टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले टीम इंडिया ने अंधविश्वास के चलते अपना होटल बदल लिया था। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इसके पीछे की वजह का खुलासा किया।
Suryakumar Yadav on why India changed thier hotel ahead of final: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के पीछे एक दिलचस्प किस्सा भी जुड़ा हुआ है। भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अब खुलासा किया है कि फाइनल से ठीक पहले टीम ने एक ऐसा फैसला लिया था, जिसके बारे में शायद ही किसी को पता हो।
दरअसल, टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले अपना होटल ही बदल लिया था। सूर्यकुमार यादव के मुताबिक यह फैसला अंधविश्वास के चलते लिया गया था और टीम ने जीत के लिए किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ने का फैसला किया था।
Suryakumar Yadav ने क्यों फाइनल से पहले टीम इंडिया ने बदला होटल
सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में बताया कि सेमीफाइनल मुकाबले के लिए टीम मुंबई जा रही थी। उसी दौरान फ्लाइट में टीम के एक खिलाड़ी ने होटल बदलने का सुझाव दिया। सूर्या ने बताया कि कई टीमें पहले भी ऐसा कर चुकी थीं और उस समय टीम किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती थी। उन्होंने कहा कि सेमीफाइनल इंग्लैंड के खिलाफ था, जिसे भारत ने आखिरी ओवर में जीता था। ऐसे में टीम ने सोचा कि ऑफ-फील्ड भी कुछ अलग किया जाए ताकि किस्मत साथ दे।

2023 वर्ल्ड कप की याद भी थी वजह
सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने बताया कि जिस होटल में टीम ठहरी हुई थी, वही होटल 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान भी इस्तेमाल किया गया था। उस फाइनल में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भी भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार मिली थी। दोनों मुकाबलों में पिच धीमी थी और टीम को मनचाहा परिणाम नहीं मिला था, इसलिए खिलाड़ियों ने माहौल बदलने का फैसला किया।

अहमदाबाद स्टेडियम को लेकर भी थी चर्चा
सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने यह भी साफ किया कि अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम टीम इंडिया के लिए अनलकी नहीं है। 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में हार के बाद कई लोग इस मैदान को लेकर ऐसी बातें कर रहे थे। हालांकि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने उसी मैदान पर शानदार जीत हासिल की और यह साबित कर दिया कि मैदान नहीं बल्कि प्रदर्शन मायने रखता है।
