Sunil Narine record against Nicolas Pooran: सुपर ओवर में लखनऊ सुपर जायंट्स ने सुनील नरेन के सामने जब निकोलस पूरन को भेजने का फैसला किया उसी वक्त पंत और LSG मैनेजमेंट की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना होने लगी क्योंकि नरेन के खिलाफ सुपर ओवर में पूरन का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं है।
Sunil Narine record against Nicolas Pooran: रविवार, 26 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच इस सीजन का पहला सुपर ओवर देखने को मिला। जिसमें केकेआर के स्टार ऑलराउंडर सुनील नरेन और फिनिशर रिंकू सिंह ने मिलकर 4 गेंदों पर ही खेल खत्म कर दिया।
लखनऊ सुपर जायंट्स ने केकेआर के खिलाफ सुपर ओवर में एक ऐसी बड़ी गलती कर दी। जिसका खामियाजा टीम को 2 पॉइंट्स गंवाकर चुकाना पड़ा। केकेआर की ओर से सुपर ओवर में गेंदबाजी करने सुनील नरेन (Sunil Narine) को भेजा गया तो वहीं लखनऊ की ओर से सुपर ओवर में निकोलस पूरन और एडेन मार्करम को भेजा गया।
Sunil Narine ने किया पूरन को बोल्ड
सुपर ओवर में लखनऊ सुपर जायंट्स के फैसले की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। निकोलस पूरन को LSG की ओर से सुपर ओवर में बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, जिनको सुनील नरेन ने पहली ही गेंद पर क्लीन बोल्ड कर दिया। यही वजह रही कि लखनऊ की टीम सुपर ओवर में सिर्फ 1 रन ही बना सकी।

मोहम्मद शमी से नहीं करवाया सुपर ओवर
दूसरा सबसे हैरान करने वाला फैसला यह रहा कि जिस गेंदबाज ने इस मैच में एक भी विकेट नहीं लिया, उसे सुपर ओवर में गेंदबाजी के लिए भेजा गया, जबकि टीम में मोहम्मद शमी जैसा अनुभवी गेंदबाज मौजूद थे। जब शमी ने आखिरी ओवर में छक्का लगाकर मैच को टाई कर सुपर ओवर तक पहुंचाया, तब सभी को अंदाजा था कि कोलकाता की ओर से सुनील नरेन ही गेंदबाजी करेंगे।
Sunil Narine का निकोलस पूरन के खिलाफ रिकॉर्ड
इसी गेंदबाज के खिलाफ निकोलस पूरन का एक पुराना रिकॉर्ड भी रहा है, जो इस फैसले पर सवाल खड़े करता है। करीब 12 साल पहले कैरेबियन प्रीमियर लीग में भी पूरन, सुनील नरेन के सुपर ओवर में एक भी रन नहीं बना सके थे। इसके बावजूद उन्हें फिर से उसी गेंदबाज के खिलाफ उतारना टीम मैनेजमेंट का चौंकाने वाला निर्णय रहा।
KKR vs LSG मुकाबले का हाल
इस मुकाबले में कोलकाता ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 155 रन बनाए। 156 रन के लक्ष्य के जवाब में लखनऊ ने 19 ओवर तक 139 रन बना लिए थे और आखिरी ओवर में 17 रन की जरूरत होने। उस ओवर की 5 गेंदों पर टीम 10 रन ही बना पाई थी और आखिरी गेंद पर मोहम्मद शमी ने छक्का लगाकर हारे हुए मुकाबले में LSG को फिर से लड़ने का मौका दिया।
जिस मैच को मोहम्मद शमी ने KKR के हाथों में जाने से रोक लिया, वह मैच अंत में कप्तान ऋषभ पंत और टीम मैनेजमेंट के फैसलों की वजह से हाथ से निकल गया।
