IPL 2026 से पहले BCCI ने प्रैक्टिस सेशन को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। अब एक ही पिच पर दो टीमें अभ्यास नहीं कर सकेंगी और हर टीम को अलग प्रैक्टिस पिच दी जाएगी।
BCCI new rules for practise session for IPL 2026: आईपीएल 2026 के शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने प्रैक्टिस सेशन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने फ्रेंचाइजियों को नई गाइडलाइन्स भेजते हुए साफ कर दिया है कि इस बार अभ्यास के दौरान पिच और नेट्स के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम लागू होंगे।
दरअसल, BCCI नहीं चाहता कि किसी टीम को अभ्यास के दौरान अतिरिक्त फायदा मिले या पिच की गुणवत्ता पर असर पड़े। इसी वजह से प्रैक्टिस पिच और नेट्स के इस्तेमाल को लेकर नए नियम बनाए गए हैं, जिन्हें सभी फ्रेंचाइजियों को मानना होगा।
IPL 2026: एक ही पिच पर दो टीमों के अभ्यास पर बैन
BCCI की ओर से जारी प्रैक्टिस गाइडलाइन्स के अनुसार अब एक ही पिच पर दो टीमों को अभ्यास करने की अनुमति नहीं होगी। अगर किसी पिच पर एक टीम ने नेट सेशन कर लिया है, तो उस पिच का इस्तेमाल दूसरी टीम नहीं कर सकेगी।

बोर्ड ने साफ कहा है कि अगर एक टीम के बाद दूसरी टीम अभ्यास करने आती है तो उसके लिए नए नेट और नई पिच तैयार की जाएगी। यहां तक कि थ्रोडाउन के लिए भी दूसरी टीम पहले इस्तेमाल की गई पिच का उपयोग नहीं कर सकेगी।
IPL 2026: हर टीम को मिलेगी अलग प्रैक्टिस पिच
BCCI की पांच पन्नों की गाइडलाइन्स के मुताबिक हर टीम को अभ्यास के लिए अलग पिच उपलब्ध कराई जाएगी। अगर दोनों टीमें एक ही समय पर या एक के बाद एक अभ्यास करती हैं, तब भी वे एक-दूसरे के नेट्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी।
IPL 2026: BCCI ने क्यों लिया यह फैसला?
BCCI का यह कदम मुख्य रूप से प्रैक्टिस पिचों की गुणवत्ता बनाए रखने और सभी टीमों को बराबर सुविधाएं देने के उद्देश्य से उठाया गया माना जा रहा है। बोर्ड चाहता है कि किसी भी फ्रेंचाइजी को अभ्यास के दौरान पिच की स्थिति का अतिरिक्त फायदा न मिले। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सीजन के दौरान इस्तेमाल होने वाली पिचें पहले से ज्यादा प्रभावित न हों और उनका स्तर बरकरार रहे।

प्रैक्टिस मैच और व्यवस्था को लेकर भी नियम
BCCI ने प्रैक्टिस मैच को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए हैं। अगर कोई टीम फ्लडलाइट में प्रैक्टिस मैच खेलना चाहती है तो उसकी समय सीमा साढ़े तीन घंटे से ज्यादा नहीं होगी और किसी भी टीम को अधिकतम दो प्रैक्टिस मैच खेलने की अनुमति होगी। इसके अलावा कोई भी प्रैक्टिस मैच मेन स्क्वॉयर पर नहीं खेला जाएगा, क्योंकि उसी पिच को आईपीएल मुकाबलों के लिए तैयार किया जाएगा।
