Harbhajan Singh: आईपीएल का नया सीजन शुरू हो चुका है और पहले ही मैच में डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आसान जीत के साथ अपने अभियान का आगाज किया। आईपीएल का पहला मैच खत्म होने के बाद दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह कुछ यूजर्स से भिड़ गए।
IPL 2026, Harbhajan Singh: आईपीएल 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व गेंदबाज हरभजन सिंह कमेंट्री करते नजर आ रहे हैं। आईपीएल 2026 के दौरान कमेंट्री पैनल का हिस्सा बने हरभजन का एक ट्रोल यूजर के साथ तीखा विवाद हो गया, जिसने देखते ही देखते सोशल मीडिया पर बड़ा रूप ले लिया।
इस पूरे मामले में हरभजन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर भी काफी चर्चा हो रही है। पूरा विवाद एक ट्रोल अकाउंट की टिप्पणी से शुरू हुआ। उस यूजर ने वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर इयान बिशप की तारीफ करते हुए उन्हें हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग और नवजोत सिंह सिद्धू से ज्यादा भारतीय बताया। इस टिप्पणी के जरिए यूजर ने भारतीय खिलाड़ियों पर तंज कसने की कोशिश की।
IPL 2026: क्या है पूरा मामला?
हालांकि, मामला यहीं नहीं रुका। उसी यूजर ने आगे बढ़ते हुए हरभजन सिंह पर व्यक्तिगत टिप्पणी की और उन्हें सलाह दी कि वह अपनी कमेंट्री पर ध्यान दें। साथ ही यह भी कहा कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो रविचंद्रन अश्विन उनकी जगह ले सकते हैं, जैसे उन्होंने भारतीय टीम में उनकी जगह ली थी।
Harbhajan Singh का तीखा हमला
इस तरह की टिप्पणी से हरभजन सिंह नाराज हो गए और उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लगातार कई पोस्ट करते हुए ट्रोल को जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने सख्त और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

Harbhajan Singh के बयान से मचा तहलका
हरभजन का यह अंदाज कई लोगों को पसंद नहीं आया, जबकि कुछ फैंस ने उनका समर्थन भी किया और कहा कि ट्रोल्स को उसी भाषा में जवाब देना जरूरी हो जाता है। हालांकि, सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा को लेकर एक अलग बहस भी छिड़ गई है।
इस पोस्ट के बाद से ही हरभजन को स्टार स्पोर्ट्स की कॉमेंट्री टीम से बाहर करने की मांग होने लगी। वैसे ये पहला मौका नहीं है, जब हिंदी कॉमेंट्री को लेकर सवाल उठे हैं। अक्सर फैंस हिंदी कॉमेंट्री के स्तर की आलोचना करते रहे हैं और एक शिकायत हमेशा यही रहती है कि कॉमेंट्री करने वाले ज्यादातर पूर्व क्रिकेटर्स खेल की बारीकियों को समझाने के बजाए सिर्फ अपने किस्से सुनाते हैं या इधर-उधर की बातें करते हैं। इसके अलावा कई खिलाड़ियों को लेकर उनकी कमजोर जानकारी को लेकर भी आलोचना होती रही है।
