल स्कोर चेक कर सकते हैं। इसके लिए ऐप में लॉगिन करें और सिबिल स्कोर वाले विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद पैन और ओटीपी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करें। वेरिफिकेशन पूरा होते ही आपका सिबिल स्कोर स्क्रीन पर दिख जाएगा।
सिबिल की अधिकारिक वेबसाइट के जरिए-
आपको सिबिल की आधिकारिक वेबसाइट (Official website of CIBIL) http://www.cibil.com पर जाना हैं। यहां आपको अपनी जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद ‘Get Your Free CIBIL Score & Report’ विकल्प पर क्लिक करें। इस प्रक्रिया के जरिए आप साल में एक बार मुफ्त में अपना सिबिल स्कोर और रिपोर्ट देख सकते हैं।
किन कारणों से खराब होता है सिबिल स्कोर-
– आप समय पर लोन की ईएमआई का भुगतान नहीं करते हैं।
– क्रेडिट कार्ड के बिलों का पेमेंट लेट करते हैं।
– अगर आप लोन (loan) के लिए आवेदन कर रहे हैं और बैंक के द्वारा आपकी एप्लीकेशन (application) को बार-बार रिजेक्ट कर दिया जाता है।
कैसे सुधारा जा सकता है सिबिल स्कोर को-
– आपको ईएमआई (EMI) और क्रेडिट कार्ड बिलों (Credit card Bill) का भुगतान हमेशा तय तारीख पर करना चाहिए।
– अपनी कुल क्रेडिट सीमा के 30-40% से अधिक इस्तेमाल न करें।
– लोन के लिए बार-बार आवेदन न करें।
– अपने पुराने क्रेडिट कार्ड या लोन खाते बंद न करें, क्योंकि लंबी क्रेडिट हिस्ट्री (credit histroy) से स्कोर बेहतर बनता है।
– रेगुलर अपनी सिबिल रिपोर्ट चेक करें और कोई गलत जानकारी होने पर उसमें सुधार करवाएं।
