शुक्रवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कमजोर मांग और वैश्विक संकेतों के चलते कीमतों पर दबाव साफ दिखाई दिया। राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमत एक झटके में ₹5,700 गिर गई, जबकि सोने के भाव में भी करीब ₹1,600 की कमी आई।
घरेलू बाजार में गिरावट क्यों आई?
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमत करीब 2.2% गिरकर ₹2,53,000 प्रति किलोग्राम पर आ गई। वहीं, 99.9% शुद्धता वाला सोना लगभग 1.01% कमजोर होकर ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू बाजार में सुस्त मांग और निवेशकों की सतर्कता ने इस गिरावट को बढ़ावा दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या है हाल?
वैश्विक बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला।
- सोना हल्की गिरावट के साथ लगभग $4,786.90 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है
- चांदी में 1% से ज्यादा की तेजी, करीब $79.28 प्रति औंस
यह अंतर बताता है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार अलग-अलग कारकों से प्रभावित हो रहे हैं।
कीमतों पर दबाव के मुख्य कारण
कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार, सोने पर दबाव के पीछे कई वजहें हैं:
- मजबूत अमेरिकी डॉलर
- स्थिर बॉन्ड यील्ड
- भू-राजनीतिक अनिश्चितता
- निवेशकों का सतर्क रुख
Saumil Gandhi के मुताबिक, सोना हाल के दिनों में ऊंचे स्तर बनाए रखने में असफल रहा है, जिससे बाजार में इसकी मजबूती कमजोर पड़ी है।
विशेषज्ञों की राय क्या कहती है?
Jatin Trivedi का कहना है कि बाजार फिलहाल बड़े घटनाक्रमों का इंतजार कर रहा है। युद्धविराम और वैश्विक बातचीत से जुड़े अपडेट्स के पहले निवेशक सतर्क हैं, जिसके कारण सोना सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
आने वाले दिनों में सोना-चांदी की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाओं पर निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ा संकेत मिलता है, तो कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल बाजार “वेट एंड वॉच” मोड में है।
